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Petroleum Jelly Production in Hindi पेट्रोलियम जेली उत्पादन

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Petroleum Jelly की बात करें तो इसका इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के सौन्दर्य प्रसाधनों को तैयार करने में किया जाता है क्योंकि यह सूखी अर्थात ड्राई एवं क्षतिग्रस्त त्वचा की कोशिकाओं में एक बैरिएर के तौर पर काम करती है । यह त्वचा को प्राकृतिक रूप से रिकवरी करने में मदद प्रदान करती है। आम तौर पर सर्दियों में इसका इस्तेमाल रूखी त्वचा होने पर अधिक किया जाता है। Petroleum Jelly का कार्य त्वचा को विभिन्न समस्याओं जैसे शुष्क त्वचा, फटी त्वचा, त्वचा पर मामूली कट, खुरचन एवं जलने से बचाने का भी होता है । कहने का आशय यह है की उपर्युक्त सारी त्वचा सम्बन्धी समस्याओं में पेट्रोलियम जेली मददगार साबित होती है। इसके अलावा यह त्वचा पर उभरी ड्राई लाइन को कम करने में भी मदद करता है। Petroleum Jelly का उपयोग शरीर के किसी भाग की त्वचा एवं होंठों को ड्राई एवं जकड़न से बचाने के लिए भी किया जा सकता है। यह सॉफ्ट पैराफिन/ पैराफिन वैक्स या मल्टी हाइड्रोकार्बन, हाइड्रोकार्बन का अर्धठोस मिश्रण होता है। और मूल रूप से इसके उपचार गुणों को देखते हुए इसे एक अच्छे मरहम के तौर पर प्रचारित किया जाता रहा है। आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से Petroleum Jelly Manufacturing व्यापार से सम्बंधित जानकारी देने का प्रयत्न कर रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

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पेट्रोलियम जेली क्या है (What is Petroleum Jelly in Hindi):   

Petroleum Jelly कुछ मिनरल तेलों एवं पैराफिन वैक्स का एक मिश्रण होता है हालांकि इसे एक ऐसे जेली भी कह सकते हैं जिसमें हाइड्रोकार्बन का मिश्रण होता है जिसका इस्तेमाल लुब्रिकेंट या मलहम के तौर पर किया जाता है। यह जहाँ त्वचा में प्राकृतिक नमी लौटाने का काम करता है वहीँ त्वचा पर आई मामूली खरोंच इत्यादि के उपचार में भी यह सहायक होता है। यही कारण है की इसका इस्तेमाल ब्यूटी एवं कॉस्मेटिक से जुड़े अनेकों उत्पादों को बनाने में भी किया जाता है । इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर जब किसी उद्यमी द्वारा अपनी कमाई करने के लिए पेट्रोलियम जेली बनाने का काम किया जाता है तो उसके द्वारा किया जाने वाला यह काम Petroleum Jelly Manufacturing Business कहलाता है।

उत्पाद एवं इसके उपयोग: 

Petroleum Jelly को खनिज जेली या पेट्रोलेटम के रूप में भी जाना जाता है । यह ज्यादातर विभिन्न क्रीम, मलहम, लोशन आदि की तैयारी के लिए, सौंदर्य प्रसाधन और दवा में इमल्शन के रूप में उपयोग में लायी जाती है । इसके अलावा वाणज्यिक तौर पर पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल लुब्रिकेंट एवं ग्रीज़ बनाने में भी किया जाता है । अच्छी गुणवत्तायुक्त पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल वेसिलीन बनाने में भी किया जाता है, अच्छी गुणवत्तायुक्त टॉयलेट सोप के निर्माण में इसे एक मॉइस्चराइजर के रूप में इस्तेमाल में लाया जाता है। वर्तमान में Petroleum Jelly का इस्तेमाल लोहे के सामान जैसे ब्लेड, वायर सर्जिकल उपकरणों इत्यादि में जंग विरोधी एजेंट के तौर पर भी इस्तेमाल में लाया जाता है। यह बाजार में विभिन्न रूपों में उपलब्ध रहता है यह सफ़ेद रंग का हो सकता है, पीले एवं हरे रंग का भी हो सकता है हालांकि इसको बनाने में उपयोग की गई सामग्री के आधार पर इसका रंग अलग अलग हो सकता है। इस लेख में हम सफेद Petroleum Jelly बनाने के विषय में बात कर रहे हैं जिसे कॉस्मेटिक एवं फार्मास्युटिकल्स उत्पादों को बनाने के इस्तेमाल में लाया जा सकता है। यही कारण है की इस प्रकार की पेट्रोलियम जेली का निर्माण उचित गुणवत्ता मानकों को ध्यान में रखकर किया जाना अनिवार्य है। पेट्रोलियम जेली के दवा सामग्री प्रधान बन जाने के बाद इसका इस्तेमाल बीमारीयों के उपचार के अलावा अनेकों कॉस्मेटिक उद्देश्यों के लिए भी किया जाता है। सफ़ेद पेट्रोलियम जेली बनाने के लिए 20% पैराफिन वैक्स, 20% माइक्रोक्रिस्टलाइन वैक्स एवं 60% वाइट आयल मिक्स करने की आवश्यकता हो सकती है। जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की Petroleum Jelly हाइड्रोकार्बन का मिश्रण होती हैं। जो मनुष्य शरीर के संपर्क में आते ही कुछ डिग्री 37°C में पिघलने लगता है यह तब ज्वलनशील हो सकता है जब इसे तरल में बदलने के लिए गरम किया जाता हो। यह पारभासी, स्वाद से रहित रंगहीन या हलके पीले रंग का हो सकता है। यह हवा के संपर्क में ऑक्सीकरण नहीं करता है और रासायनिक अभिकर्मकों द्वारा आसानी से कार्य नहीं करता है । यह पानी में अघुलनशील है । यह डाईक्लोरोमेथेन, क्लोरोफॉर्म, बेंजीन, डायथाइल ईथर, कार्बन डाइसल्फ़ाइड और तारपीन के तेलों में घुलनशील होता है ।

पेट्रोलियम जेली बिज़नेस शुरू करने के लिए योग्यता:    

अक्सर देखा गया है जब भी बिज़नेस शुरू करने की बात आती है तो पैसे को अधिक महत्व दिया जाता है अर्थात माना यह जाता है की जिसके पास निवेश करने को पैसा है वह कुछ भी बिज़नेस आसानी से कर सकता है। जबकि यह सच्चाई नहीं है क्योंकि जो लोग बिना जानकारी या ज्ञान के बिज़नेस शुरू कर देते हैं वे सफल कम ही होते हैं । इसलिए Petroleum Jelly Manufacturing Business शुरू करने के लिए भी कुछ योग्यता की आवश्यकता हो सकती है ताकि बिज़नेस में असफल होने के जोखिम को कम किया जा सके। यदि उद्यमी के पास फार्मेसी के क्षेत्र में कोई औपचारिक योग्यता जैसे बी. फार्मा, डी फार्मा इत्यादि हो तो यह इस बिज़नेस के लिए अच्छा हो सकता है। हालांकि यदि उद्यमी साइंस ग्रेजुएट हो तो भी चल सकता है। इसके अलावा उद्यमी का यदि इसी उत्पाद की निर्माण इकाई में कहीं काम किया हुआ हो तो बेहतर रहता है।HOW TO DRUGS ADDICTION Abuse in Hindi

बिक्री की संभावनाएं: 

इस लेख में जिस Petroleum Jelly की हम बात कर रहे हैं इसे मुख्य रूप से फार्मास्युटिकल और सौंदर्य प्रसाधन उद्योग द्वारा इस्तेमाल में लाया जायेगा । कुछ मामलों में, दवा ग्रेड पेट्रोलियम जेली का उपयोग सीधे भी किया जा सकता है । वर्तमान में कारोबार की दुनिया में अधिक से अधिक फार्मास्युटिकल एवं कॉस्मेटिक उद्योग स्थापित हो रहे हैं यही कारण है की पेट्रोलियम जेली जैसे कच्चे माल की मांग बढती जा रही है । इसलिए यह माना जा सकता है कि भारत में कॉस्मेटिक और फार्मास्युटिकल उद्योग के विकास के मद्देनजर पेट्रोलियम जेली की बाजार में अच्छी माँग होने की संभावनाएं हैं। एक्सपोर्ट डिमांड को भी शामिल करके वर्तमान में Petroleum Jelly की माँग लगभग 7 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष है जो 2021 तक प्रति वर्ष 7% की दर से आगे बढ़ रही है । भारतीय फार्मास्युटिकल उद्योग की बात करें तो इसमें 24000 से अधिक छोटी बड़ी इकाइयाँ कार्यरत हैं और इस क्षेत्र में दस सबसे बड़ी कम्पनियाँ बाजार के एक तिहाई से अधिक भाग के लिए उत्पाद बनाती हैं । यही कारण है की इस क्षेत्र से जुड़ी हर छोटी बड़ी कंपनी को कच्चे माल के तौर पर पेट्रोलियम जेली की आवश्यकता होती है। देश में कॉस्मेटिक एवं फार्मास्युटिकल उद्योग के बढ़ते विकास को देखते हुए कहा जा सकता है की Petroleum Jelly के बिक्री की संभावनाएं अच्छी बनी हुई हैं।how to Compost All Type’s खाद at Home Idea’s खाद कैसे बनायें All Step’s in Hindi

आवश्यक कच्चा माल, मशीनरी एवं उपकरण:  

Petroleum Jelly का निर्माण करने के लिए कच्चे माल के तौर पर पैराफिन वैक्स, माइक्रोक्रिस्टलाइन वैक्स, वाइट आयल एवं अन्य सामग्री की आवश्यकता हो सकती है । इसके अलावा पैकेजिंग एवं उपभोग्य वस्तुएं चाहिए हो सकती हैं। आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट निम्नवत है।

  • लगभग दो  Cylindrical Aluminum jacketed Reaction Vessel की आवश्यकता हो सकती है जिनकी एक की कीमत लगभग 1.5 लाख हो सकती है। और दो की कीमत तीन लाख रूपये हो सकती है।How to become Air Hostess Career in Hindi
  • लगभग चार एल्युमीनियम के Storage Vessels जिनकी एक की क्षमता 25 किलो हो सकती है इन चारों की कीमत लगभग 4.5 लाख हो सकती है।  
  • मोटर और स्टायरर जिनकी कीमत लगभग 50 हजार रूपये हो सकती है।Education Loan Kya hai & kyu or kaise Apply kre in (Hindi & English)
  • गुणवत्ता नियंत्रण एवं मानक उपकरण जिनकी कीमत लगभग दो लाख रूपये हो सकती है।     
  • ध्यान रहे उपर्युक्त सारी मशीनरी GMP Standard के मुताबिक होनी चाहिए।  

आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण:

Petroleum Jelly manufacturing के लिए निम्नलिखित लाइसेंस एवं पंजीकरण की आवश्यकता हो सकती है।  

  • स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम, नगर पालिका से लाइसेंस की आवश्यकता हो सकती है।
  • फैक्ट्री एक्ट के तहत फैक्ट्री लाइसेंस की आवश्यकता हो सकती है।
  • बैंक में बिज़नेस बैंक अकाउंट खोलने की आवश्यकता हो सकती है।
  • जीएसटी पंजीकरण की आवश्यकता होती है।
  • ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत राज्य के फ़ूड एवं ड्रग कण्ट्रोल अथॉरिटी से लाइसेंस लेने की आवश्यकता हो सकती है।
  • उद्योग आधार के तहत पंजीकरण की आवश्यकता हो सकती है।       

निर्माण प्रक्रिया (Manufacturing Process of Petroleum Jelly): 

पेट्रोलियम वैक्स को सामान्य तौर पर दो प्रकार के पैराफिन और माइक्रोक्रिस्टलाइन में वर्गीकृत किया जाता है।  पैराफिन मोम को 8500F से कम के तापमान में शुद्ध किया जाता है इसलिए यह हल्के प्रकार के शुद्ध किये गए पैराफिन मोम के घटक हैं । उच्च उबलते मध्यवर्ती और भारी पैराफिन डिस्टिलेट और पैराफिन अवशिष्ट तेल में माइक्रोक्रिस्टलाइन मोम होते हैं। जब हलके शुद्ध पैराफिन को ठंडा किया जाता है तो मोम बड़े प्लेट जैसे क्रिस्टल में अलग हो जाता है। Petroleum Jelly manufacturing में भारी आसवन और अवशिष्ट तेल के ठंडा होने से स्पष्ट क्रिस्टल उत्पन्न नहीं होते हैं,  मोम बहुत छोटे कणों (माइक्रो क्रिस्टल) के रूप में अलग हो जाता है जो तेल को एक पेस्ट या जेली के रूप में सेट कर देता है। 30 से 50 प्रतिशत हैवी तेल और माइक्रोक्रिस्टलाइन मोम के मिश्रण से पैट्रोलैटम या Petroleum Jelly बनती है।

English

What is petroleum jelly made of?

Petroleum jelly (also called petrolatum) is a mixture of mineral oils and waxes, which form a semisolid jelly-like substance. This product hasn’t changed much since Robert Augustus Chesebrough discovered it in 1859. Chesebrough noticed that oil workers would use a gooey jelly to heal their wounds and burns. He eventually packaged this jelly as Vaseline.

Petroleum jelly’s benefits come from its main ingredient petroleum, which helps seal your skin with a water-protective barrier. This helps your skin heal and retain moisture. Read on to learn what else you can use petroleum jelly for.

Benefits and uses for petroleum jelly

1. Heal minor skin scrapes and burns

A study shows that petroleum jelly is effective in keeping skin moist during post-surgery healing. This may be particularly good for regular, less dramatic skin injuries. Make sure that the surface you apply petroleum jelly on is properly cleaned and disinfected. Otherwise, bacteria and other pathogens can get trapped inside and delay the healing process.

2. Moisturize your face, hands, and more

Face and body lotion: Apply petroleum jelly after a shower. As an occlusive moisturizer, it prevents your skin from drying out. You can also use it for dry noses during cold or allergy season.

Cracked heels: Soak your feet in warm water with some salt added to it. Towel-dry thoroughly and apply petroleum jelly and clean cotton socks.

Improve your gardening hands: After washing and drying, use some petroleum jelly and a clean pair of gloves to help lock in moisture and accelerate healing.

Chapped lips: Apply to chapped lips as you would any chapstick.

3. Help for pet paws

Your dog’s pad skin can crack and produce a great deal of discomfort. Clean their paws with cotton gauze, dry, and apply the jelly. Ideally this should be done after a walk or when your pet is resting.

Read more: Choosing a healthy facial moisturizer »

4. Prevent diaper rash

Petroleum jelly has been shown to reduce the incidence of diaper rash in babies. Clean and towel-dry your little one’s skin properly before applying. Petroleum jelly will form a protective barrier that will help protect the skin from constant exposure to moisture. Make an appointment with the doctor if there is a persistent rash.

5. Remove eye makeup

Oil is an effective way to remove makeup, and petroleum jelly is safe to use in the eye area, according to a study on eye ultrasounds. Use a cotton pad or Q-tip (for hard to reach areas), and press gently without tugging too hard on your skin. Make sure to close your eyes as you wipe. Some people also swear by using it on crow’s feet lines.

6. Save split ends

Sun and wind exposure as well as pool water can dry up your hair. Petroleum jelly can reduce the look of split ends and add shine to your hair. Rub a small amount of jelly between your palms and apply to hair ends.

7. Prevent skin stains from hair dye or nail polish

Apply petroleum jelly along your hairline to prevent hair dye from staining your skin. This also works if you like to paint your nails at home. A barrier of petroleum jelly is easy to wipe away when you’re done.

8. Preserve perfume scents

Using petroleum jelly as a base for your perfume can help it last longer.

9. Use as lube for stuck objects

If a ring is stuck on your finger, put some jelly on your finger, making sure you get some around and under the ring. This will help the ring slip off your finger.

For door hinges, apply a bit of jelly right on the hinge and swing the door a few times to spread evenly. Wipe off the excess.

Dangers of petroleum jelly

While petroleum jelly has many benefits, it should be for external use only. Do not eat or insert petroleum jelly. Avoid using petroleum jelly for masturbation or as a vaginal lubricant. According to Reuters, a study of 141 women found that 17 percent used petroleum jelly internally and 40 percent of them tested positive for bacterial vaginosis.

The brand and type of jelly you purchase may cause different reactions. These include:

Potential side effects

  • Allergies: Some people are more sensitive and can develop allergies if they use petroleum-derived products. Always keep an eye out for irritations and adverse reactions when using a new product.
  • Infections: Not allowing the skin to dry or cleaning the skin properly before applying petroleum jelly can cause fungal or bacterial infections. A contaminated jar can also spread bacteria if you insert jelly vaginally.
  • Aspiration risks: Check with your doctor before using petroleum jelly around the nose area, especially in children. Inhaling mineral oils may cause aspiration pneumonia.
  • Clogged pores: Some people may break out when using petroleum jelly. Make sure you clean the skin properly before you apply the jelly to reduce the risk of breakouts.

Pearl Farming business kaise kare मोती की खेती कैसे करे

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Pearl Farming यानिकी मोती की खेती करके भी भारत में कमाई की जा सकती है इसे उद्यमी अन्य बिज़नेस जैसे मछली पालन इत्यादि के साथ भी शुरू कर सकता है । क्योंकि जिस प्रकार मछली पालन करने के लिए तालाब इत्यादि बनाने की आवश्यकता होती है ठीक उसी प्रकार Pearl Farming के लिए भी तालाब इत्यादि बनाने की आवश्यकता होती है। यद्यपि इसमें कोई शक नहीं है की इस प्रकार का यह व्यवसाय भारतवर्ष में एक लाभकारी बिज़नेस हो सकता है लेकिन इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए अच्छे खासे निवेश की आवश्यकता हो सकती है । इसलिए ऐसे उद्यमी जो इस व्यवसाय में निवेश करने में सक्षम हैं वे इस बिज़नेस के माध्यम से अपनी कमाई करने के लिए इसे शुरू कर सकते हैं। लेकिन इस तरह के बिज़नेस को चलाने में काफी तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता होती है जो इस बिज़नेस में आने वाली चुनौतियों को पार करने में काम आता है। इसलिए Pearl Farming का बिज़नेस करने के इच्छुक उद्यमी को सर्वप्रथम किसी सरकारी या निजी संस्थान या पहले से मोती की खेती कर रहे उद्यमियों से प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता होती है। आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से इस तरह का व्यापार शुरू करने में सहायक जानकारी देने का प्रयत्न करेंगे, लेकिन उससे पहले यह जान लेते हैं की मोती की खेती होती क्या है?

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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मोती की खेती क्या है (What Is Pearl Farming in Hindi):  

जहाँ तक मोतियों की बात है मोती अनेकों प्रकार के हो सकते हैं लेकिन इनकी उत्पादन प्रणाली के आधार पर इन्हें मुख्य तौर पर प्राकृतिक एवं कृत्रिम में बाँटा जा सकता है। इसमें प्राकृतिक या नेचुरल मोती से आशय जंगलों में पाए जाने वाले मोतियों से लगाया जाता है। जबकि कृत्रिम यानिकी कल्चर्ड पर्ल की खेती की जाती है इसे फार्म में असली ऑयस्टर के अन्दर उगाया जाता है। इसलिए जब हम Pearl Farming की बात कर रहे होते हैं तो हम स्वत: ही कल्चर्ड पर्ल की बात कर रहे होते हैं। अब सवाल यह उठता है की लोगों के जीवन में इन मोतियों का उपयोग क्या होता है की वे इन्हें खरीदें। यहाँ पर आपको बता देना चाहेंगे की आम तौर पर इनका उपयोग आभूषण आइटम के तौर पर होता है। इसलिए इनकी कीमत इनकी गुणवत्ता के आधार पर अलग अलग हो सकती है, एक आँकड़े के मुताबिक प्रति कैरट मोती की कीमत 1000 रूपये से दो लाख रूपये तक हो सकती है। इसलिए जब किसी उद्यमी द्वारा अपनी कमाई करने के लिए इस तरह का व्यापार किया जाता है तो उसे Pearl Farming Business कहा जाता है। 

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Pearl farming Business लाभकारी क्यों है? 

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की भारत में Pearl Farming Business एक लाभकारी बिज़नेस हो सकता है। लेकिन बस इतना कह देने से उद्यमिता की ओर अग्रसित होने वाले लोगों का संशय दूर नहीं किया जा सकता । इसलिए आगे यह जानना जरुरी हो जाता है की Pearl Farming यानिकी मोतियों की खेती को एक लाभकारी व्यापार क्यों माना जाता है। तो इसका साधारण सा जवाब यह है की मोती की खेती से उत्पादित फाइनल उत्पाद की कीमत उच्च होती है। इसकी प्रति कैरट कीमत हजार से शुरू होकर कुछ लाखों तक पहुँच सकती है हालांकि कौन से मोती की कीमत कितनी होगी यह सब उसके आकार एवं गुणवत्ता पर निर्भर करता है। इसके अलावा Pearl Farming कृषि से जुड़ा एक ऐसा विशिष्ट व्यवसाय है जिससे उत्पादित उत्पाद हल्का एवं विकारों से मुक्त होता है । अर्थात यदि इसे बहुत देर तक या दिनों तक संचित करके रखा भी जाय तो इसका कुछ नहीं बिगड़ता है । यह व्यवसाय उन लोगों के अनुकूल व्यवसाय है जिन्हें पानी में काम करना अच्छा लगता है। इसलिए ऐसे लोग जिन्हें नाव चलाना, पानी में डाईव करना, मछली पकड़ने जैसे कौशल आते हैं उनके लिए यह बिज़नेस उपयुक्त है। ग्राफ्टिंग प्रक्रिया को छोड़ दें तो इसे जलीय कृषि का एक सरल रूप कहा जा सकता है ।

Pearl Farming Business में ध्यान देने योग्य बातें:  

यदि उद्यमी Pearl Farming से सफलतापूर्वक अपनी कमाई करना चाहता है तो उसे थोड़ा लम्बा समय यहाँ तक दो तीन साल लग सकते हैं । इसलिए इस व्यवसाय को सफल बनाने के लिए उद्यमी को न सिर्फ पैसे एवं मेहनत की जरुरत होती है बल्कि धैर्य की भी आवश्यकता होती है। मोती की खेती में पहली बार फसल को तैयार होने में 2-3 साल का समय लग सकता है और जहाँ तक उद्यमी के लाभ कमाने का सवाल है वह दूसरी, तीसरी बार फसल तैयार होने पर लाभ कमा सकता है। यही कारण है की इस तरह का व्यवसाय शुरू करने के लिए उद्यमी को काफी निवेश, मेहनत एवं धैर्य की आवश्यकता होती है । उद्यमी को इस बात का भी बेहद ध्यान रखना होगा की Pearl Farming व्यवसाय को सफल बनाने में उच्च गुणवत्तायुक्त मोतियों का विशेष महत्व होता है और माना यह जाता है की एक फसल में केवल 5-10% मोती ही ऐसे होते हैं जो उच्च गुणवत्ता के होते हैं । इसलिए उद्यमी को उच्च गुणवत्तायुक्त मोतियों की रखरखाव एवं देखभाल की अधिक आवश्यकता होती है । देखा जाय तो Pearl Farming करने वाले उद्यमी के पास पर्ल ऑयस्टर का विश्वसनीय स्रोत होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उद्यमी को फार्म स्थापित करने के लिए उपयुक्त साईट का चुनाव करना होगा और फार्म को संचालित रखने के लिए उसे पर्याप्त धनराशि की भी व्यवस्था करनी होगी । उद्यमी ग्राफ्टिंग टेकनेशियन से तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर सकता है या किसी सरकारी या निजी संस्थान से Pearl Farming पर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है ।  

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Pearl farming के लिए बुनियादी आवश्यकताएं: 

भारत में ताजे पानी के माध्यम से Pearl Farming करने के लिए बहुत सारी बुनियादी आवश्यकताएं हो सकती हैं । लेकिन इनमें से कुछ प्रमुख बुनियादी आवश्यकताओं की लिस्ट निम्नवत है । लेकिन इस व्यवसाय को शुरू करने में आने वाली लागत को ध्यान में रखते हुए इन बुनियादी आवश्यकताओं को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है ।

स्थिर लागत (Fixed Cost):

स्थिर लागत के अंतर्गत वे सभी आवश्यकताएं आती हैं जिनमें केवल एक बार निवेश करने की आवश्यकता होती है।

  • उद्यमी को एक ऐसे छप्पर की आवश्यकता हो सकती है जिसमें सर्जिकल गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।
  • कम से कम एक तालाब की आवश्यकता हो सकती है, जिसमें Pearl Farming की जा सके । हालांकि इस बिज़नेस के लिए बेहतर यही होता है की तालाब उद्यमी का अपना हो, लेकिन यदि उद्यमी के पास यह नहीं है तो वह इसे लीज पर भी ले सकता है।
  • कल्चर यूनिट की स्थापना की आवश्यकता होती है ।
  • उद्यमी को एक सर्जिकल सेट की भी आवश्यकता होती है ताकि वह सर्जिकल गतिविधियों को अंजाम दे सके। उद्यमी इस प्रकार के सर्जिकल सेट को राज्य के फिशरी डिपार्टमेंट या पर्ल ट्रेनिंग सेण्टर से आसानी से खरीद सकता है।
  • सर्जिकल रूम में मेज एवं कुर्सियों इत्यादि की आवश्यकता हो सकती है ताकि कौशल प्राप्त कर्मचारी वहां पर सर्जिकल गतिविधि को अंजाम दे सकें ।   

अस्थिर लागत (Variable Costs): 

अस्थिर लागत से आशय उस लागत से है जिसमें परिवर्तन होते रहते हैं । Pearl Farming नामक व्यवसाय में परिवर्तनशील लागत की लिस्ट निम्नवत है।

  • उद्यमी को उच्च गुणवत्तायुक्त Pearl Mussels खरीदने की आवश्यकता हो सकती है इसलिए उद्यमी को किसी विश्वसनीय स्रोतों से ही इसकी खरीदारी करनी चाहिए। इसके अलावा उद्यमी चाहे तो इसे ताजे पानी के स्रोत जैसे नदी, झीलों इत्यादि से भी प्राप्त कर सकता है। उद्यमी को मछली पालन कर रहे किसानों से बात करनी चाहिए क्योंकि उनके तालाब भी इनके अच्छे स्रोत हो सकते हैं।
  • उद्यमी को बाजार से Pearl Nucleus खरीदने की भी आवश्यकता होती है जिनकी आवश्यकता ग्राफ्टिंग प्रक्रिया के लिए होती है।
  • उद्यमी को अपने Pearl Farming business के लिए इस क्षेत्र में कौशल रखने वाले कर्मचारियों की आवश्यकता हो सकती है। क्योंकि ग्राफ्टिंग प्रक्रिया में सिर्फ स्किल्ड वर्कर ही चल पाएंगे।
  • यदि उद्यमी नए तालाब में मोती की खेती कर रहा हो तो उसे खाद एवं उर्वरक की आवश्यकता भी हो सकती है।

मोती की खेती का व्यापार कैसे शुरू करें (How to Start Pearl Farming Business in India in Hindi):

मोतियों की खेती यानिकी Pearl Farming शुरू करने के लिए उद्यमी को अनेकों कदम उठाने की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए आगे इस लेख में हम इस व्यापार को शुरू करने में सहायक कदमों के बारे में वार्तालाप करेंगे।

1. सर्वप्रथम प्रशिक्षण प्राप्त करें:

Pearl Farming business में काफी अधिक तकनिकी ज्ञान की आवश्यकता होती है इसलिए इस बिज़नेस को बिना प्रशिक्षण लिए शुरू नहीं करना चाहिए। उद्यमी को सर्वप्रथम अपने नजदीकी क्षेत्र में ऐसे उद्यमियों का पता करना चाहिए जो पहले से इस तरह का व्यवसाय कर रहे हों, क्योंकि आम तौर पर वही लोग पर्ल फार्मिंग का प्रशिक्षण भी देते हैं। यदि उद्यमी को अपने नजदीकी एरिया में ऐसा कोई उद्यमी नहीं मिलता है तो उसे कृषि विज्ञान केन्द्र या भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् से संपर्क करना चाहिए क्योंकि ये ऐसे सार्वजनिक संस्थान है जो Pearl farming  पर प्रशिक्षण आयोजित कराते हैं। बिना तकनिकी ज्ञान एवं प्रशिक्षण के इस व्यापार को बिलकुल शुरू न करें अन्यथा आपको कमाई के स्थान पर हानि हो सकती है।  

2. मोतियों की खेती के लिए जगह का चुनाव:

Pearl Farming के लिए जगह का चुनाव करते समय इस बात का अवश्य ध्यान रखें की उस लोकेशन पर पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो, इसके अलावा लोकेशन स्थायी होनी चाहिए अर्थात एक बार फार्म का निर्माण होने पर उसे बार बार स्थान्तरित नहीं किया जा सकता। इसके अलावा वह जगह Pearl Farming के लिए उपयुक्त होनी चाहिए जगह ऐसी होनी चाहिए ताकि फार्म चोरी, डकैती से सुरक्षित रह सके।  

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3. फार्म स्थापित करें: 

अब उद्यमी को चयनित की गई जगह पर फार्म स्थापित करना होगा, फार्म स्थापित करते वक्त उद्यमी को सर्जरी इत्यादि के लिए छप्पर बनाने की आवश्यकता हो सकती है। और तालाब इत्यादि का निर्माण करने की भी आवश्यकता हो सकती है। तालाब एवं छप्पर का निर्माण करने के अलावा Pearl Farming Business शुरू कर रहे उद्यमी को Culture Unit स्थापित करने की आवश्यकता होती है।   

4. mussel या पर्ल ऑयस्टर का संग्रह:What is Neet Exam in Hindi & How to Import

अब उद्यमी का अगला कदम स्वस्थ mussel या पर्ल ऑयस्टर ढूँढने का होना चाहिए उद्यमी चाहे तो इन्हें मौजूदा फार्म मालिकों से खरीद भी सकता है और चाहे तो ताजे पानी के स्रोत जैसे नदियों, झीलों, तालाबों इत्यादि से भी एकत्र कर सकता है। इन mussel या ऑयस्टर को मैन्युअली पकड़ा जाता है और फिर इन्हें कंटेनर, बाल्टी या अन्य बर्तनों में पानी के साथ रखा जा सकता है।   

5. पर्ल ऑयस्टर या mussel को प्री कल्चर के लिए तैयार करना:What is Android Root All Steps in Hindi

पर्ल ऑयस्टर या mussel एकत्र कर लेने के बाद इन्हें प्री कल्चर के लिए तैयार किया जाता है इसके लिए इन्हें दो तीन दिनों तक भीड़ में पानी के साथ कैद करके रखा जा सकता है। इसमें एक लीटर पानी में एक museel को रखा जा सकता है। यह प्री कल्चर कंडीशन सर्जरी के दौरान mussel या ऑयस्टर को हैंडल करने में मदद करता है।   

Small business ideas Regular Income कैसे बनाएँ business develop kaise kare6. इम्प्लांटेशन प्रक्रिया करना: 

इम्प्लांटेशन या ग्राफ्टिंग प्रक्रिया Pearl Farming की लोकेशन के आधार पर अलग अलग हो सकती है आम तौर पर इसे तीन विधियों मेंटल कैविटी इम्प्लांटेशन, मेंटल टिश्यू इम्प्लांटेशन, गोंडल इम्प्लांटेशन के माध्यम से अंजाम तक पहुँचाया जाता है।

7. mussel या ऑयस्टर की पोस्ट ऑपरेटिव देखभाल: How to Open poultry farm Business & Step by Step Increase and Success in Hindi

इम्प्लांट या ग्राफ्टिंग प्रक्रिया से गुज़र चुके mussel या ऑयस्टर को पोस्ट ऑपरेटिव देखभाल इकाई में रखा जाता है। ये इकाइयाँ नायलॉन बैग भी हो सकती हैं जिसमे इन्हें लगभग 10-11 दिनों के लिए रखा जा सकता है इन्हें एंटीबायोटिक उपचार के अलावा प्राकृतिक फ़ूड भी सप्लाई किया जाता है। इन इकाइयों को रोज नियमित तौर पर चेक करना जरुरी होता है की कहीं किसी mussel या ऑयस्टर की मृत्यु तो नहीं हो गई है अगर ऐसा हो तो उसे वहां से हटा दिया जाना चाहिए।  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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8. तालाब में रखना: Uber cab kaise book kare

पोस्ट ऑपरेटिव देखभाल के बाद इन mussel या ऑयस्टर को तालाब में स्टॉक किया जाना चाहिए। इन mussel को तालाब में भी नायलॉन बैग में ही रखा जाता है और प्रति बैग में लगभग 2 Mussel रखे जा सकते हैं । और इन्हें बांस के डंडे या pvc पाइप के माध्यम से तालाब में टांग देना चाहिए। एक हेक्टेयर जगह में लगभग 25000 से 30000 mussel कल्चर्ड किये जा सकते हैं। तालाब को जैविक ढंग से फ़र्टिलाइज किया जा सकता है, समय समय पर museel का निरीक्षण करते रहना चाहिए और 12-20 महीनों के बाद बैगों की सफाई करते रहनी चाहिए।    

9. हार्वेस्टिंग प्रक्रिया: 

Pearl Farming में कल्चर पीरियड के अंत में mussel को हार्वेस्ट किया जाना चाहिए और इस प्रक्रिया में पर्ल को mussel, Mantle Tissue या Gonad से बाहर निकाला जाता है।

How to become Air Hostess Career in Hindi एयर होस्टेस कैसे बनें

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Air Hostess एक ऐसा नाम जिसका ब्रेकफास्ट किसी और देश में होता है तो डिनर किसी और देश में । जी हाँ भारत में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिनके लिए हवाई जहाज में सफर करना एक बहुत बड़ी बात है। और उनके लिए हवाई जहाज में बैठकर यात्रा करना किसी सपने से कम नहीं होता लेकिन कुछ ऐसी जॉब भी होती हैं जिन्हें करके व्यक्ति न केवल अपनी कमाई कर सकता है। बल्कि अपनी दुनिया देखने एवं विभिन्न प्रकार के लोगों से मिलने की जिज्ञासा को भी शांत कर सकता है। ऐसी ही जॉब में से एक जॉब का नाम है Air Hostess । हालाँकि इस जॉब में अधिकतर तौर पर एयरलाइन कंपनीयां लड़कियों की नियुक्ति ही करते हैं इसलिए लोगों के बीच एक अनभूति यह व्यापत है की Air Hostess सिर्फ लड़कियाँ ही बन सकती हैं जबकि यह सच नहीं है। एयर होस्टेस को हम दूसरे शब्दों में फ्लाइट अटेंडेंट भी कह सकते हैं इसलिए इस पोस्ट के लिए कोई भी चाहे वह लड़की हो या लड़का आवेदन कर सकते हैं। लेकिन लड़की जो यह कार्य करती है उसे Air Hostess कहा जाता है तो लड़कों को Stewards कहा जाता है।  यद्यपि भारत में देखा जाय तो यह एयर होस्टेस नामक व्यवसाय हाई प्रोफाइल व्यवसायों की लिस्ट में शामिल है जिसमें बहुत सारे स्नातक पास युवा अपना कैरियर बनाने के इच्छुक रहते हैं। भारत में यदि कोई लड़की Air Hostess बन जाती है तो उसके लिए यह क्षण किसी सपने के सच होने जैसा होता है। क्योंकि इस प्रोफेशन में न केवल अच्छी सैलरी एवं यात्रा करने का मौका मिलता है बल्कि दुनिया की विभिन्न लोकेशन पर विभिन्न तरह के लोगों से मिलने का अवसर भी प्राप्त होता है। उम्मीदवार को सेलिब्रिटीज एवं बिजनेस टाइकून इत्यादि से मिलने का अवसर भी प्राप्त हो सकता है।

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एयर होस्टेस का क्या क्या काम होता है (Responsibility of Air Hostess):

हालांकि लोगों को Air Hostess का काम बड़ा आसान लगता है लेकिन एक एयर होस्टेस पर हवाई जहाज में काफी जिम्मेदारियाँ होती हैं जिनका निर्वहन करना कोई आसान काम नहीं है । यहाँ पर नीचे हम एयर होस्टेस की कुछ कामों या जिम्मेदारियों की लिस्ट दे रहे हैं जिन्हें पढ़कर आप खुद अंदाज़ा लगा सकते हैं। की इस प्रकार की यह जॉब कितनी आसान या कितनी कठिन है ।

  • एक एयर होस्टेस की जिम्मेदारी हवाई जहाज से यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री का अभिवादन करने की होती है।
  • इनकी जिम्मेदारी सिक्यूरिटी के साथ समन्वय स्थापित करने की होती है।
  • यात्रियों की हवाई यात्रा को आरामदायक बनाना भी इनका काम होता है ।
  • यात्री को सीट सेटलमेंट एवं हवाई जहाज से जुड़े अन्य कार्यों को निबटाने हेतु मार्गदर्शित करने की जिम्मेदारी ।
  • इसके अलावा Air Hostess को कुछ अजीब एवं मुश्किल यात्रियों को भी संभालना पड़ता है।
  • एयर होस्टेस को हवाई जहाज में हमेशा शान्ति एवं धैर्य बनाये रहना पड़ता है।

अनुभव प्राप्त कर लेने के बाद एक एयर होस्टेस सीनियर फ्लाइट अटेंडेंट और उसके बाद हेड अटेंडेंट के तौर पर नियुक्त हो सकती है। Air Hostess का कैरियर आम तौर पर 8-10 सालों का होता है उसके बाद वे ग्राउंड ड्यूटी पर तैनात हो सकती हैं। जिसमे उनका कार्य होस्टेस चेकिंग, एयर होस्टेस को प्रशिक्षण देने का, या फिर मैनेजमेंट स्तर पर कार्य करने का हो सकता है।Free Website Banaye Kaise

एयर होस्टेस बनने के लिए योग्यता (Air Hostess Eligibility):

चूँकि Air Hostess का काम भी इस धरती से दूर हवाई जहाज में यात्रियों का अभिवादन करने का होता है। कहने का अभिप्राय यह है की इन्हें अपनी ड्यूटी के दौरान धरती से दूर रहना पड़ता है और वहाँ इन्हें हवाई जहाज में उपलब्ध संसाधनों से पूरा कार्य चलाना पड़ता है। इसलिए Air Hostess बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता से ज्यादा व्यक्तित्व या पर्सनालिटी अधिक मायने रखती है। इसके अलावा मेडिकल फिटनेस भी बेहद जरुरी होती है। इसलिए एयर होस्टेस बनने के लिए आवश्यक योग्यता को हम चार भागों में विभाजित कर सकते हैं ।

1. शैक्षणिक योग्यता (Education Qualification): Contact Us

Air Hostess Course करने के लिए कम से कम शैक्षणिक योग्यता 10+2 यानिकी बारहवीं पास है इसके बाद उम्मीदवार सर्टिफिकेट, डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स कर सकता है। लेकिन यदि आप एयर होस्टेस का पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स करना चाहते हैं तो इसे करने के लिए आपको स्नातक पास होना बेहद जरुरी होता है। हालांकि कुछ संस्थानों द्वारा दसवीं पास उम्मीदवार को भी एयर होस्टिंग में कुछ डिप्लोमा कोर्स ऑफर किये जाते हैं। लेकिन बेहतर यही होता है की कम से कम बारहवीं पास करके ही इस प्रकार के कोर्स ज्वाइन करने चाहिए। Air Hostess बनने की इच्छुक युवतियों को हिंदी, अंग्रेजी या विदेश की कोई अन्य भाषा का ज्ञान होना नितांत आवश्यक है।

2. उम्र एवं वैवाहिक स्थिति: Learn English Language & Tenses Tips in Hindi

यद्यपि उम्र की सीमा एयर होस्टेस कोर्स ऑफर करने वाले संस्थान पर निर्भर करती है अर्थात अलग अलग संस्थानों में अलग अलग उम्र सीमा हो सकती है । लेकिन आम तौर पर यह उम्र सीमा 17 से 26 साल तक होती है। ठीक इसी प्रकार वैवाहिक स्थिति भी शैक्षणिक संस्थान की पालिसी पर निर्भर करती है। हालांकि अधिकतर संस्थान अविवाहित लड़कियों को ही प्राथमिकता देते हैं लेकिन कुछ संस्थान विवाहित औरतों को भी एडमिशन देते हैं।

3. शारीरिक मापदंड (Physical Standards):  HOW TO DRUGS ADDICTION Abuse in Hindi

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में पहले भी बता चुके हैं की Air Hostess नामक इस जॉब में पढाई से ज्यादा महत्व शारीरिक सुन्दरता एवं व्यवहार को दिया जाता है। इसलिए संस्थानों द्वारा पहले से ही कुछ शारीरिक मापदंड निर्धारित कर दिए जाते हैं। एक Air Hostess बनने की इच्छुक युवती की लम्बाई कम से कम 5.2’’ यानिकी 157 Cm. होनी चाहिए। और युवती के शरीर का भार भी उसकी लम्बाई के अनुरूप ही होना चाहिए। त्वचा की सुन्दरता भी मायने रखती है इसलिए युवती को साफ रंग की त्वचा का होना जरुरी है। युवती शारीरिक रूप से फीट एवं आकर्षक व्यक्तित्व वाली होनी चाहिए।

4. मेडिकल स्थिति: How to Open poultry farm Business & Step by Step Increase and Success in Hindi

जिस प्रकार Air hostess की जॉब के लिए शारीरिक मानकों पर खरा उतरने की आवश्यकता होती है ठीक उसी प्रकार मेडिकल मानकों पर भी खरा उतरने की आवश्यकता होती है। उम्मीदवार को कोई मानसिक बीमारी नहीं होनी चाहिए और न ही उसका ऐसा कोई इतिहास होना चाहिए। आँखों की रौशनी अच्छी होनी चाहिए। उम्मीदवार किसी बड़ी बीमारी से पीड़ित नहीं होना चाहिए।

एयर होस्टेस बनने के लिए व्यवहारिक कौशल की आवश्यकता:  When do we need to File Income Tax Return in Hindi

जिस प्रकार Air Hostess बनने के लिए शैक्षणिक, शारीरिक एवं मेडिकल फिटनेस की आवश्यकता होती है ठीक उसी प्रकार व्यवहार कुशल होने की भी आवश्यकता होती है। कहने का अभिप्राय यह है की सिर्फ शैक्षणिक, शारीरिक एवं मेडिकली फिट होने से काम नहीं चलेगा बल्कि Air Hostess बनने के लिए इससे भी अधिक की आवश्यकता होती है। उम्मीदवार के पास कुछ व्यवहार कौशल होने अत्यंत आवश्यक हैं जो उसके व्यक्तित्व को दर्शायें।

  • उम्मीदवार की अच्छी उपस्थिति के साथ साथ मधुर आवाज होना भी अत्यंत आवश्यक है । क्योंकि एयर होस्टेस को बोर्ड पर यात्रियों के साथ दोस्ताना लहजा अपनाना होता है । कहने का आशय यह है की एक दोस्ताना व्यक्तित्व ही Air Hostess को बनाये रखता है। कुल मिलाकर उम्मीदवार को आकर्षक व्यक्तित्व का होना चाहिए।
  • उम्मीदवार को प्रभावी ढंग से संवाद करना आना चाहिए क्योंकि हवाई जहाज में Air Hostess को यात्रियों के साथ संवाद करना पड़ सकता है। और उनको किसी चीज की जरुरत होने पर उनकी मदद करनी पड़ सकती है। कुल मिलाकर इस जॉब में भाषा की प्रवीणता अनिवार्य है इसलिए उम्मीदवार के पास अच्छे संवाद कौशल का होना भी आवश्यक है।
  • आपातकालीन लैंडिंग के दौरान एयर होस्टेस को अपने मष्तिष्क का उपयोग करके निर्देश बोर्ड पर यात्रियों को आवश्यक निर्देश देने पड़ सकते हैं। इसलिए एक एयर होस्टेस को बुद्धि तत्पर होना चाहिए।
  • एक एयर होस्टेस को टीम में काम करना आना चाहिए क्योंकि एक हवाई जहाज में 12-14 Cabin Crew मेंबर्स हो सकते हैं।
  • एक Air Hostess को फ्लाइट लेट होने पर 3-4 घंटे एक्स्ट्रा ड्यूटी करनी पड़ सकती है इसलिए एक एयर होस्टेस को लम्बे समय तक काम करना आना चाहिए।
  • एयर होस्टेस का हर स्थिति में सकारात्मक रवैया होना अनिवार्य है।

 एयर होस्टेस बनने के लिए कोर्स (Air Hostess Courses):

यदि आप Air Hostess के तौर पर खुद का कैरियर बनाने के लिए गंभीर हैं तो आपको अपनी शैक्षणिक योग्यता के मुताबिक अपने लिए कोर्स का चयन करना होगा। एयर होस्टेस के लिए आम तौर पर तीन प्रकार के कोर्स उपलब्ध हैं । जिनका संक्षिप्त वर्णन निम्नवत है।

1. सर्टिफिकेट कोर्स:

इस प्रकार के यह कोर्स आम तौर पर बारहवीं पास उम्मीदवारों के लिए हैं इस तरह के इन कोर्स की अवधि 6 महीने से एक साल तक की होती है। लेकिन कुछ तीन महीनों के फास्ट ट्रैक कोर्स भी उपलब्ध हैं। Air Hostess Course की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • एविएशन मैनेजमेंट एंड हॉस्पिटैलिटी
  • एयर होस्टेस मैनेजमेंट
  • एविएशन कस्टमर सर्विस
  • एयर होस्टेस ट्रेनिंग
  • केबिन क्रू/ फ्लाइट अटेंडेंट
  • एयरलाइन हॉस्पिटैलिटी

2. डिप्लोमा कोर्स:

डिप्लोमा कोर्स भी 10+2 के बाद किये जा सकते हैं लेकिन कुछ पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा कोर्स केवल स्नातक के बाद ही किये जा सकते हैं। इन कोर्सों की अवधि भी 6 महीने से एक साल तक होती है।

  • डिप्लोमा इन एयर होस्टेस ट्रेनिंग
  • डिप्लोमा इन एविएशन एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट
  • डिप्लोमा इन हॉस्पिटैलिटी एंड ट्रेवल मैनेजमेंट
  • डिप्लोमा इन केबिन क्रू

3. डिग्री कोर्स:

डिग्री कोर्स इन सभी कोर्सों में से सबसे महत्वपूर्ण कोर्स हैं इन्हें विद्यार्थी बारहवीं पास करके ज्वाइन कर सकता है और इनकी अवधि तीन वर्षों की होती है ।

  • बीएससी इन एयर होस्टेस ट्रेनिंग
  • बीएससी इन एविएशन
  • बैचलर ऑफ़ हॉस्पिटैलिटी एंड ट्रेवल मैनेजमेंट ‘
  • बैचलर ऑफ़ ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट

यह तो थी Air Hostess बनने के लिए कोर्सों की लिस्ट लेकिन गंभीर उम्मीदवारों को तीसरा यानिकी डिग्री कोर्स का चुनाव करना चाहिए।

एयर होस्टेस बनने के लिए परीक्षा (Air Hostess Exam Process):

Air Hostess Course करने मात्र से ही युवती एयर होस्टेस नहीं बन जाती है बल्कि एयर होस्टेस बनने के लिए कंपनी द्वारा आयोजित इंटरव्यू इत्यादि भी पास करना होता है। आम तौर पर एयरलाइन कंपनी द्वारा एयर होस्टेस के लिए परीक्षा आयोजित की जाती है । कहने का आशय यह है की हर एयर लाइन कंपनी Air Hostess की नियुक्ति के लिए परीक्षाएं एवं इंटरव्यू आयोजित कराती है। इस एयर होस्टेस की नियुक्ति प्रक्रिया को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है।

1. लिखित परीक्षा:

इस लिखित परीक्षा का उद्देश्य उम्मीदवार की योग्यता और तर्क का परीक्षण करने का होता है इसलिए एप्टीट्युड एवं रीजनिंग से जुड़े हुए सवाल इस परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। इस परीक्षा का पैटर्न अन्य प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की भांति ही होता है जहाँ विभिन्न प्रकार के ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए Air Hostess बनने की इच्छुक युवती को ठीक वैसी ही तैयारी इस परीक्षा को पास करने के लिए करनी होगी जैसे अन्य प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं को पास करने के लिए करनी पड़ती है।

2. ग्रुप डिस्कशन:

लिखित परीक्षा में पास उम्मीदवारों को एयरलाइन कंपनी द्वारा ग्रुप डिस्कशन के लिए बुलाया जाता है जहाँ पर उनकी बुद्धि तत्परता, कम्युनिकेशन स्किल, टीम वर्क, लीडरशिप क्वालिटी और  रवैये का परिक्षण किया जाता है। इसलिए Air Hostess बनने के इच्छुक उम्मीदवार को ग्रुप डिस्कशन के लिए अच्छी तैयारी करके जाना चाहिए।

3. पर्सनल इंटरव्यू:

ग्रुप डिस्कशन में चयनित उम्मीदवारों को एयरलाइन कंपनी द्वारा पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है । इसमें कंपनी का कोई प्रतिनिधि उम्मीदवार को हर एक मानक पर तौलता है और यदि उम्मीदवार का चयन इस दौरान कर लिया जाता है । तो चयनित उम्मीदवार को कंपनी छह महीनों की ट्रेनिंग के लिए भेज सकती है।

भारत में एयर होस्टेस प्रशिक्षण संस्थान:

यद्यपि भारत में Air Hostess का प्रशिक्षण देने वाले अन्य भी बहुत सारे संस्थान हो सकते हैं लेकिन कुछ प्रमुख संस्थानों की लिस्ट निम्नवत है।

  • फ्रैंकफिन इंस्टिट्यूट ऑफ़ एयर होस्टेस, नई दिल्ली एवं मुंबई ‘
  • एयर होस्टेस अकादमी, बंगलौर, चंडीगढ़, दिल्ली एवं मुंबई
  • राजीव गाँधी मेमोरियल कॉलेज ऑफ़ एरोनॉटिक्स, जयपुर
  • यूनिवर्सल एविएशन अकैडमी, चेन्नई
  • राय यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद

कैसे होगी कमाई:

Air Hostess Course कर लेने के बाद उम्मीदवार को विभिन्न एयर लाइन कंपनियां जैसे एयर इंडिया, इंडियन एयरलाइन्स, अलायन्स एयर, गो एयर, जेट एयरवेज, इंडिगो, गल्फ एयर, सिंगापुर एयरलाइन, लुफ्थांसा इत्यादि एयर होस्टेस के तौर पर नियुक्त कर सकती हैं । आम तौर पर एक एयर होस्टेस की सैलरी 25-85 हजार रूपये प्रति महीने तक हो सकती है। जिसमें डोमेस्टिक फ्लाइट 25-40 हजार तक सैलरी दे सकते हैं । और अंतराष्ट्रीय फ्लाइट में Air Hostess की सैलरी प्रति महीने 85 हजार रूपये तक हो सकती है हालांकि कुछ अंतराष्ट्रीय एयरलाइन अनुभवी एवं सीनियर एयर होस्टेस को 1-2 लाख रूपये प्रति महीने तक सैलरी देती हैं। इन सबके अलावा एक Air Hostess को एयरलाइन कंपनी अतिरिक्त भत्ते जैसे मेडिकल इंश्योरेंस, रिटायरमेंट प्लान, फ्लाइट टिकेट पर डिस्काउंट इत्यादि भी प्रदान करती है।

Uber cab कैस book करे

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उबर (Uber) एक ऐसी ऑन-डिमांड कार सर्विस है, uber careers जो आपकी आईफोन (iPhone) या एंड्रॉइड (Android) डिवाइस पर उपलब्ध एप्लीकेशन की मदद से आपके लिए प्राइवेट ड्राइवर्स उपलब्ध कराने की सुविधा देती है। ये सर्विस एक डिस्पैच सॉफ्टवेयर (dispatch software) का इस्तेमाल करके, आपके सबसे नजदीक मौजूद किसी ड्राइवर को आपकी लोकेशन तक पहुँचाती है। इस सर्विस के जरिये आप हांथ में बिना पैसे रखे (कैशलेस) कहीं भी घूम सकते हैं, आपके द्वारा किए जाने वाले सफर के लिए आपको सीधे आपके अकाउंट से जुड़े हुए क्रेडिट कार्ड के जरिये या फिर पेपल (PayPal) अकाउंट के जरिये भुगतान करने की सुविधा देती है।

 

 

 

 

 

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उबर के लिए साइनअप करना (Signing Up for Uber)

  1. इमेज का टाइटल Use Uber Step 1
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    उबर (Uber) वेबसाइट पर जाएँ: उबर कैब एक ऐसी कम्पनी है, जो आपको हर उस शहर में, जहाँ पर उबर कैब सर्विस का इस्तेमाल किया जाता है, uber careers अपने लिए एक प्राइवेट कैब ड्राईवर रिजर्व करने की सुविधा देती है। uber careers आपके ब्राउज़र में uber.com पर जाएँ।

    • आप चाहें तो अपनी मोबाइल डिवाइस uber careers पर सीधे उबर एप के जरिये भी साइन अप कर सकते हैं।

     

 

 

  1. इमेज का टाइटल Use Uber Step 2
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    “Ride with Uber” के नीचे दिखने uber careers वाली साइन अप लिंक को क्लिक करें: अब आपको एक अकाउंट तैयार करने uber careers को बोला जाएगा। अब आप को उबर सर्विस इस्तेमाल करने के लिए एक वैलिड क्रेडिट कार्ड या पेपल (PayPal) अकाउंट की जरूरत पड़ेगी।

 

 

 

 

 

  1. इमेज का टाइटल Use Uber Step 3
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    आपका फर्स्ट और लास्ट नेम एंटर करें: uber careers अब जब भी कोई ड्राईवर आपको आपकी लोकेशन पर पिक करने आएगा, तब उस तक आपका यही uber careers फर्स्ट नेम पहुँच जाएगा और वो आपके इस फर्स्ट नेम के जरिये आपकी पहचान करेगा। uber careers आपके लास्ट नेम को प्राइवेट (गुप्त) ही रखा जाएगा।

 

 

 

 

  1. इमेज का टाइटल Use Uber Step 4
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    आपका फोन नंबर एंटर करें: आपके ड्राईवर के आपकी पिकअप लोकेशन तक आ जाने के बाद, अगर वो आपको नहीं मिल पाते, तो वो आपको पहचानने और आप तक पहुँचने के लिए आपके द्वारा दिये हुए इस नंबर का इस्तेमाल करके आपको कॉल करेंगे। आप अपने अकाउंट पर लॉगिन करने के लिए भी आपके फोन नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

 

 

  1. इमेज का टाइटल Use Uber Step 5
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    आपका ईमेल एड्रेस टाइप करें: आपको अपना अकाउंट बनाने और आपके द्वारा की जाने वाली उबर राइड की रसीद पाने के लिए एक वैलिड ईमेल एड्रेस एंटर करना होगा।

 

 

 

 

 

  1. इमेज का टाइटल Use Uber Step 6
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    एक पासवर्ड तैयार करें: आप बाद में फिर जब भी आपके उबर अकाउंट पर साइन इन करेंगे, तब आप से इसी पासवर्ड की मांग की जाएगी।
  2. इमेज का टाइटल Use Uber Step 7
    एक प्रोमो कोड (अगर आपके पास हो, तो) एड करें: आप आपके किसी ऐसे फ्रेंड से किसी प्रोमो कोड की मांग कर सकते हैं, जो आप दोनों के ही अकाउंट में लगभग 100/150 रुपये तक की धनराशि क्रेडिट करेगा। [कृपया यहाँ पर किसी भी तरह के अन्य उबर कोड्स पोस्ट ना करें – यह उबर के नियमों और दिशानिर्देशों के खिलाफ है और इसके साथ ही ऐसा करने पर उबर के द्वारा आपके अकाउंट में जमा राशि शून्य कर दी जाएगी।] अगर आपको अपने किसी फ्रेंड के जरिये प्रोमो कोड नहीं मिल पा रहा है, तो आप प्रोमो कोड पाने के लिए उबर की साइट पर भी जा सकते हैं।

 

 

 

 

  1. इमेज का टाइटल Use Uber Step 8
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    सारे नियमों और शर्तों को ध्यान से पढ़ लें: सर्विस का इस्तेमाल करना शुरू करने से पहले इस बात की पुष्टि कर लें, कि आप उबर की नियमों और शर्तों को स्वीकार करते हैं।

 

 

 

 

 

  1. इमेज का टाइटल Use Uber Step 9
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    “Sign Up” बटन क्लिक करें: आपका अकाउंट तैयार हो जाएगा और अकाउंट के तैयार होने के बाद आपको एक कंफ़र्मेशन ईमेल भेजा जाएगा। अब आप उबर सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

 

 

 

 

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एक ड्राईवर पाना (Getting a Driver)

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    आपके फोन में उबर एप पर टैप करें: अगर आपने पहले से साइन इन नहीं हैं, तो साइन इन करें।

    • अगर आपके पास अभी तक एप नहीं है, तो आप इसे आईफोन के लिए एप स्टोर (App Store) से या एंड्रॉइड के लिए प्ले स्टोर (Play Store) से डाउनलोड कर सकते हैं।

     

 

 

 

  1. इमेज का टाइटल Use Uber Step 11
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    “Where to?” टैप करें और आपकी डेस्टिनेशन (आपको जहाँ जाना है) एंटर करें: सर्च फील्ड में आने वाले रिजल्ट को टैप करें।

    • अगर आपने उबर एप पर आपके कांटैक्ट को सिंक किया हुआ है, तो आप यहाँ पर किसी भी इंसान को आपकी डेस्टिनेशन की तरह सेट कर सकते हैं। आपके कांटैक्ट को एक अप्रूवल रिक्वेस्ट भेजी जाएगी और कन्फ़र्म हो जाने के बाद आपका ड्राईवर आपको सीधे उन तक लेकर जाएगा।

     

 

  1. इमेज का टाइटल Use Uber Step 12
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    आपकी गाड़ी के प्रकार को चुनें: अलग-अलग शहरों के हिसाब से उबर की अलग-अलग तरह की सर्विस उपलब्ध हैं। वैसे आप उबरएक्स (uberX), एक्सएल (XL), उबरपूल (uberPOOL), सिलेक्ट (Select) और एक्सेसेबिलिटी ऑप्शन के बीच में चुन सकते हैं। आपके लिए मौजूद ऑप्शन को देखने के लिए, बाँये और दाँये तरफ स्वाइप करें, पिकअप और किराये की जानकारी सामने आने तक इंतज़ार करें।

    • उबरपूल (uberPOOL) – ये एक राइड शेयरिंग सर्विस है, जो आपको कम किराये में कुछ अनजाने लोगों के साथ राइड करने की सुविधा देती है। ये सर्विस हर क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है।
    • उबर एक्स (UberX) – इससे आपको आपकी लोकेशन पर एक सामान्य कार, जिसमें चार लोगों के बैठने की व्यवस्था हो, भेजी जाती है। यह ज़्यादातर उबर ऑपरेटिंग एरिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली सर्विस है।
    • सिलेक्ट (Select) – ये उबरएक्स से ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली हाइ-एंड सर्विस है।
    • ब्लैक (Black) – इसे चुनने पर, आपके लिए चार लोगों के बैठने की व्यवस्था वाली, एक लंबी ब्लैक टाउन कार, आपकी लोकेशन पर पहुंचाई जाएगी।
    • एक्सएल (XL) – इसे चुनने पर आपकी लोकेशन पर एक और भी लंबी, और 6 लोगों के बैठने की व्यवस्था वाली कार भेजी जाएगी।
    • एसयूवी (SUV) – इसमें आपकी लोकेशन पर 6 लोगों के बैठने की व्यवस्था वाली एक लग्जरी एसयूवी कार भेजी जाएगी।
    • असिस्ट (ASSIST) – इसमें आपकी लोकेशन पर एक ऐसी कार सर्विस दी जाएगी, जिसे आपकी लोकेशन पर सीमित फिजिकल गतिशीलता वाले लोगों की सहायता के लिए डिज़ाइन किया गया है।
    • WAV – इस तरह की कार रैम्प और लिफ्ट से लैस होती हैं, जिन्हें व्हीलचेयर आदि को उठाने के इरादे से तैयार किया गया है।

     

 

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    आपके द्वारा चाही गई शीट के नंबर (उबरपूल) की पुष्टि कर लें: अगर आप अपनी राइड के लिए उबरपूल (uberPOOL) को सिलेक्ट करते हैं, तो आप इसमें एक या दो शीट तक ही रिजर्व (बुक) कर सकते हैं। अगर आपके साथ में दो से ज्यादा लोग मौजूद हैं, तो फिर इसकी जगह पर उबरएक्स (uberX) को चुनें।
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    लगने वाले किराये (Upfront pricing) को जाँचें: हर तरह की गाड़ी के नीचे, उसका किराया दर्शाया गया होता है। ये किराया मौजूदा ट्रेफिक और समय पर निर्भर होता है। अगर आप राइड बुक करते हैं, तो यही वो किराया होगा, जो आपको आखिरी में देना होगा।

    • ये अपफ्रंट प्राइजिंग हर तरह की राइड के लिए उपलब्ध नहीं होती। अन्य तरह की गाड़ियों के लिए सिर्फ संभावित किराये को दर्शाया गया होता है।[१]
    • उबर के द्वारा लगाए जाने वाले चार्ज, टाइम और दूरी पर निर्भर होते हैं। अगर कार 11 mph (18 km/h) के अंदर चल रही होगी, तो आप पर मिनट के हिसाब से चार्ज लगाया जाएगा और अगर आपकी कार 11 mph (18 km/h) से ऊपर चल रही है, तो आप पर किलोमीटर के हिसाब से चार्ज किया जाएगा। आपको बेस रेट भी देना पड़ सकता है, जो कि आपकी लोकेशन के हिसाब से अलग-अलग होगा। हर एक शहर के लिए अलग-अलग किराया तय होता है, तो इसलिए पुष्टि के लिए उबर की वेबसाइट पर जाकर या फिर ऑनलाइन फेयर एस्टिमेटर (fare estimator) की मदद से चेक करना न भूलें। हर एक शहर के लिए कुछ मिनिमम किराया निर्धारित होता है। 
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राइड ऑर्डर करने के लिए, “Request Uber” पर टैप करें: आपसे आपकी पिकअप लोकेशन को कन्फ़र्म करने को कहा जाएगा।
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    आपकी पिकअप लोकेशन कन्फ़र्म करें: उबर आपकी पिकअप लोकेशन को सेट करने के लिए, आपकी डिवाइस कि लोकेशन का इस्तेमाल करेगा। अगर आप चाहें तो एक दूसरी लोकेशन तय करने के लिए मैप को ड्रैग करते हुए, सामने दिखने वाली पिन को मूव कर सकते हैं और एक अलग लोकेशन को सेट कर सकते हैं।

    • आपकी लोकेशन को कन्फ़र्म करने और राइड ऑर्डर करने के लिए “Confirm Pickup” टैप करें।
    • आपको एक ऐसे स्थान को आपके पिकअप पॉइंट बनाने की सलाह दी जाएगी, जिसे आपके ड्राईवर के द्वारा पाना आसान हो।
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आपके द्वारा सेट की गई स्ट्रीट एड्रेस के एकदम सामने ही खड़े होकर आपकी राइड का इंतज़ार करें: जब आपकी कार आ रही हो, तब कहीं और न जाएँ और न ही किसी और लोकेशन पर चलते जाएँ, ऐसे में आपके ड्राईवर को आपकी असली लोकेशन पाने में परेशानी होगी और आपको ढूँढने में उनका कीमती समय बरबाद हो जाएगा। आपको आपकी कार के आने का एक संभावित समय भी दर्शाया जाएगा। अगर आपके लिए कोई भी कार मौजूद नहीं है, तो कुछ मिनट के बाद में दोबारा कोशिश करें, हो सकता है कि ड्राईवर ने अपने पैसेंजर को अभी ड्रॉप किया हो और अब वो उपलब्ध हो।

 

 

 

 

 

  • उबर एप आपको आपके ड्राईवर का फिल्टर किया हुआ फोन नंबर उपलब्ध कराएगा। अगर आप चाहें तो जरूरत पड़ने पर इस नंबर की मदद से आपके ड्राईवर को कांटैक्ट कर सकते हैं।
  • अगर आप आपकी बुकिंग को कैंसिल करना चाहते हैं, और अगर आप बुकिंग के पाँच मिनिट के बाद में कैंसिल करते हैं, तो आप पर लगभग 50 रुपए की कैंसलेशन फी चार्ज की जाएगी।
  • आपके शहर, टाइम, और बिजनेस टाइम के हिसाब से आपके पिकअप का टाइम भी अलग हो सकता है।
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    उबर एप के जरिये भुगतान करें: आपके द्वारा की जाने वाली सारी राइड के किराये को ऑटोमेटिकली उबर सर्विस और आपके द्वारा सेट की गई पेमेंट मेथड के जरिये हैंडल किया जाता है। आप अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड, आपके पेपल (PayPal) अकाउंट, एंड्रॉइड या एप्पल पे (Pay) या फिर अन्य किसी क्षेत्रीय विकल्प का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

    • आपको उबर सर्विस के लिए टिप देने की जरूरत नहीं है, जिसमें उबरएक्स (UberX) भी शामिल है, लेकिन फिर भी टिप्स को लिया जाता है। ध्यान रखिए कि उबर टैक्सी के अलावा अन्य किसी सर्विस के लिए आपकी पेमेंट में किसी भी तरह की टिप को नहीं जोड़ा जाता। [२]
    • आप अगर चाहें तो टैक्सी सर्विस की डिफ़ाल्ट टिप को जरूर बदल सकते हैं, जिसे उबर की वेबसाइट पर 20% निश्चित किया गया है। लॉगिन करें और डिफ़ाल्ट टिप को बदलने के लिए, बिलिंग (Billing) सेक्शन को खोलें।
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    आपकी राइड को रेट करें: आपके डेस्टिनेशन पर पहुँच जाने के बाद, आपसे आपकी राइड को रेट करने को कहा जाएगा। ध्यान रखिए, कि 4 स्टार या इससे कम की रेटिंग आपके ड्राईवर के लिए नुकसानदेह हो सकती है और आपके द्वारा अगली बार कॉल किए जाने पर आपके लिए कम बहुत ड्राईवर भी उपलब्ध करा सकती है। उबर के लिए सिर्फ 5 स्टार रेटिंग ही पॉज़िटिव रेटिंग मानी जाती है। तो इसलिए आपके द्वारा दिया गया 5 से कम कोई भी नंबर, आप के ड्राईवर की सर्विस के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

सलाह

  • आप आपके ड्राईवर की इन्फॉर्मेशन को ऊपर uber customer care number india की तरफ स्वाइप करके और “Cancel” को टैप uber customer care number india करके आपकी राइड को कैंसिल कर सकते हैं। uber customer care number india  किसी भी तरह की कैंसलेशन फी से बचने के लिए, राइड ऑर्डर करने के 5 मिनट के अंदर राइड कैंसिल करें।
  • उबरटैक्सी (UberTAXI) ड्राईवर असल में uber customer care number india उबर के लिए काम नहीं किया करते, लेकिन ये अपनी कमाई का कुछ हिस्सा उबर को देते हैं, तभी ये उबर की लिस्ट में मौजूद होते हैं।
  • इस बात से भी अवगत रहें, कि जब आप uber customer care number india उबरपूल (UberPOOL) को अपना राइड टाइप सिलेक्ट करते हैं, uber customer care number india तो इसमें आपको अपनी डेस्टिनेशन पर पहुँचने में uber customer care number india कुछ ज्यादा वक़्त लग सकता है, ऐसा इसलिए क्योंकि आपको शायद ड्राईवर के द्वारा अन्य पैसेंजर्स, जो आपके साथ राइड करने वाले हैं uber customer care number india और जिन्हें शायद आप नहीं जानते और न ही आप इन्हें ड्रॉप करने के ऑर्डर को बदल सकते हैं, को पिक करने तक इंतज़ार भी करना पड़ सकता है। और साथ ही इसमें ड्राईवर को बहुत ज्यादा फायदा नहीं होता, तो इसलिए अगर आप बेस्ट सर्विस पाना चाहते हैं, तो ये ऑप्शन चुनना आपके लिए अच्छा नहीं रहेगा।uber cup  आपके द्वारा उबरपूल पर की जा रही ट्रिप पर आपका कोई कंट्रोल नहीं रहता।
  • जब आप एक उबर uber cup  टैक्सी बुक करते हैं, तो उसमें आपके किराये के साथ-साथ लगभग 20% टिप भी शामिल होती है, uber cup जो कि उबर और मौजूदा टैक्सी सर्विस के बीच की पार्टनरशिप होती है। लेकिन यदि आप उबरएक्स (UberX), उबरब्लैक (UberBlack) या उबरएसयूवी (UberSUV) गाड़ी आर्डर करते हैं, तो इसमें आप अपने uber cup ड्राईवर को रेटिंग देने के बाद भी टिप दे सकते हैं या फिर आप अपने ड्राईवर को कैश टिप भी दे सकते हैं।
  • अगर आपको किसी इंसान के साथ uber cup राइड परuber cup  जाने में कम्फर्टेबल नहीं लग रहा है, uber cup तो गाड़ी में बैठने से मना uber cup करने में या फिर उसे नीचे उतरने का बोलने में बिलकुल न घबराएँ। कुछ उबर या इसी तरह की अन्य कैब का सफर बहुतuber cup  खतरनाक भी हो सकता है। सफर करने से पहले ऑनलाइन उनके रिव्यू पढ़ना ना भूलें।

Ola cab बिजनेस कैसे शुरु करें in Hindi

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Ola cabs का नाम India में Taxi booking की दुनिया में एक जाना पहचाना नाम है | जहाँ इस Mobile App की मदद से किसी भी व्यक्ति की मिनटों में टैक्सी बुक हो जाती है, वही मिनटों में टैक्सी, ग्राहक को लेने ग्राहक के द्वार पर पहुँच भी जाती है | Ola Cabs का यह सीधा एवं सरल सा Business Model जहाँ लोगों की आवश्यकता के अनुरूप है, वहीँ इससे जुड़कर हजारों हज़ार लोग जिनके पास अपनी Commercial Car है वे मिलकर Business करके अपनी Kamai कर रहे हैं | इसलिए आज का हमारा विषय ऐसे लोगों को लक्ष्य करता है जिनके पास अपनी स्वयं की Commercial car अच्छी स्थिति में है, या फिर ऐसे लोग जिन्हें Driving नामक Skill आता है और वे अपनी Commercial Car लेने के Planning में है | इससे पहले की हम यह बात करें की Ola cabs के साथ मिलकर कोई व्यक्ति कैसे Business start कर सकता है हम एक नज़र डालते हैं Ola Cabs की history पर |

 

 

 

 

 

 

देश में कैब सर्विस

 

 

 

Ola Cabs Kya Hai:

Ola Cabs ANI Technologies Pvt. Ltd का व्यापारिक नाम है, जिसकी स्थापना इस कंपनी के वर्तमान CEO (भविष अग्रवाल) और CTO (अंकित भाटी) द्वारा 3 दिसम्बर 2010 को मुंबई में की गई लेकिन वर्तमान में इसका Head Office Bangalore में स्थित है | Ola Cabs एक Mobile app है जिसके माध्यम से टैक्सी, ऑटो इत्यादि बुक कराये जाते हैं, इस कंपनी के साथ वर्तमान में 100 से अधिक शहरों से लगभग 3 लाख Cabs जुड़ी हुई हैं | इतना मजबूत नेटवर्क होने के कारण ग्राहकों को चयनित शहरों में कहीं से भी कभी भी मिनटों के अन्दर टैक्सी मिल जाती हैं, और जहाँ पहले Taxi booking के rule में कम से कम किराया बहुत अधिक लगभग 400 रूपये हुआ करता था Ola Micro में यह 40 रूपये है शायद यही कारण है की Ola Cabs के साथ लोग जुड़ते जा रहे हैं और यह कंपनी अपना Business विस्तृत करते जा रही है | अब शायद आप समझ गए होंगे की Ola Cabs Mobile app को use करके लोगों द्वारा अपनी Transport सम्बन्धी आवश्यकताओं की पूर्ति की जाती है, या इसको हम ग्राहक जो टैक्सी बुक करना चाह रहे हों  और taxi owner को बहुत कम समय में एक दूसरे से मिलाने का Platform कह सकते हैं |

 

 

 

 

Benefits to attach the car with Ola in Hindi:

हालांकि Ola Cabs के साथ अपनी कार को जोड़ने के क्या फायदे (Benefits) हैं इसका अंदाज़ा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है की अब तक 3 लाख से अधिक टैक्सी Ola के साथ जुड़कर सफलतापूर्वक Kamai कर रही हैं | जिसका सीधे से मतलब है की जब लोगों को फायदा हो रहा है तभी Taxi owner Ola cabs से जुड़ रहे हैं | लेकिन इसके साथ बिज़नेस करने के जो मुख्य फायदे हैं उनका विवरण निम्नवत है |

  • Drivers की किसी भी शंका का समाधान के लिए 24×7 call center की व्यवस्था |
  • अपनी कार्यक्षमता या सहूलियत के हिसाब से काम करने की छूट |
  • दैनिक कार्य के आधार पर भुगतान का हो जाना |
  • भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता का होना |
  • अपनी दक्षता क्षमता के आधार पर कमाई करने की छूट |
  • 100 से अधिक शहरों में 3 लाख से अधिक Taxies का होना |

 

 

 

 

 

कैसे अपनी कार के साथ शुरु करें बिजनेस

 

 

 

Things to know before attaching the cab with Ola:

वह व्यक्ति जो Ola cabs के साथ अपनी Car attach करने की सोच रहा हो उसे पहले निम्नलिखित बातों को समझना बेहद जरुरी है |

  • Car owner केवल और केवल Commercial number car ही attach कर सकता है Commercial number से साधारण भाषा में आशय पीली नंबर प्लेट से है, लेकिन इसमें भी शर्त यह ही की गाडी या तो नई हो या फिर अच्छी स्थिति में हो |
  • व्यक्ति का किसी भी बैंक में चालू खाता होना चाहिए, इसलिए यदि पहले से खाता है तो ठीक है लेकिन यदि नहीं है तो Ola Cabs के साथ अपनी कार Attach कर रहे व्यक्ति को चालू खाता खुलवाने की आवश्यकता होगी |
  • कंपनी द्वारा व्यक्ति को गाड़ी का निरीक्षण करने हेतु बुलाया जा सकता है |
  • पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ, बैंक स्टेटमेंट, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि Documents सबमिट करने पड़ सकते हैं |
  • Ola Cabs से Cab attach करने के लिए इसकी किसी भी शाखा से संपर्क किया जा सकता है |
  • यदि उद्यमी कंपनी के सारे नियमों पर खरा उतरता है तो उसे एक Mobile device और Internet connection दिया जाता है जिसके बदले व्यक्ति द्वारा कंपनी को प्रतिदिन 50 रूपये देने पड़ते हैं |
  • इसमें यह बात समझनी बेहद जरुरी है की Peak hours हमेशा एक से नहीं रहते कंपनी समय समय पर इनमे बदलाव लाती रहती है |
  • 11PM to 6AM timing को Night time में जाना जाता है |
  • Ola Cabs द्वारा 1% TDS, 20% Commission और 50 रूपये Data एवं device charge car owner के अकाउंट से काटा जायेगा |
  • Toll Tax, Parking, State tax इत्यादि ग्राहकों से अलग से लिया जाना चाहिए क्योकि यह बिल में सम्मिलित नहीं होता है |
  • Ola के साथ Registration करवाना बिलकुल मुफ्त है | और इस प्रक्रिया में 2-3 घंटे का समय लगता है |

 

 

 

 

जरूरी निर्देश

Ola Cab me car attach karne se kitni Kamai hoti hai:

शायद इस प्रश्न का उत्तर देना थोडा मुश्किल इसलिए है क्योंकि Kamai निर्भर करती है Car owner द्वारा प्रतिदिन की जाने वाली Ride की संख्या पर, जितनी अधिक Ride करने में Car owner success होगा उतनी अधिक Kamai होगी | ola cab booking online हाँ लेकिन वह कमाई किस आधार पर होगी उसका विवरण हम नीचे दे रहे हैं | Ola cabs Car owners को Minimum Business Guarantee (MBG) देती है हालाँकि इसमें दैनिक या साप्ताहिक आधार पर बदलाव हो सकता है लेकिन वर्तमान में MBG की details निम्न है |

  • यदि व्यक्ति के पास Mini Cab जैसे Indigo, Indica, Wagonr, Celerio इत्यादि गाड़ी है तो उसकी 5 bookings पर 1700, 8 bookings ola cab booking online पर 2800, 13 bookings पर 6000 और 17 bookings पर 9500 प्रति दिन Kamai होने के आसार हैं |
  • यदि व्यक्ति के पास Prime Cab जैसे Xcent, Dzire, ola cab booking online Amaze इत्यादि गाड़ी है तो उसकी 6 bookings पर 1800, 9 bookings पर 3200, 15 bookings पर 6500 और 19 bookings पर 11000 प्रति दिन Kamai होने के आसार हैं |
  • यदि व्यक्ति के पास Mini Cab जैसे Alto k10, EOn, Datsun Go, Nano इत्यादि गाड़ी है तो उसकी 35 bookings पर 11000, 50 bookings ola cab booking online पर 14500, 70 bookings ola cab booking online पर 24000 और 80 bookings पर 34000 साप्ताहिक Kamai होने के आसार हैं |

 

 

 

 

 

 

Outstation Se hone wali Kamai:

Outstations riding से होने वाली Kamai का विवरण इस प्रकार है |

  • Mini Cab के Outstation riding पर Driver की 24 घंटे में 250 किलोमीटर तक कम से कम 2000 रूपये Kamai होगी | 250 से अधिक किलोमीटर उपयोग होने पर 9 प्रत्येक किलोमीटर के आधार पर देय होगा और 24 घंटे से अधिक समय पर 1 रूपये प्रति मिनट के हिसाब से देय होगा | और यदि Car owner रात के 11PM से सुबह 6 AM के बीच ride पर है तो 250 रूपये Night Charge Car owner को दिए जायेंगे | ola cab business plan इसके अलावा 185 रूपये Booking Incentive को भी ड्राईवर की Kamai का हिस्सा बनाया जायेगा |
  • Prime Cab के Outstation riding पर Driver की 24 घंटे में 250 किलोमीटर तक कम से कम 2500 रूपये Kamai होगी | ola cab business plan 250 से अधिक किलोमीटर उपयोग होने पर 13 प्रत्येक किलोमीटर के आधार पर देय होगा और 24 घंटे से अधिक समय पर 1 रूपये प्रति मिनट के हिसाब से देय होगा | ola cab business plan और यदि Car owner रात के 11PM से सुबह 6 AM के बीच ride पर है तो 250 रूपये Night Charge Car owner को दिए जायेंगे | ola cab business plan इसके अलावा 240 रूपये Booking Incentive को भी ड्राईवर की Kamai का हिस्सा बनाया जायेगा |
  • SUV Series में Innova, Ertiga, Enjoy, Xylo इत्यादि गाडीयाँ आती हैं इनके Outstation riding पर Driver की 24 घंटे में 250 किलोमीटर तक कम से कम 3000 रूपये Kamai होगी | ola cab business plan 250 से अधिक किलोमीटर उपयोग होने पर 16 प्रत्येक किलोमीटर के आधार पर देय होगा और 24 घंटे से अधिक समय पर 2 रूपये प्रति मिनट के हिसाब से देय होगा | और यदि Car owner रात के 11PM से सुबह 6 AM के बीच ride पर है तो 250 रूपये Night Charge Car owner को दिए जायेंगे | इसके अलावा 325 रूपये Booking Incentive को भी ड्राईवर की Kamai का हिस्सा बनाया जायेगा |

 

 

 

 

 

 

Documents required for attaching car with Ola cabs:

Ola Cabs के साथ Car Attaching हेतु documents की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • Cab सम्बन्धी दस्तावेजों में RC copy, Permit, Fitness, Insurance, Pollution Certificate इत्यादि की आवश्यकता होती है |
  • Car owner सम्बन्धी documents में Pan Card, Cancel Cheque/Bank Passbook/Bank Statement, Address proof इत्यादि की आवश्यकता होती है |
  • Driver सम्बन्धी documents में Commercial driving license, Present address proof, Permanent address proof इत्यादि documents की आवश्यकता होती है |

Ola Cabs ke sath Car kaise attach kare:

Ola Cabs के साथ business start करने के लिए उद्यमी के पास सर्वप्रथम एक Commercial number car का अच्छी condition में होना अनिवार्य है | ola cab book अब जिस व्यक्ति के पास Commercial number car अच्छी स्थिति में है ola cab book वह निम्न steps का अनुसरण करके Ola Cabs के साथ Business शुरू करके अपनी Kamai कर सकता है |

 

 

 

 

 

 

steps-to-attaching-the-car-with-ola-in-hindi

  • इच्छुक व्यक्ति को सबसे पहले उसके शहर में उपलब्ध Ola Cabs के ऑफिस में जाना होगा | या व्यक्ति चाहे तो Toll Free helpline 18004193535 पर फ़ोन करके भी इसकी जानकारी ले सकता है |
  • व्यक्ति को कंपनी द्वारा मांगे गए दस्तावेज कंपनी में जमा करने पड़ेंगे |
  • उसके बाद व्यक्ति को अपनी कार की फोटो या Physically car ola cab book को Ola Cabs के ऑफिस में जाकर निरीक्षण करवाना होगा | ola cab book इसलिए ध्यान रहे की कार अच्छी स्थिति में होनी चाहिए |

 

 

 

 

 

 

  • यदि व्यक्ति का आवेदन कंपनी द्वारा स्वीकार कर लिया जाता है तो कंपनी व्यक्ति को Mobile phone एवं data provide करेगी |
  • उसके बाद Ola के Staffs द्वारा Car Owner को सभी Guidelines, steps एवं Offers के बारे में बताया जायेगा |
  • यदि व्यक्ति के पास पहले से चालू खाता है तो उसकी details Ola Cabs को देनी चाहिए यदि नहीं है तो एक चालू खाता खुलवाना पड़ेगा |
  • उसके बाद व्यक्ति बुकिंग स्वीकार कर अपनी Kamai कर सकता है |

इसके अलावा व्यक्ति चाहे तो Ola Cabs के Online Platform के माध्यम से भी Registration करवा सकता है |

Online Apply करने के लिए यहाँ Click करें |

कैसे पायें आसानी से सरकारी नौकरी 10 टिप्स

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आज इंडिया में एक चीज का बहुत अधिक क्रेज चल रहा है और वह है – सरकारी नौकरी का. हर 12th पास युवा अपना करियर सरकारी विभाग में चाहता है. जिस कारण सरकारी जॉब के लिए आज बहुत अधिक कॉम्पीटिशन बढ़ गया है. आज से 20 साल पहले बहुत कम लोग ही पढ़े – लिखे होते थे जिस कारण जॉब ऐसे लोगो को ही मिलती थी जो इसके लिए काबिल होते थे.

लेकिन आज हालात इसके उलट है, आज काबिल लोगो की कमी नहीं है. किसी भी सरकारी फील्ड में अगर जॉब निकल जाए तो लाखो युवा उसमे Apply कर देते है लेकिन इसमें कुछ चुनिन्दा लोगो को ही सफलता मिलती है. अगर आप लाइफ के किसी भी एग्जाम में सफलता पाना चाहते है तो आपकी Thinking और Working Ways दुसरो से अलग होना चाहिए तभी आप जल्दी Success अचीव कर पाते हो.

कुछ लोग अपने करियर के प्रति पूरे सजग रहते है, वे अपने करियर से सम्बन्धित हर चीज पर फोकस करते है और हर अपने फील्ड की हर job requirement पर अपनी नज़ारे बनाये रखते है. इसी तरह, कुछ लोग सिर्फ Government sector में जॉब करना चाहते है क्योंकि वे believe करते है की सरकारी नौकरी ही एक मात्र वह नौकरी है जहाँ आपकी जॉब की security पूरी ज़िन्दगी तक रहती है.

आज अधिक से अधिक लोग government sector में Job के लिए Try कर रहे है, इससे उनको कोई मतलब नहीं की वह कौन सी पोस्ट पर काम करना चाहते है बल्कि उनके लिए सिर्फ एक बात ही matter करती है की कैसे भी करके सरकारी जॉब लग जाएँ. government job पाने के बहुत से तरीके है जो अगर आप अपनाते है तो आपको सरकारी नौकरी आसानी से मिल जाएगी.

How To Get Government Job Easily In Hindi

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Government Job

What is Neet Exam in Hindi & How to Import1. अपना Interst पता करे – Figure Out Particular Job In Government Sector :

आज जिस तरह से सरकारी नौकरी के लिए लोग अपना सबकुछ दाव लगाने के लिए तैयार है, यही उनकी असफलता का कारण है. कोई भी सरकारी जॉब की News आई आपने उस पोस्ट के लिए अप्लाई कर दिया, यह सोचे बगैर की वह किस टाइप की जॉब है. ऐसे में आप फॉर्म तो भर देते है लेकिन आपके अंदर से उस जॉब को पाने के लिए कुछ खास Interst नहीं आता जिस कारण आप उस जॉब को पास करने में फ़ैल हो जाते है.

आपको अगर सरकारी नौकरी चाहिए तो पहले यह Figure out कर ले की आप government sector के किस particular field में काम करना चाहते है. इससे आपको यह भी फायदा होगा की जब आपको जॉब मिल जाएगी तो आप पूरी ज़िन्दगी उस जॉब को एन्जॉय कर सकोगे. अन्यथा बिना आपके Interst से Related जॉब करने में आपको पैसा और जॉब सिक्युरिटी तो मिलेगी लेकिन आप हमेशा असंतुष्ट ही रहोगे.

इसलिए पहले खुद को अच्छी तरह से जान ले और फिर देखे की आप कौन सी सरकारी जॉब करना चाहते है. आज Bank , Post-Office, Defence, Group C, SSC, Forest Department, Hospitals, Teachers, Police और ऐसे ही बहुत से डिपार्टमेंट है जिनमे आप जॉब कर सकते है.

Free Website Banaye Kaise2. करियर के प्रति जूनून रखे – Be Passionate About Career:

सरकारी जॉब पाने के लिए आपके अंदर जूनून होना चहिये क्योंकि अगर यह आपके अंदर नहीं है तो आप यह जॉब नहीं पा सकते. अगर आप पुलिस की नौकरी करना चाहते है तो आपके अंदर इसका क्रेज होना चाहिए. इसे पाने के लिए आपको जो भी कुछ करना पड़े उसके लिए तैयार रहना चहिये. आप पुलिस की जॉब पाने के लिए क्या करोगे, कैसे दौड़ में आगे आओगे, कैसे अपना फिजिकल बेस्ट दोगे, मेडिकल कैसे सही करोगे, फाइनल एग्जाम को कैसे क्रेक करोगे.

इन सबका आंसर आपके पास होना चाहिए. सिर्फ दुसरो की देखा देखी में अगर आप पुलिस की या कोई भी नौकरी के लिए आवेदन करोगे तो आप कामयाब कभी नहीं हो सकते. जब तक आपके अंदर से यह नहीं आये की मुझे यह सरकारी जॉब चाहिए तो चहिये, ऐसा जूनून जब आपके अंदर आएगा तो आपके अंदर से खुद ही वह एनर्जी आने लगेगी जो आपको सरकरी जॉब दिलाने में हेल्प करेगी.

How VPN is used in mobile and computer applications3. अपना Desire बनाये – Make A Desire:

यह टिप्स आपको थोडा अटपटा लगे और आप सोच रहे होंगे की यह क्या लिख दिया. सरकरी जॉब का डिजायर से क्या कनेक्शन. तो मेरा जवाब है कनेक्शन है. आपको अगर यह जॉब चाहिए तो आपके अंदर इसे पाने का डिजायर होना ही चाहिए. बिना डिजायर के आपको सक्सेस बस तुक्के में मिलेगी. Desire का मतलब होता है की मुझे बस यह पाना है तो पाना है.

जैसे कभी आप भूखे होंगे तो उस समय आपका डिजायर होता है की मुझे कुछ खाना है. जब आप सोचते हो तो आप उसे पाने के लिए पूरी कोशिश करने लग जाते हो. आप जिस भी नौकरी को पाना चाहते है तो उसे अपने माइंड में सोचते रहे और जब आप उसे पा लेंगे तो उस moment को फील करे. यह सोच आपको अपनी जॉब के करीब ले जाएगी. डिजायर का फायदा यह होता है की जब आप अपने लक्ष्य से भटकने लग जाते है तो यह Desire आपको Inspire करता है और आपको भटकने नहीं देता.

इसलिए अपनी सरकारी जॉब का Desire बनाना शुरू कर दे. कुछ ही समय बाद आपका यह Desire पूरा हो जायेगा क्योंकि इस दुनिया में जो भी बड़े काम हुए है उसके पीछे एक बड़ा Desire ही था.

How To Get Government Job Easily In Hindi

How to Open poultry farm Business & Step by Step Increase and Success in Hindi4. पूरी तैयारी करे – Prepare Yourself In Advance :

Government Job पाने के लिए आपको अपनी पूरी तैयारी करनी चहिये. कोई अगर I.A.S ऑफिसर बनना चाहता है तो उसको उसे पाने के लिए जो भी Effort करने है उसके लिए तैयार होना चाहिए. अगर आपको इसके लिए 10 घंटे पढाई करनी है तो इसके लिए पहले से तैयार रहे. आपको कितना पढना है, क्या पढना है, कौन सी बुक आपको हेल्प करेगी, कहाँ से चीजे आपको पूछी जा सकती है. इन सवालों के जवाब आपको पता होने चाहिए.

आज अधिकतर लोग जॉब की अच्छी तरीके से तैयारी करते नहीं है और फिर किस्मत पर सारा दोष डाल देते है. खुद यह नहीं देखते की आपने कितनी तैयारी करी थी. आप अगर चाहो तो कुछ भी हासिल कर सकते हो पर उसके लिए सही दिशा में सही तैयारी करनी होती है. बिना तैयारी के आप जॉब को हासिल नहीं कर सकते.

किसी जॉब के लिए 100 लोग जब आवेदन करते है तब उनमे से 10 लोग ही सही ढंग से उसकी तैयारी करते है तभी सिर्फ उन दस लोगो को उस job में Success मिलती है. इसलिए अपनी तैयारी को जोरदार रखे और सही समय पर अपना दम दिखाए.

5. सफल लोगो से सीख ले – Learn To Successfull People :

अगर आप जिस भी Government Job की तैयारी कर रहे है, उस जॉब में जो भी व्यक्ति सफल हुआ हो उससे सीख ले. आपके आसपास कोई भी व्यक्ति माना बैंक की नौकरी पाने में सफल हो गया तो उस इन्सान से सीखे की वह कैसे सफल हुआ. उस व्यक्ति ने ऐसा क्या करा जो उसको सक्सेस मिली और अगर आप भी उन फंडो को आजमाते है तो आपकी भी किस्मत चमक सकती है.

इन लोगो से सीखने की कोशिश करे, ऐसे आपको कई लोग मिल जायेंगे. साथ ही उन लोगो से भी सीखे जो अपनी लाइफ में खुद के बल पर बहुत सफल हुआ हो. ऐसे लोगो के साथ रहकर आपको सफलता पाने के टिप्स मिल ही जायेंगे. इन लोगो से आपको जो भी सीखने को मिलता है उसे अपनी लाइफ में आजमाए और फिर उसी तरह से खुद को बनाने की सोचे. जब आप सीखोगे तो आपमें निखार आएगा.

6. अपनी सोच सही रखे – Think Good:

Government Job में सफल होना खेल है. अगर आपको विश्वास नहीं होता तो उनसे यह पूछ ले जो Government Job में सफल हुआ है. अगर वह सफल हो सकते है तो आप क्यों नहीं. एक इन्सान अगर किसी भी काम को कर रहा है तो आप भी उस काम को खेल खेल में कर सकते हो. कोई चीज अगर नामुमकिन हो तो उस चोज को पाना हम मुश्किल कह सकते है लेकिन जिसके example हमारे सामने हो वह तो आप भी कर ही सकते हो.

आपको आर्मी में जाना है और कोशिश करने के बाद आप कहते हो की शायद यह नौकरी आपके किस्मत में नहीं. क्या आप ऐसा करके खुद को कम नहीं आँक रहे. क्या जितने में लोग आर्मी में है वह दुसरे ग्रह से आये है क्या या वह आपसे अलग है. नहीं बिलकुल नहीं, वह भी आपके तरह ही इन्सान है. लेकिन आप दोनों में अंतर है सोच का, एक की सोच सही डायरेक्शन में है और एक की नहीं.

आप अपनी सोच का दायरा बढ़ाये और उसे सही ट्रैक पर ले जाये. जब आप यह मान लोगे की Government Job पाना मेरे लिए आसान है तब आप यह जॉब पा ही लोगे. आपके लिए फिर इस जॉब को पाना कोई कठिन बात नहीं होगी.

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7. तार्किक और रीजनिंग में बनाये खुद को योग्य – Logical And Analytical Ability:

यह एक बहुत बड़ा fact है की किसी भी government related jobs के exam में तार्किक और रीजनिंग के question पूछे ही जाते है. हर तरह की सरकारी जॉब में analytical और numerical reasoning का आना आम बात है. इसलिए, आपको इन स्किल को अपने अंदर रोज develop करना चाहिये. Reasoning से रिलेटेड हर questions की आप अच्छी तरीके से तैयारी करे और प्रैक्टिस करते रहे.

इसके अलावा एग्जाम में आपके पास बहुत कम Time होता है और इस समय में रीजनिंग और मैथ के questions को कर पाना थोडा कठिन हो जाता है. इसलिए खुद को time management में बढ़िया करे. घर में बैठकर हर दिन एक निश्चित टाइम रखकर इन प्रश्नों की प्रैक्टिस करते रहे. इस तरह जब आप रीजनिंग की तैयारी और practice करोगे तो आपके लिए एग्जाम में आसानी हो जायेगी.

8. अच्छी कम्युनिकेशन स्किल बनाये – Good Communication Skills:

अच्छी कम्युनिकेशन स्किल का होना हर इन्सान के लिए बहुत जरुरी है, और जब बात हो सरकारी नौकरी की तब तो बोलचाल की अच्छी नॉलेज का होना जरुरी हो जाता है. ऐसे लोगो को Basic English जरुर आनी चाहिए. अगर आप English में conversation करते हो तो आपको इसका दोगुना फायदा मिलता है. good English skills आपको दूसरो से बात करने मेंकॉन्फिडेंस तो देती ही है साथ में यह आपको logical and reasoning questions में भी हेल्प करती है.

अधिकतर पेपर्स में सारे प्रश्न इंग्लिश में ही आते है और जब आपकी English अच्छी है तो आपको इन सवालों को समझना आसान हो जाता है. जिससे आप प्रश्नों को अच्छे तरीके से कर सकते हो. इसके अलावा जब आप preliminary tests and exams को पास कर देते हो तो आपकी selection process में second stage इंटरव्यू का होता है.

Interview के समय इंग्लिश आना बहुत जरुरी हो जाता है. आपको पूरी इंग्लिश ना भी आये तो चलेगा लेकिन इंग्लिश में बातचीत करने का basic conversation Knowledge आपको होना चाहिए. इसके अलावा group discussions में भी कई candidate interviewers को impress करने के लिए English में ही discussion करते है. इसलिए खुद में अंग्रेजी का ज्ञान बढाए और खुद को एग्जाम के लिए पूरी तरह से तैयार रखे.

9. अपनी जनरल नॉलेज बढ़ाएं – Expand Your General Knowledge:

अगर आप जॉब के लिए कोशिश कर रहे हो तो आपका जनरल नॉलेज बहुत अच्छा होना चाहिए. जनरल नॉलेज का अच्छा होना आपको कॉन्फिडेंस तो देगा ही साथ में आपको अपनी जॉब को पाने में हेल्प भी करेगा. इसके लिए जरुरी है की आप रोजाना newspaper पढ़े. बहुत सी news sites है जहाँ से आप historical and current affairs की knowledge ले सकते हो.

इसके अतिरिक्त आप science, politics, economy, social life से Related national and international affairs को जाने और उन्हें हमेशा नोट करते रहे. आप ऐसे लोगो के नाम याद रखे जो बहुत फेमस है, साथ ही ऐतिहासिक तारीख और इससे सम्बन्धित जानकरी भी याद कर ले. यह important step आपको government job exams की तैयारी में बहुत काम आएगा.

इस तरह से आपका जनरल नॉलेज बेहतर होने पर आपकी एग्जाम की तैयारी बहुत अच्छी तरीके से हो जायेगी जो आपको जॉब पाने में काफी हेल्प दिला देगा. जनरल नॉलेज बेहतर होने पर आपकी सोशल नॉलेज काफी अच्छी हो जाती है जो आपको दुसरो से कुछ खास बना देती है. जनरल नॉलेज हर किसी के पास नहीं होती अगर यह आपके पास है तो आप उन लोगो से काफी बेहतर स्थिति में हो.

यह थे वह important step जिनसे आप government job exams को आसानी से prepar कर सकते हो. अधिकतर लोग इन एग्जाम में इसलिए फ़ैल हो जाते है क्योंकि वे logical और analytical reasoning, general knowledge और current affairs में कमजोर होते है.

Finally Friends, मैं आपसे यही कहूँगा की इस दुनिया में कुछ भी नामुमकिन जैसी चीज नहीं होती. जो आप कल्पना कर सकते है वह आप Reality में कर सकते है. इसके लिए जरुरी है की आप Aware रहे. जो भी आप पाना चाहते है उसे पाने के लिए कदम बढाये. आपका जो लक्ष्य है उसे पाने के लिए अपना 100% दे. इस तरह से जब आप Government Job की तैयारी करोगे तो आपको इसे हासिल करने में कोई भी कठिनाई नहीं होगी.

बड़ी बात यह है की अगर आप सोचते है की आप Government Job पा लोगे तो आप इसे हासिल कर लोगे, लेकिन अगर आपमें इसे पाने के लिए थोडा सा भी खुद पर शक है तो इसे पाना आपके लिए कठिन हो जाएगा. इसलिए खुद को सही दिशा में आगे बढाए और इस जॉब को पाने के लिए अपनी ज़िन्दगी की पूरी ताकत लगा दे. अगर अपनी पूरी Force के साथ आप कोशिश करोगे तो यह आपको आसानी से मिल जाएगा. मैं सुरेन्द्र महरा आपके बेहतर भविष्य के लिए आपको शुभकामना देता हूँ.

Fill Income Tax Return Online

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इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख नजदीक आ गई है। washington state income tax फाइनैंशल इयर 2016-17 (असेसमेंट इयर 2017-18) के लिए 31 जुलाई तक आप रिटर्न फाइल कर सकते हैं। कुछ बदलावों की वजह से इस बार आईटीआर कुछ हटकर है। आईटीआर से जुड़ीं जानकारियां और ऑनलाइन रिटर्न भरने का तरीका बता रहे हैं नोटबंदी और इनकम टैक्स रिटर्न के फॉर्म में कुछ बदलावों की वजह से इस साल रिटर्न आईटीआर फाइल करने में सावधानी बरतने की जरूरत है। फिर सभी बैंक अकाउंट के पैन और आधार से जुड़ना अनिवार्य कर दिए जाने की वजह से भी आईटीआर फाइल करना दूसरे बरसों की तुलना में थोड़ा अलग है। इस बार आईटीआर फाइल करते समय आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से आपकी आमदनी छिपी हुई बिल्कुल न हो। ऐसे में आपका एक भी गलत दावा आपको परेशानी में डाल सकता है।

 

 

 

 

 

 

किसे भरना है रिटर्न और किसे नहीं 
फाइनैंशल इयर 2016-17 के स्लैब के हिसाब से छूट washington state income tax की सीमा 60 साल से कम के पुरुषों और महिलाओं के लिए 2.5 लाख रुपये है। 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के लिए यह सीमा 3 लाख रुपये है और 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के सुपर सीनियर सिटिजन के लिए 5 लाख तक की आमदनी टैक्स-फ्री है।

साल भर में हुई कुल इनकम में से HRA, मेडिकल और कन्वेंस आदि Exemption घटाने के बाद जो रकम बचती है, उसके हिसाब से रिटर्न भरने या न भरने का फैस्ला होता है। यह 80C आदि Deduction घटाने से पहले की रकम है।

अगर चैप्टर VIA के इन्वेस्टमेंट और ब्याज की छूट लेने से पहले आपकी इनकम इस सीमा से ज्यादा है तो आपको रिटर्न भरना होगा। मतलब यह है washington state income tax कि इनवेस्टमेंट पर मिलने वाली छूट के बाद अगर टैक्सेबल इनकम इस लिमिट से कम हो रही है तो भी रिटर्न भरना होगा। मान लें, आपकी ग्रॉस इनकम 3 लाख रुपये है washington state income tax और उम्र 60 साल से कम है। आपने 80 सी में पीपीएफ और इंश्योरेंस पॉलिसी में 60 हजार रुपये इनवेस्ट कर दिए। इससे आपकी टैक्सेबल इनकम हो गई 2 लाख 40 हजार रुपये। अब यह 2.5 लाख की एग्जम्प्शन लिमिट से कम है, लेकिन रिटर्न भरना होगा क्योंकि डिडक्शन से पहले की इनकम तीन लाख है।

 

 

 

 

 

 

कुछ ऐसे खास बदलाव जो फाइनैंशल इयर 2016-17 पर लागू हुए हैं
1. ITR1 (सहज) से सभी सैलरी वाले अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं, जिनकी इनकम सालाना 50 लाख रुपये तक है। ITR 2 से वैसे सैलरी washington state income tax वाले अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं जिनकी सालाना आमदनी 50 लाख से ज्यादा है।

2. आईटीआर फॉर्म में इस बार एक स्पेशल कॉलम दिया गया है जिसमें आपको नोटबंदी के दौरान (8 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच) अपने अकाउंट में  washington state income tax जमा किए गए 2 लाख रुपये या इससे ज्यादा के रकम का विवरण देना होगा। इसके लिए आपको अपना अकाउंट नंबर, बैंक का IFSC कोड और जितनी रकम जमा कराई है, उसका विवरण देना होगा।

 

 

 

 

 

3. आपको अपना 12 डिजिट का आधार नंबर भी अपने पैन से लिंक करना अनिवार्य है।

4. अब ITR1 से संपत्ति व दायित्व का कॉलम हटा लिया गया है। अभी तक ITR1 में ही लोग अपनी संपत्ति और दायित्व का विवरण देते थे, लेकिन इस बार 50 लाख रुपये तक की आमदनी वाले ही ITR1 भरेंगे इसलिए इस कॉलम को हटाकर ITR2 में डाला गया है जो 50 लाख से ज्यादा इनकम वाले लोगों के लिए है।

5. इस बार फॉर्म की संख्या भी कम कर दी गई है। पहले 9 तरह के फॉर्म थे, इस बार सिर्फ 7 फॉर्म रह गए हैं।

रिटर्न भरने की आखिरी तारीख
31 जुलाई 2017 – सैलरीड लोगों के लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख। बिजनस वाले, प्रफेशनलों के लिए भी यही लास्ट डेट है, बशर्ते आमदनी की ऑडिटिंग न कराते हों। बिजनस में ऑडिटिंग की जरूरत उन्हें है, जिनकी टैक्सेबल इनकम 1 करोड़ से ज्यादा होती है।

30 सितंबर 2017 – उन लोगों, फर्मों और कंपनियों के लिए है आखिरी तारीख, जिनके लिए अपनी सालाना आमदनी की ऑडिटिंग कराना जरूरी होता है।

31 मार्च 2018 – अगर आपका टीडीएस आपकी कंपनी ने काट लिया है और आप पर टैक्स की कोई देनदारी नहीं बनती, तो आप 31 मार्च 2018 तक washington state income tax भी बिना किसी पेनल्टी के इनकम टैक्स रिटर्न भर सकते हैं।

किसके लिए कौन-सा फॉर्म
सबसे पहले यह तय कीजिए कि आमदनी के सोर्स के आधार पर कौन-सा आईटीआर फॉर्म आपके लिए मुफीद है। इस साल इसके लिए 7 तरह के फॉर्म जारी किए गए हैं।

आईटीआर फॉर्म नंबर 1 से लेकर फॉर्म नंबर 4 washington state income tax तक इंडिविजुअल के लिए है:

 

 

 

 

 

 

ITR 1 (SAHAJ)
यह ऐसे इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए है, जिन्हें नीचे दिए तरीकों से आमदनी होती है:

सैलरी या पेंशन या मकान के किराए से 50 लाख रुपये तक की कमाई। कमर्शल प्रॉपर्टी के किराए से अगर कमाई हो रही है तो भी यही फॉर्म है। जिन लोगों को सैलरी या पेंशन से इनकम होती है और उनके पास एक घर है या कोई घर नहीं है, वे भी इसे भरेंगे।

इस फॉर्म का इस्तेमाल न करें अगर…
आपकी आमदनी एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी से होती हो
विदेश से कोई इनकम हो या कोई फॉरेन असेट हो
किसी सोर्स से कैपिटल गेंस हुआ हो
खेती से आय 5000 रुपये सालाना से ज्यादा हो
किसी बिजनस या प्रफेशन से आमदनी होती हो
इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज में लॉस दिखाना हो
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ITR 2
ऐसे टैक्सपेयर्स और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (HUF) के लिए, जिन्हें इन तरीकों से आमदनी होती है :

सैलरी या पेंशन से 50 लाख रुपये से washington state income tax ज्यादा की आमदनी
एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी
किसी सोर्स से कैपिटल गेंस हुआ हो।
दूसरे सोर्स से आमदनी, लॉटरी समेत
किसी फर्म में पार्टनरशिप से आमदनी हो
एग्रीकल्चरल इनकम सालाना 5000 रुपये से ज्यादा हो

 

 

 

 

 

 

इस फॉर्म का इस्तेमाल न करें अगर…
बिजनस या प्रफेशन से आमदनी
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ITR 3
फर्म के ऐसे पार्टनर्स के लिए, जिन्हें washington state income tax नीचे दिए तरीकों से आमदनी होती है:
सैलरी या पेंशन
एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी
कैपिटल गेंस, किसी इन्वेस्टमेंट की बिक्री से
दूसरे सोर्स से, जिसमें लॉटरी भी शामिल है।
पार्टनरशिप फर्म का प्रॉफिट

इस फॉर्म का इस्तेमाल न करें अगर…
आपके पास सोल प्रॉपराइटरशिप फर्म से इनकम है।
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ITR 4
ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए, washington state income tax जिन्हें नीचे दिए तरीकों से आमदनी होती है:
प्रिजम्प्टिव इनकम स्कीम washington state income tax के तहत आने वाले बिजनस से
एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी हो

 

 

 

 

 

ITR फॉर्म 5 से लेकर 7 तक नॉन-इंडिविजुअल के लिए हैं।
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डिडक्शंस की लिस्ट
80C, 80CCC और 80CCD में इन आइटम्स में छूट मिलती है। इसकी सीमा फाइनैंशल इयर 2016-17 के लिए 1.5 लाख रुपये तक है।

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)
एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (EPF), बैंक एफडी
दो बच्चों की ट्यूशन फीस
सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम
होम लोन के रीपेमेंट में प्रिंसिपल अमाउंट के तौर पर दी जाने वाली रकम
लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए प्रीमियम जो आप चुकाते हैं।
नैशनल सेविंग्स स्कीम (NSC)
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम यानी ELSS
सुकन्या समृद्धि योजना में किया गया इन्वेस्टमेंट
नैशनल पेंशन स्कीम (NPS) में अधिकतम 50 हजार रुपये
स्टांप ड्यूटी, प्रधानमंत्री सहायता कोष में दिया गया दान (80G) में
राजनीतिक दलों को दिया गया चंदा 80GGC में

 

 

 

 

 

 

1.5 लाख के अलावा
इन आइटमों में भी छूट मिलती है, जो 1.5 लाख की सीमा से अलग है:

80D : हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का washington state income tax प्रीमियम 60 साल की उम्र तक ₹25000 रुपये, लेकिन 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के हैं तो 30 हजार रुपये तक।
24B : होम लोन के रीपेमेंट में ब्याज की रकम पर। इसकी सीमा 2 लाख रुपये है।
80E : हायर स्टडीज के लिए लिए गए एजुकेशन लोन के रीपेमेंट में ब्याज की रकम पर। कोई सीमा नहीं।

रिटर्न भरने की तैयारी
आमतौर पर हमलोग रिटर्न भरने को बड़ा टास्क मानते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप कुछ शुरुआती तैयारियों के बारे में जान लें तो काम आसान हो जाएगा। रिटर्न फाइल करने में आपको इनसे मदद मिल जाएगी। रिटर्न भरने से पहले नीचे दिए गए कागजात आप अपने पास रखें। याद रखें कि रिटर्न फाइल करने के समय आपसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को कोई कागज नहीं चाहिए।

 

 

 

 

 

 

फॉर्म 16
जो सैलरीड हैं, यह फॉर्म अब तक उनके एम्प्लॉयर ने उन्हें दे दिया होगा। आपकी सैलरी से जो टीडीएस पिछले फाइनैंशल इयर में काटा गया होगा, वह इसमें दर्ज होगा।

TDS सर्टिफिकेट
अगर सैलरी के अलावा किसी दूसरे स्रोतों से भी आपको आमदनी हुई हो और उस पर टीडीएस कट चुका हो तो उस संस्था से भी टीडीएस सर्टिफिकेट ले लें। रेंटल इनकम, शेयर, एफडी वगैरह से होने वाली इनकम के मामले में टीडीएस सर्टिफिकेट की जरूरत होती है।

फॉर्म 26AS
फॉर्म 26 एएस से आप यह पता लगा सकते हैं कि कंपनी या बैंक ने आपका जो टीडीएस काटा है, उसे सरकार के पास जमा भी कराया है या नहीं। इससे यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि आपका काटा गया टीडीएस इनकम टैक्स विभाग के पास पहुंच गया है। इस टीडीएस का ब्योरा आप दो तरह से देख सकते हैं।

 

 

 

 

 

अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न की साइट incometaxindiaefiling.gov.in पर रजिस्टर्ड हैं तो इस वेबसाइट पर जाकर लेफ्ट साइड में View Form 26AS पर क्लिक करें। अगर बैंक पिछले फाइनैंशल आपका टीडीएस काट चुका है और आप नेट बैंकिंग इस्तेमाल करते हैं तो बैंक की वेबसाइट पर जाकर View Your Tax Credit पर क्लिक करके फॉर्म 26 एएस देख सकते हैं। यहां आपको उस बैंक में की गई एफडी आदि से जुड़ी जानकारी भी मिल जाएगी।

बैंक स्टेटमेंट्स
सभी सेविंग्स अकाउंट्स की साल भर (1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक) की स्टेटमेंट ले लें। इसकी मदद से आपको यह पता चलेगा कि इस फाइनैंशल इयर में बैंक ब्याज के तौर पर आपको कितनी आमदनी हुई। ब्याज की इस आमदनी को आपको रिटर्न में दिखाना होगा।

 

 

 

 

 

 

दूसरे जरूरी दस्तावेज
पैन नंबर और बैंक की डिटेल्स आपके पास होनी चाहिए। बैंक का IFSC नंबर रिटर्न में भरा जाता है। इसी से रिफंड का पैसा आपके अकाउंट में आता है।
आपको आधार नंबर की भी जरूरत होगी। अगर आपने आधार कार्ड नहीं बनवाया है तो जल्दी से बनवा लें।
नोटबंदी के दौरान यदि आपने अपने किसी खाते में 2 लाख या इससे ज्यादा रकम जमा कराया है तो आपको वह अकाउंट नंबर और जमा रकम का विवरण भी देना होगा। ये डिटेल्स भी अपने पास रखें।

जानें कुछ बेसि क टर्म्स

फाइनैंशल इयर
1 अप्रैल से 31 मार्च तक के समय को फाइनैंशल इयर कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक के समय को फाइनैंशल इयर 2016-17 कहा जाएगा। अभी हम जो रिटर्न भर रहे हैं, वह फाइनैंशल इयर 2016-17 के लिए है।

असेसमेंट इयर
असेसमेंट इयर फाइनैंशल इयर से आगे वाला साल होता है यानी जिस साल उस फाइनैंशल इयर के टैक्स संबंधी मामलों का असेसमेंट किया जाता है। मसलन फाइनैंशल इयर 2016-17 के लिए असेसमेंट इयर 2017-18 होगा।

 

 

 

 

 

 

डिडक्शंस
विभिन्न तरह की इन्वेस्टमेंट पर इनकम टैक्स विभाग की ओर से आपको टैक्स में छूट मिलती है। ये कई तरह के आइटम होते हैं, जहां इन्वेस्टमेंट करके टैक्स में छूट हासिल की जा सकती है। मसलन सेक्शन 80सी से सेक्शन 80यू तक जो भी आइटम हैं, उन्हें डिडक्शन के तहत माना जाता है।

ग्रॉस इनकम
टैक्स-फ्री आमदनी और अलाउंसेस को छोड़कर आपकी साल की कुल आमदनी जो भी है, उसे ग्रॉस इनकम कहा जाता है। ग्रॉस इनकम हमेशा 80 सी से 80 यू तक मिलने वाले डिडक्शन से पहले वाली इनकम होती है।

टैक्सेबल इनकम
ग्रॉस इनकम में से 80 सी से 80 यू तक मिलने वाले डिडक्शन क्लेम कर लेने के बाद जो इनकम आती है, उसे टैक्सेबल इनकम कहते हैं, यानी डिडक्शन से पहले वाली इनकम ग्रॉस इनकम और डिडक्शन के बाद वाली इनकम को टैक्सेबल इनकम कहते हैं।

 

 

 

 

 

 

टीडीएस
आपकी जो भी आमदनी होती है, सरकार उस पर टैक्स काटती है। इसे टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स कहा जाता है। जो संस्था आपको पेमेंट कर रही है, वही टैक्स की इस रकम को काटकर बाकी रकम आपको पे करती है। मसलन आपकी कंपनी आपको जो सैलरी देती है, वह उस पर बनने वाले टैक्स को काटकर बाकी रकम आपके खाते में ट्रांसफर करती है। टीडीएस काटने का काम एंम्प्लॉयर या पेमेंट करने वाली संस्था का है। इसे काटना या जमा करना लेने वाले की जिम्मेदारी नहीं है। आमतौर पर जब कोई संस्था किसी काम के बदले आपको भुगतान करती है, तो वह 10 फीसदी की दर से टीडीएस काटती है।

सीनियर सिटिजन
जिन लोगों की उम्र 31 मार्च 2017 को 60 साल या उससे ज्यादा थी, उन्हें सीनियर सिटिजन माना जाएगा। सुपर सीनियर सिटिजन इसी तरह जिन लोगों की उम्र 31 मार्च 2017 को 80 साल से ज्यादा थी, वे सुपर सीनियर सिटिजंस होंगे। आप जिस फाइनैंशल इयर का रिटर्न भर रहे हैं, उसके अंतिम दिन 31 मार्च को उम्र की गिनती की जाती है।

इनकम टैक्स रिफंड
अगर किसी टैक्सपेयर ने सरकार को ज्यादा टैक्स दे दिया है, तो वह उस रकम को सरकार से वापस ले सकता है। इस वापस आई रकम को ही रिफंड कहा जाता है। टैक्स रिटर्न भरकर आप इस एक्स्ट्रा रकम को इनकम टैक्स विभाग से क्लेम करते हैं। इसके बाद रिफंड की यह रकम आपको इनकम टैक्स विभाग की ओर से आपके अकाउंट में भेज दी जाती है।

 

 

 

 

 

फॉर्म 16A
अगर सैलरी के साथ-साथ दूसरे जरियों से भी आपको आमदनी हुई हो और उस पर टीडीएस कट चुका हो तो उस संस्था से भी टीडीएस सर्टिफिकेट ले लें। इस सर्टिफिकेट को ही फॉर्म 16ए कहा जाता है। यहां हम रेंटल इनकम, शेयर, एफडी वगैरह से होने वाली इनकम की बात कर रहे हैं। एफडी के मामले में आपका बैंक आपको यह सर्टिफिकेट देगा।

फॉर्म 16
अगर आप कहीं नौकरी करते हैं तो आपका एम्प्लॉयर आपको एक फॉर्म 16 देता है। यह फॉर्म अब तक आपके एम्प्लॉयर ने आपको दे दिया होगा। यह इस बात को साबित करता है कि एम्प्लॉयर ने आपकी सैलरी से अगर टैक्स बनता है, तो टीडीएस काटा है। इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक हर एम्प्लॉयर के लिए जरूरी है कि वह फॉर्म 16 अपने कर्मचारियों को दे। अगर आपका एम्प्लॉयर आपको यह फॉर्म नहीं दे रहा है तो आप इसकी रिक्वेस्ट उसे रजिस्टर्ड डाक से भेजें और इसका सबूत अपने पास रखें। इनकम टैक्स विभाग के पूछताछ करने पर यह सबूत दिखाया जा सकता है।

फॉर्म 26AS
फॉर्म 26एएस एक कंसॉलिडेटेड टैक्स स्टेटमेंट है। इसमें खासतौर से तीन तरह के ब्योरे होते हैं। पहला टीडीएस का ब्योरा, दूसरा टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स का ब्योरा और तीसरा टैक्सपेयर द्वारा बैंक में जमा कराया गया एडवांस टैक्स/सेल्फ असेसमेंट टैक्स का ब्योरा। फॉर्म 26 एएस से आप यह पता लगा सकते हैं कि कंपनी या बैंक ने आपका जो टीडीएस काटा है, उसे सरकार के पास जमा कराया भी है या नहीं।

आसान है इनकम टैक्स रिर्टन भरना
इनकम टैक्स रिटर्न भरना आसान है। अगर आप खुद नहीं भर सकते तो प्रफेशनल्स की मदद ले सकते हैं। आइए जानते हैं रिटर्न भरने के बारे में:

रिटर्न आप दो तरह से भर सकते हैं – मैन्युअली और ऑनलाइन। यहां आपके लिए यह जानना जरूरी है कि अगर आपकी आमदनी 5 लाख रुपये तक सालाना है और वह भी सैलरी से, तभी आप मैन्युअली रिटर्न फाइल कर सकते हैं। अगर ऐसा नहीं है तो आपको रिटर्न ऑनलाइन ही फाइल करना होगा।

 

 

 

 

 

मैन्युअली रिटर्न फाइल
मैन्युअली रिटर्न भरने के लिए फॉर्म किसी स्टेशनरी की दुकान से ले सकते हैं या फिर साइट www.incometaxindia.gov.in से डाउनलोड कर लें। अब सवाल यह कि रिटर्न फाइल करेगा कौन? रिटर्न आप खुद भी फाइल कर सकते हैं। सैलरीड क्लास के लिए जरूरी आईटीआर1 फॉर्म भरना आसान ही है। हालांकि दूसरे फॉर्म भी आसान ही हैं, बावजूद इसके अगर आपको लगता है कि आप खुद से फाइल नहीं कर सकते तो आप किसी सीए, इनकम टैक्स के वकील या इनकम टैक्स विभाग के Tax Return Preparer (TRP) को फीस देकर भी रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

आप इनकम टैक्स विभाग में जाकर ऑफलाइन रिटर्न जमा कर सकते हैं या करवा सकते हैं। हालांकि अब लोग ऑनलाइन ही रिटर्न फाइल करना पसंद करते हैं क्योंकि यह बेहद आसान है और समय की भी काफी बचत करता है। आप भी ऐसा कर सकते हैं।

जमा कहां करें
सैलरीड क्लास (जिनकी आमदनी 5 लाख रुपये तक है) के जो लोग ऑफलाइन रिटर्न भर रहे हैं, वे अपने शहर में असेसमेंट ऑफिसर के पास रिटर्न जमा करा सकते हैं। असेसमेंट ऑफिसर के बारे में जानने के लिए incometaxindiaefiling.gov.in/ पर जाएं और वहां ऊपर मौजूद Accessibility Options पर क्लिक करें। यहां Services में जाकर Know Your Jurisdiction AO पर क्लिक करें। नई विंडो में आपसे पैन और मोबाइल नंबर मांगा जाएगा। जानकारी देकर Submit पर क्लिक करें। अपने वॉर्ड से संबंधित पूरी जानकारी आपके सामने होगी। अगर आपने पिछले एक साल में नौकरी बदली है तो संभव है कि नए एम्प्लॉयर के हिसाब से आपका वॉर्ड बदल जाए। वेबसाइट से यह पता लगाने में दिक्कत हो और नौकरी न बदली हो तो पिछले साल भरे गए रिटर्न की रसीद से भी आप अपना वॉर्ड पता लगा सकते हैं।

 

 

 

 

 

ऑॅनलाइन रिटर्न ऐसे फाइल करें
ऑनलाइन रिटर्न फाइल करना बेहद आसान है। इसकी एक बड़ी खासियत यह है कि इससे रिफंड जल्दी आ जाता है। आजकल ऐसी तमाम साइट्स हैं जो ई-रिटर्न भरना आपके लिए आसान बना देती हैं, लेकिन इसके लिए आपसे पैसे भी चार्ज करती हैं। वैसे, अगर आप फ्री में ई-रिटर्न फाइल करना चाहते हैं तो इनकम टैक्स विभाग की साइट incometaxindiaefiling.gov.in से भर फाइल कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें :

साइट incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं। राइट साइड में Downloads के नीचे ITR Forms- AY 2017-18 मेन्यू में से जिस भी सोर्स से आपकी आमदनी है, उसके अनुसार अपना फॉर्म चुनें। यहां डाउनलोड के लिए दो ऑप्शन आपको मिलेंगे। आप जरूरी फॉर्म के सामने Excel Utility पर क्लिक करें। एक डायलॉग बॉक्स खुलेगा। उसमें Save File ऑप्शन क्लिक करें और फॉर्म को डेस्कटॉप पर सेव कर लें।

अब इस फॉर्म को ऑफलाइन ही भर लें। बीच-बीच में फॉर्म को वैलिडेट करते जाएं। इससे अगर कहीं कुछ गड़बड़ होगी तो पकड़ में आ जाएगी। फॉर्म भर लेने के बाद Generate XML पर क्लिक करके इसका एक्सएमएल वर्जन तैयार कर लें। अब आपका रिटर्न फॉर्म फाइल होने के लिए तैयार है।

अब इनकम टैक्स की साइट पर जाएं। अगर पहले से रजिस्टर्ड हैं तो अपना लॉगइन और पासवर्ड डालकर आगे बढें। अगर रजिस्टर्ड नहीं हैं तो रजिस्ट्रेशन कराएं और अकाउंट और पासवर्ड हासिल करें। इसके लिए incometaxefiling.gov.in पर जाएं। यहां राइट साइड पर New To e-Filing? के नीचे Register Youeself बटन पर क्लिक करें। यहां select User Type के नीचे दिए गए ऑप्शन में से अपने लिए सही टाइप चुनें मसलन इंडिविजुअल, एचयूएफ, कंपनी आदि में से कोई एक। इसे सिलेक्ट करने के बाद Continue पर क्लिक करें। एक नया पेज खुल जाएगा जहां आपसे पैन के साथ-साथ इंडिविजुअल या कंपनी का नाम आदि कुछ बेसिक सूचनाएं मांगकर आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।

 

 

 

 

 

 

इतना कुछ करने के बाद आपको यूजर आईडी और पासवर्ड मिल चुका होगा। आप फिर से incometaxefiling.gov.in पर जाएं और आईडी और पासवर्ड की मदद से लॉगइन करें। यहां पर e-file में जाकर Upload Return पर क्लिक कर दें। रिटर्न की एक्सएमएल फाइल ब्राउज करके उसे अपलोड कर दें। फाइल अपलोड हो जाने के बाद अकनॉलिजमेंट फॉर्म आएगा। अगर आपके पास डिजिटल साइन हैं, तो डिजिटल साइन दे दीजिए। रिटर्न का प्रॉसेस यहीं पूरा हो गया।

अगर आपके पास डिजिटल साइन नहीं हैं और न ही ई वेरिफिकेशन, तो इस अकनॉलिजमेंट फॉर्म का प्रिंट लेकर उस पर अपना साइन करें और 120 दिनों के अंदर इसे साधारण पोस्ट या स्पीड पोस्ट से इस पते पर भेज दें :
CPC
Post Bag No.1,
Electronic City Post Office,
Bengaluru- 560100
Karnataka

15-20 दिन में इनकम टैक्स विभाग की तरफ से इस बात का अकनॉलिजमेंट आपके पास ई-मेल और एसएमएस से आ जाएगा कि आपका रिटर्न भरने का काम सफलतापूर्वक पूरा हो गया। अगर इतने दिनों में रिटर्न का अकनॉलिजमेंट मेल न आए तो दोबारा अकनॉलिजमेंट भेज दें। फोन नंबर 080-43456700 पर कॉल कर भी आप इससे संबंधित पूछताछ कर सकते हैं। सीपीसी सेंटर के नंबर 1800 4250 0025 पर आप सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक ई फाइलिंग का स्टेटस जान सकते हैं। सीपीसी सेंटर के एक दूसरे नंबर 1800 425 2229 पर कॉल कर आप अपने रिफंड का स्टेटस जान सकते हैं।

– अगर आपने पिछली बार ऑनलाइन रिटर्न भरा था तो इस बार भी ऑनलाइन ही भरना होगा। ऐसा करना बहुत आसान है। आपको बस आमदनी के डिटेल्स भरने होंगे। बाकी सारे डिटेल्स खुद ब खुद आ जाएंगे।

 

 

 

 

 

TRP की मदद से ऐसे करें फाइल
इसके लिए आपको एक टीआरपी ढूंढना होगा। इसके लिए trpscheme.com पर जाएं। यहां ऊपर ही मौजूद Locate TRP पर क्लिक करें। आपको गूगल मैप दिखेगा और उसके नीचे कुछ सूचनाएं मांगी जाएंगी। यहां ऊपरी लाइन में मौजूद State, City और Pin Code भरें और Search पर क्लिक कर दें। क्लिक करते ही आपके सामने आपके क्षेत्र के टीआरपी के नाम, पते और फोन नंबर मिल जाएंगे। आप उनमें से किसी से भी संपर्क कर सकते हैं। समय-समय पर इनकम टैक्स विभाग टीआरपी के बारे में अखबारों में भी सूचना देता रहता है। टोल-फ्री नंबर 1800-10-23738 पर कॉल करके भी टीआरपी से संबंधित सूचनाएं हासिल की जा सकती हैं। यह लाइन सोमवार से शनिवार तक सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुली रहती है।

– टीआरपी फॉर्म 16 की मदद से रिटर्न भरेगा और जमा करेगा। रिटर्न जमा करने के बाद टीआरपी आपको उसकी रसीद देगा। रिटर्न भरने में कोई गड़बड़ी होती है तो इसके लिए टीआरपी जिम्मेदार होगा। याद रखें कि टीआरपी से उसका आईकार्ड जरूर मांगें और उसे डॉक्युमेंट्स की फोटोस्टेट कॉपी ही दें ऑरिजिनल नहीं।

– कोई भी टीआरपी देश में कहीं भी मौजूद आदमी का रिटर्न भर सकता है।

– टीआरपी इसके लिए मैक्सिमम 250 रुपये तक चार्ज कर सकता है।

 

 

 

 

 

ऑनलाइन रिटर्न फाइल का खर्च कितना :
अगर आप इनकम टैक्स की सरकारी साइट से भर रहे हैं तो कोई खर्च नहीं है। किसी प्राइवेट साइट से भरते हैं तो 100 से 750 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। पेड साइट्स की मदद से कुछ पैसे खर्च करके भी आप अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
Taxsmile.com
Myitreturn.com
Taxspanner.com
Cleartax.com

बचें 10 टॉप गलतियों से:

1. रिटर्न भरने में देरी
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में देरी न करें और बेहतर यही रहेगा कि समय रहते रिटर्न फाइल कर दें। अगले साल से तो अगर रिटर्न समय पर फाइल नहीं करेंगे तो 5000 रुपये की पेनल्टी देनी होगी।

2. रिटर्न न फाइल करना
आमतौर पर लोग सोचते हैं कि अगर टैक्स की कोई देनदारी नहीं है, तो आईटी रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है। आप भी यही सोचते हैं तो आप गलत हैं। रिटर्न भरने से आजादी सिर्फ उन लोगों को है, जिनकी सालाना ग्रॉस इनकम बेसिक एग्जेंप्शन लेवल से कम है।

 

 

 

 

 

 

3. आईटीआर फॉर्म गलत चुनना
आप देखें कि आपकी आय का जरिया क्या-क्या है। इनकम के अलग-अलग सोर्स के हिसाब से फॉर्म अलग-अलग हैं। किसे कौन-सा फॉर्म भरना है, इसके लिए बाकायदा नियम हैं। कई बार लोग गलत फॉर्म चुन लेते हैं। अपनी कैटिगरी के हिसाब से सही रिटर्न फॉर्म चुनें और उसे ही भरें। आपकी आमदनी यदि सिर्फ सैलरी से है तो ITR1 ही भरें, लेकिन यदि आमदनी का इसके अलावा भी कोई सोर्स है तो आपके लिए अलग फॉर्म होगा।

4. सोच-समझकर करें फॉर्म पर साइन 
अगर आप खुद से फॉर्म नहीं भर रहे हैं तो सावधान रहें। अक्सर आपका अकाउंटेंट साइन कराकर खाली रिटर्न फॉर्म पर रख लेता है और बाद में उस फॉर्म को भरकर जमा कर देता है। खाली फॉर्म पर साइन न करें। फॉर्म भरने में अकाउंटेंट से गलती हो गई तो आपको ही दिक्कत होगी। इसलिए भरे हुए रिटर्न फॉर्म को अच्छी तरह जांचने के बाद ही उस पर साइन करें।

5. ध्यान से भरें फॉर्म
रिटर्न फॉर्म में पैन, आईएफएस कोड, अकाउंट नंबर, एम्प्लॉयर का टैन जैसी कुछ फिगर्स ऐसी होती हैं, जिन्हें भरते वक्त गलती होने की आशंका रहती है। इन नंबरों को ध्यान से भरें। फर्ज करें कि आपने अपने पैन का एक डिजिट गलत भर दिया। ऐसी स्थिति में आपका रिटर्न रिजेक्ट हो जाएगा और इसके लिए इनकम टैक्स विभाग आपके ऊपर जुर्माना लगा सकता है।

6. ई-वेरिफिकेशन नहीं तो अकनॉलिजमेंट जरूरी
आप ई-फाइलिंग कर रहे हैं, लेकिन डिजिटल साइन व ई-वेरिफिकेशन का यूज नहीं कर रहे हैं, तो आपको रिटर्न का प्रिंट लेकर बेंगलुरु भेजना जरूरी है। अक्सर लोग अकनॉलिजमेंट भेजना भूल जाते हैं और रिटर्न रिजेक्ट हो जाता है। यह काम ऑनलाइन रिटर्न भरने के 4 महीने के भीतर कर लें। अकनॉलिजमेंट फॉर्म साधारण पोस्ट या स्पीड पोस्ट से ही भेजें।

7. फॉर्म 16 जरूर लें
अगर आपने फाइनैंशल इयर के दौरान नौकरी बदली है तो अपने दोनों एम्प्लॉयर से फॉर्म 16 जरूर ले लें। अपने पहले एम्प्लॉयर के साथ काम के दौरान की गई सेविंग्स और उससे हुई आमदनी अगर आपने अपने नए एम्प्लॉयर को नहीं बताई है तो हो सकता है कि वह कम टैक्स काटे। लेकिन याद रखिए कि यह चालाकी चलेगी नहीं। संभव है कि बाद में आपको कम काटा गया टैक्स ब्याज समेत भरना पड़ेगा। दरअसल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट 26 एएस से आपके रिटर्न को वेरिफाई कर सकता है। 26 एएस में आपके एडवांस टैक्स, मिले ब्याज, टीडीएस और आय के अन्य स्रोतों का विवरण रहता है।

8. बैंक ब्याज का जिक्र जरूरी
कई बार लोग फिक्स्ड डिपॉजिट regional income tax agency और सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज का जिक्र अपने इनकम टैक्स regional income tax agency रिटर्न में नहीं करते हैं। उन्हें लगता है कि बैंक ने टीडीएस तो regional income tax agency काट ही लिया है इसलिए उस आमदनी को रिटर्न में दिखाने की regional income tax agency अब उन्हें कोई जरूरत नहीं। यह सोच पूरी तरह से गलत है। regional income tax agency आपको ब्याज का पूरा विवरण देना चाहिए। 80C में शामिल फिक्स्ड डिपॉजिट टैक्स सेविंग में मदद करता है, लेकिन इस पर मिले ब्याज पर टैक्स देना होता है। ऐसे में ब्याज को आप नजरअंदाज नहीं कर सकते।

 

 

 

 

 

9. इनकम की क्लबिंग को नजरंदाज करना
कई लोग वाइफ और बच्चों के नाम से भी इन्वेस्टमेंट करते हैं। regional income tax agency आप अपनी वाइफ को कितनी भी रकम दे सकते हैं, regional income tax agency लेकिन गिफ्ट की गई रकम को आप इन्वेस्ट करते हैं regional income tax agency  तो सेक्शन 64 सामने आ जाता है। इसके मुताबिक, गिफ्ट regional income tax agency की गई रकम से कोई आमदनी होती है तो वह आपकी टैक्सेबल इनकम में जोड़ी जाएगी। इससे फर्क नहीं पड़ता कि पार्टनर को आमदनी होती है या नहीं।

10. नोटबंदी में जमा रकम की जानकारी
यदि आपने नोटबंदी में 2 लाख से ज्यादा डिपॉजिट किया regional income tax agency है regional income tax agency तो आपको अपने रिटर्न में regional income tax agency इसे जरूर दिखाना चाहिए। आप इसे किसी भी oregon income tax हाल में छिपा नहीं सकते। oregon income tax आपको यह पता होना चाहिए कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास नोटबंदी के दौरान दो लाख रुपये या इससे ज्यादा रकम बैंक में जमा करने वाले सभी लोग की सूची है। oregon income tax गलत सूचना देने की स्थिति में आप पर पेनल्टी लगाने के साथ-साथ मुकदमा भी चलाया जा सकता है।

पैन से ऐसे जोड़ें आधार को
जिनके पास पहले से आधार है, oregon income tax वे इस बार oregon income tax पैन से आधार को लिंक किए बिना रिटर्न जमा नहीं करा पाएंगे। जानते हैं कि कैसे जोड़ें इन दोनों को:

मोबाइल से
आधार नंबर और पैन कार्ड oregon income tax को SMS से मेसेज भेजकर भी लिंक oregon income tax किया जा सकता है। इसके लिए फोन से कैपिटल लेटर में UIDPAN लिखने के बाद स्पेस देकर आधार नंबर और एक स्पेस देकर फिर पैन नंबर लिखें और 567678 या 56161 पर भेज दें। यह मेसेज उसी मोबाइल नंबर से भेजना होगा जो मोबाइल नंबर आधार कार्ड के साथ रजिस्टर है। जानकारियां मैच करने पर पैन और आधार लिंक हो जाएंगे।

वेबसाइट से
1. incometaxindiaefiling.gov.in पर oregon income tax जाएं।
2. लेफ्ट साइड में Link Aadhaar नाम के oregon income tax लाल रंग के टैब पर क्लिक करें।
3. यहां पर आपको पैन नंबर, oregon income tax आधार नंबर और oregon income tax अपना नाम भर कर कैप्चा भर कर Link Aadhaar पर क्लिक करें।
4. अगर नाम में थोड़ा बहुत मिसमैच है oregon income tax तो पोर्टल की तरफ से ओटीपी आएगा और उसे भरने के बाद सेव करने पर आधार और पैन लिंक हो जाएगा।

 

 

 

 

 

ENGLISH

The income tax oregon income tax department has released the ITR filing software utility for all seven ITR forms for the FY 2017-18 (AY 2018-19). Out of these only ITR-1 and ITR-4, can be filed completely online without having to download any software utility in Excel or Java format.

ITR-1 can be filed by resident oregon income tax individuals only having income of up to Rs 50 lakh. oregon income tax The source of this income should be salary, one house property, and other sources such as interest income etc.

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27
Compare Apple iPhone XR

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Apple iPhone XS Max
Display 6.10-inch 6.50-inch
Processor hexa-core hexa-core
Front Camera 7-megapixel 7-megapixel
Resolution 828×1792 pixels 1242×2688 pixels
OS iOS 12 iOS 12
Storage 64GB 64GB
Rear Camera 12-megapixel 12-megapixel + 12-megapixel
General
Release date September 2018 September 2018
Dimensions (mm) 150.90 x 75.70 x 8.30 157.50 x 77.40 x 7.70
Weight (g) 194.00 208.00
IP rating IP67 IP68
Removable battery No No
Wireless charging Yes Yes
Colours Black, Blue, Coral, White, Yellow, and PRODUCT (RED) Space Grey, Silver, Gold
Display
Screen size (inches) 6.10 6.50
Touchscreen Yes Yes
Resolution 828×1792 pixels 1242×2688 pixels
Protection type Other Other
Pixels per inch (PPI) 326 458
Hardware
Processor hexa-core hexa-core
Processor make Apple A12 Bionic Apple A12 Bionic
Internal storage 64GB 64GB
Expandable storage No No
Camera
Rear camera 12-megapixel (f/1.8) 12-megapixel (f/1.8, 1.4-micron) + 12-megapixel (f/2.4)
Rear autofocus Yes Yes
Rear flash Yes Yes
Front camera 7-megapixel (f/2.2) 7-megapixel (f/2.2)
Software
Operating system iOS 12 iOS 12
Connectivity
Wi-Fi Yes Yes
Wi-Fi standards supported 802.11 a/b/g/n/ac 802.11 a/b/g/n/ac
GPS Yes Yes
Bluetooth Yes, v 5.00 Yes, v 5.00
NFC Yes Yes
Lightning Yes Yes
Headphones Lightning Lightning
Number of SIMs 2 2
Active 4G on both SIM cards Yes Yes
Sim 1
SIM Type Nano-SIM Nano-SIM
GSM/CDMA GSM GSM
3G Yes Yes
4G/ LTE Yes Yes
Sim 2
SIM Type eSIM eSIM
GSM/CDMA GSM GSM
4G/ LTE Yes Yes
Sensors
Face unlock Yes Yes
3D face recognition Yes Yes
Fingerprint sensor No No
Compass/ Magnetometer Yes Yes
Proximity sensor Yes Yes
Accelerometer Yes Yes
Ambient light sensor Yes Yes
Gyroscope Yes Yes
Barometer Yes Yes

Huawei Honor View 20 booking open 15 jan full specification and features

Iphone 5 vs iphone 5s

Motorola Moto G7 Full Specification and Features

apple Iphone x vs Iphone xs Specification

8

                                      Apple iPhone X

                                      Apple iPhone XS

SUMMARY
Variants
  • Apple iPhone X
  • Apple iPhone XS
Critic Rating 4.5/5 | Critic Review N/A
User Rating 4.2/5 | User Reviews 4.4/5 | User Reviews
Performance Hexa Core Hexa Core
Display 5.8″ (14.73 cm) 5.8″ (14.73 cm)
Storage 64 GB 64 GB
Camera 12 MP + 12 MP 12 MP + 12 MP
Battery 2716 mAh 2658 mAh
Ram 3 GB 4 GB
SPECIAL FEATURES
Other Sensors Light sensor, Proximity sensor, Accelerometer, Barometer, Compass, Gyroscope Light sensor, Proximity sensor, Accelerometer, Barometer, Compass, Gyroscope
Fingerprint Sensor No No
Applications FaceTime, iTunes Store, iBooks, Podcasts, Find My iPhone, Find My Friends. iTunes Store, FaceTime, Find My iPhone, Find My Friends
GENERAL
Quick Charging Yes Yes
Operating System iOS v11.0.1 iOS v12.0
Sim Slots Single SIM, GSM Dual SIM, GSM+GSM
Model iPhone X iPhone XS
Launch Date November 3, 2017 (Official) September 28, 2018 (Official)
Brand Apple Apple
Sim Size SIM1: Nano SIM1: Nano SIM2: eSIM
Network 4G: Available (supports Indian bands) 3G: Available, 2G: Available 4G: Available (supports Indian bands) 3G: Available, 2G: Available
Fingerprint Sensor No No
MULTIMEDIA
Loudspeaker Yes Yes
Fm Radio No No
Audio Jack Lightning Lightning
PERFORMANCE
Chipset Apple A11 Bionic Apple A12 Bionic
Graphics Apple GPU (three-core graphics) Apple GPU (four-core graphics)
Processor Hexa Core (2.39 GHz, Dual core, Monsoon + 1.42 GHz, Quad core, Mistral) Hexa Core (2.49 GHz, Dual core, Vortex + 1.52 GHz, Quad core, Tempest)
Coprocessor M11 M12
Architecture 64 bit 64 bit
Ram 3 GB 4 GB
DESIGN
Build Material Case: Mineral GlassBack: Mineral Glass
Thickness 7.7 mm 7.7 mm
Width 70.9 mm 70.9 mm
Weight 174 grams 177 grams
Waterproof Yes Water resistant (up to 30 minutes in a depth of 1 meter), IP67 Yes Water resistant (up to 30 minutes in a depth of 2 meter), IP68
Ruggedness Dust proof Dust proof
Height 143.6 mm 143.6 mm
Colours Silver, Space Grey Gold, Silver, Space Grey
DISPLAY
Display Type OLED OLED
Aspect Ratio 18:9 19.5:9
Bezelless Display Yes with notch Yes with notch
Pixel Density 463 ppi 463 ppi
Screen Protection Yes Yes
Screen To Body Ratio Calculated 80.93 % 80.93 %
Screen Size 5.8 inches (14.73 cm) 5.8 inches (14.73 cm)
Screen Resolution 1125 x 2436 pixels 1125 x 2436 pixels
Touch Screen Yes 3D Touch Touchscreen, Multi-touch Yes 3D Touch Touchscreen, Multi-touch
STORAGE
Internal Memory 64 GB 64 GB
Expandable Memory No No
CAMERA
Settings Exposure compensation, ISO control Exposure compensation, ISO control
Camera Features 10 x Digital Zoom, Optical Zoom, Auto Flash, Face detection, Touch to focus 10 x Digital Zoom, 2 x Optical Zoom, Auto Flash, Face detection, Touch to focus
Image Resolution 4000 x 3000 Pixels 4000 x 3000 Pixels
Sensor BSI Sensor BSI Sensor
Video Recording Features Optical Image stabilization Optical Image stabilization
Autofocus Yes Yes Phase Detection autofocus
Shooting Modes Continuos Shooting, High Dynamic Range mode (HDR), Burst mode Continuos Shooting, Burst mode
Resolution 7 MP Front Camera 7 MP Front Camera
Physical Aperture F2.2 F2.2
Optical Image Stabilisation Yes Dual optical image stabilization Yes
Flash Yes Retina Flash Yes Retina Flash
Video Recording 1920×1080 @ 30 fps 1920×1080 @ 30 fps
BATTERY
User Replaceable No No
Talktime Up to 21 Hours(3G)
Quick Charging Yes Fast, 50 % in 30 minutes Yes
Wireless Charging Yes Yes
Type Li-ion Li-ion
Capacity 2716 mAh 2658 mAh
NETWORK CONNECTIVITY
Wifi Yes Wi-Fi 802.11, a/ac/b/g/n/n 5GHz, MIMO Yes Wi-Fi 802.11, a/ac/b/g/n/n 5GHz, MIMO
Wifi Features Mobile Hotspot Mobile Hotspot
Bluetooth Yes v5.0 Yes v5.0
Volte Yes Yes
Usb Connectivity USB 2.0 USB 2.0
Sar Value Head: 1.08 W/kg, Body: 1.17 W/kg
Nfc Yes Yes
Network Support 4G (supports Indian bands), 3G, 2G 4G (supports Indian bands), 3G, 2G
Gps Yes with A-GPS, Glonass Yes with A-GPS, Glonass
Sim 1 4G Bands:TD-LTE 2600(band 38) / 2300(band 40) / 2500(band 41) / 1900(band 39) FD-LTE 2100(band 1) / 1800(band 3) / 2600(band 7) / 900(band 8) / 700(band 28) / 1900(band 2) / 1700(band 4) / 850(band 5) / 700(band 13) / 700(band 17) / 850(band 18) / 850(band 19) / 800(band 20) / 1900(band 25) / 850(band 26) / 700(band 29) / 2300(band 30)3G Bands: UMTS 1700 / 1900 / 2100 / 850 / 900 MHz2G Bands: GSM 1800 / 1900 / 850 / 900 MHz GPRS:Available EDGE:Available 4G Bands:TD-LTE 2600(band 38) / 2300(band 40) / 2500(band 41) / 2100(band 34) / 1900(band 39) FD-LTE 2100(band 1) / 1800(band 3) / 2600(band 7) / 900(band 8) / 1900(band 2) / 1700(band 4) / 850(band 5) / 700(band 13) / 700(band 14) / 700(band 17) / 850(band 18) / 850(band 19) / 800(band 20) / 1900(band 25) / 850(band 26) / 700(band 29) / 2300(band 30)3G Bands: UMTS 1900 / 2100 / 850 / 900 MHz2G Bands: GSM 1800 / 1900 / 850 / 900 MHz GPRS:Available EDGE:Available
Sim Size SIM1: Nano SIM1: Nano SIM2: eSIM

Apple iphone 8 vs iphone 8 plus difference

Apple iphone 8 vs iphone 8 plus difference

6

                                    Apple iPhone 8

                                    Apple iPhone 8 Plus

SUMMARY
Variants
  • Apple iPhone 8
  • Apple iPhone 8 Plus
Critic Rating N/A 4/5 | Critic Review
User Rating 4.7/5 | User Reviews 4/5 | User Reviews
Performance Hexa Core Hexa Core
Display 4.7″ (11.94 cm) 5.5″ (13.97 cm)
Storage 64 GB 64 GB
Camera 12 MP 12 MP + 12 MP
Battery 1822 mAh 2675 mAh
Ram 2 GB 3 GB
SPECIAL FEATURES
Fingerprint Sensor Position Front Front
Other Sensors Light sensor, Proximity sensor, Accelerometer, Barometer, Compass, Gyroscope Light sensor, Proximity sensor, Accelerometer, Barometer, Compass, Gyroscope
Fingerprint Sensor Yes Yes
GENERAL
Quick Charging Yes Yes
Operating System iOS v11 iOS v11
Sim Slots Single SIM, GSM Single SIM, GSM
Model iPhone 8 iPhone 8 Plus
Launch Date September 29, 2017 (Expected) September 29, 2017 (Official)
Brand Apple Apple
Sim Size SIM1: Nano SIM1: Nano
Network 4G: Available (supports Indian bands) 3G: Available, 2G: Available 4G: Available (supports Indian bands) 3G: Available, 2G: Available
Fingerprint Sensor Yes Yes
MULTIMEDIA
Loudspeaker Yes Yes
Fm Radio No No
PERFORMANCE
Chipset Apple A11 Bionic Apple A11 Bionic
Processor Hexa Core (Dual core, Monsoon + Quad core, Mistral) Hexa Core (2.39 GHz, Dual core, Monsoon + 1.42 GHz, Quad core, Mistral)
Coprocessor M11 M11
Architecture 64 bit 64 bit
Ram 2 GB 3 GB
DESIGN
Build Material Case: AluminiumBack: Mineral Glass Case: AluminiumBack: Mineral Glass
Thickness 7.3 mm 7.5 mm
Width 67.3 mm 78.1 mm
Weight 148 grams 202 grams
Waterproof Yes Water resistant (up to 30 minutes in a depth of 1 meter), IP67 Yes Water resistant, IP67
Ruggedness Dust proof Dust proof
Height 138.4 mm 158.4 mm
Colours Gold, Silver, Space Grey Gold, Red, Silver, Space Grey
DISPLAY
Display Type IPS LCD IPS LCD
Screen To Body Ratio 65.23 %
Pixel Density 326 ppi 401 ppi
Screen Protection Yes Yes
Screen Size 4.7 inches (11.94 cm) 5.5 inches (13.97 cm)
Screen Resolution 750 x 1334 pixels Full HD (1080 x 1920 pixels)
Touch Screen Yes 3D Touch Touchscreen, Multi-touch Yes 3D Touch Touchscreen, Multi-touch
STORAGE
Internal Memory 64 GB 64 GB
Expandable Memory No No
CAMERA
Settings Exposure compensation, ISO control Exposure compensation, ISO control
Aperture F2.2
Camera Features 5 x Digital Zoom, Auto Flash, Face detection, Simultaneous HD video and image recording, Touch to focus 10 x Digital Zoom, 2 x Optical Zoom, Auto Flash, Face detection, Simultaneous HD video and image recording, Touch to focus
Image Resolution 4608 x 2592 Pixels 4608 x 2592 Pixels
Sensor BSI Sensor BSI Sensor
Video Recording Features Optical Image stabilization Optical Image stabilization
Autofocus Yes Yes Phase Detection autofocus
Shooting Modes Continuos Shooting, High Dynamic Range mode (HDR), Burst mode Continuos Shooting, High Dynamic Range mode (HDR), Burst mode
Resolution 7 MP Front Camera 7 MP Front Camera
Optical Image Stabilisation Yes Yes
Flash Yes Retina Flash Yes Retina Flash
Video Recording 1920×1080 @ 30 fps 1920×1080 @ 30 fps
BATTERY
User Replaceable No No
Talktime Up to 14 Hours(3G) Up to 21 Hours(3G)
Quick Charging Yes Fast, 50 % in 30 minutes Yes
Wireless Charging Yes Yes
Type Li-ion Li-ion
Capacity 1822 mAh 2675 mAh
NETWORK CONNECTIVITY
Wifi Yes Wi-Fi 802.11, a/ac/b/g/n/n 5GHz, MIMO Yes Wi-Fi 802.11, a/ac/b/g/n/n 5GHz, MIMO
Wifi Features Mobile Hotspot Mobile Hotspot
Bluetooth Yes v5.0 Yes v5.0
Volte Yes Yes
Usb Connectivity USB 2.0 USB 2.0, Proprietary
Nfc Yes Yes
Network Support 4G (supports Indian bands), 3G, 2G 4G (supports Indian bands), 3G, 2G
Gps Yes with A-GPS, Glonass Yes with A-GPS, Glonass
Sim 1 4G Bands:TD-LTE 2600(band 38) / 2300(band 40) / 2500(band 41) / 2100(band 34) / 1900(band 39) FD-LTE 2100(band 1) / 1800(band 3) / 2600(band 7) / 900(band 8) / 700(band 28) / 1900(band 2) / 1700(band 4) / 850(band 5) / 700(band 13) / 700(band 17) / 850(band 18) / 850(band 19) / 800(band 20) / 1900(band 25) / 850(band 26) / 700(band 29) / 2300(band 30)3G Bands: UMTS 1700 / 1900 / 2100 / 850 / 900 MHz2G Bands: GSM 1800 / 1900 / 850 / 900 MHz 3G Speed: HSDPA 42.2 Mbit/s ?, HSUPA 5.76 Mbit/s ?GPRS:Available EDGE:Available 4G Bands:TD-LTE 2600(band 38) / 2300(band 40) / 2500(band 41) / 2100(band 34) / 1900(band 39) FD-LTE 2100(band 1) / 1800(band 3) / 2600(band 7) / 900(band 8) / 700(band 28) / 1900(band 2) / 1700(band 4) / 850(band 5) / 700(band 13) / 700(band 17) / 850(band 18) / 850(band 19) / 800(band 20) / 1900(band 25) / 850(band 26) / 700(band 29) / 2300(band 30)3G Bands: UMTS 1700 / 1900 / 2100 / 850 / 900 MHz2G Bands: GSM 1800 / 1900 / 850 / 900 MHz GPRS:Available EDGE:Available
Sim Size SIM1: Nano SIM1: Nano

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