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आलू Chips Making Business की जानकारी in Hindi

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आलू चिप्स बिजनेस की जानकारी Potato Chips Making Business in Hindiआलू चिप्स बिजनेस की जानकारी – आप मे से ज्यादातर लोगों ने आलू से बने हुए चिप्स जरूर खाये होंगे। यह वो खाद्य पदार्थ है जिसको आप लगभग हर जगह पर मौजूद पा सकते है। दूसरे तरह चिप्स की तुलना में आलू से बने चिप्स काफी ज्यादा लोकप्रिय होते है। बीते कुछ सालों में इनकी बिक्री में भी काफी बढ़ोत्तरी देखी गयी है। इसीलिए बहुत से लोग इस बिजनेस में अपना हाथ डालने की कोशिश कर रहे है। और आज की हमारी पोस्ट ऐसे ही लोगों के लिए है। आज की इस पोस्ट में हम आपको ‘potato chips’ और उसके बिजनेस से जुड़ी हर जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से देने ली कोशिश करेंगे।

आलू चिप्स बिजनेस क्या है?

आलू चिप्स बिजनेस यानी की आलू से बने चिप्स के बिजनेस से हमारा तात्पर्य है की वह बिजनेस जिसमें आलू से बने चिप्स को बनाया और फिर बेचा जाता उसे potato chips बिजनेस कहते है। इस बिजनेस को करके व्यक्ति खुद के लिए एक अच्छी खासी कमाई करना चाहता है। आलू से बने चिप्स का बिजनेस बहुत ही सफल है।

इस बिजनेस को करने के बहुत से फायदे है जैसे की एक तो इसको व्यक्ति कम लागत में शुरू कर सकता है। अगर किसी के पास बहुत ज्यादा पूंजी नही है तब भी वह यह बिजनेस को शुरू कर सकता है। दूसरा इस बिजनेस में लगने वाले आलू की उपलब्धता। आलू एक ऐसी चीज़ है जो आपको पूरी साल बड़ी ही आसानी से मिल जाता है। इसीलिए व्यक्ति इस बिजनेस को पूरी साल कर सकता है।

आलू चिप्स बिजनेस क्यों करें?

Potato chips का बिजनेस आज के समय में कम लागत में अच्छा मुनाफा दे सकता है और जैसा की मैंने भी पहले बताया कि पिछले कुछ वर्षों में आलू से बने चिप्स की मांग में काफी बढ़ोत्तरी देखी गई हैं और उम्मीद है कि जा रही है कि आगे भी पटैटो चिप्स की मांग में यह बढ़ोत्तरी बनी रहेगी। इसी कारण यह बिजनेस अभी उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो अभी तो पैसा कमाना चाहते ही है अपितु भविष्य में भी उसी बिजनेस को आगे बढ़ाकर मुनाफा कामा सकते है।

आलू चिप्स बिजनेस के लिए आवश्यक चीज़ें

अब अगर आपने अपना मन potato chips के बिजनेस को करने के लिए बना लिया है तो सबसे पहले आपको जिस चीज़ की आवश्यकता होगी वह है खाली जगह की । इस बिजनेस को करने के लिए वैसे तो ज्यादा जगह की आवश्यकता नही होती अगर आपके घर पर ही मशीनों को रखने लायक पर्याप्त जगह है फिर कोई दिक्कत नही है। अगर घर पर नही है तो आप जगह को किराये पर ले सकते हैं और वहां से अपना बिजनेस शुरू कर सकते है।

जगह लेने के बाद बारी आती है आलू के चिप्स बनाने के लिए लगने वाली मशीनें लेनी की। आलू के चिप्स बनाने के लिए जिन मशीनों का इस्तेमाल मुख्य रूप से किया जाता है वह है Potato peeling machine, Potato Slicing Machine, Batch fryer, Spice coating machine और पैकिंग के लिए मशीन। आप इन मशीनों को या तो अपने शहर में किसी मशीनरी विक्रेता से खरीद सकते है अगर वहां पर आपको यह मशीनें नही मिलती तब आप ऑनलाइन इन मशीनों को खरीद सकते है।

आलू चिप्स बनाने की प्रक्रिया 

सारी मशीनों को खरीदने के बाद बारी आती है चिप्स बनाने की। इन मशीनों की सहायता से चिप्स बनाना बेहद ही आसान हो जाता है आपको तो बस इन मशीनों को ठीक ढंग से ऑपरेट करना होता है बाकी का पूरा काम ये मशीनें अपने आप ही कर देती है। अगर आप खुद अकेले मशीनों को ऑपरेट नही कर पा रहे तो आप अपने घरवालों को सहायता ले सकते है या फिर एक दो काम करने वाले रख सकते है जो आपकी मशीनों को ऑपरेट करने से लेकर पूरा काम संभालेंगे।

आलू के चिप्स बनाने के लिए सबसे पहले तो आपको अच्छे आलू बाजार से लाने होंगे। उसके बाद उनको धोना होगा। आलू धोने के बाद उनको पीलिंग मशीन में डाला जाता है जहां उनका छिलका हटा दिया जाता है। इसके बाद इस आलू के स्लाइस यानी कि टुकड़े किये जाते है यह काम potato slicing मशीन कर देती है। जिसके बाद इन टुकडों को पानी में कुछ समय तक डुबो कर रखा जाता है।

कुछ समय पश्चात आलू के टुकडों को पानी से निकालकर सूख ने के लिए छोड़ दिया जाता है। जब आलू के यह slices सूख जाते है तब इनको batch फ्रायर मशीन में रख कर फ्राई किया जाता है। इस मशीन में इनको सिर्फ 2 मिनट के लिए मध्यम टैम्परेचर पर फ्राई किया जाता है। जिसके बाद इनका रंग गोल्डन ब्राउन हो जाता है।

बैच फ्रायर से आलू के उन स्लाइसेस को मसाला कोटिंग मशीन तक भेजा जाता है जहां इन पर मसाला डाला जाता है। यह मसाला ही आपके चिप्स की क्वालिटी बताता है। जितना अच्छा आपका ये मसाला होगा उतना ही आपके बिजनेस के सफल होने के मौके होंगे। सारी प्रक्रियाओं के बाद आलू के चिप्स तैयार हो जाते है और आखिर में चिप्स को पैक कर दिया जाता है।

(नोट : आलू के चिप्स खाद्य पदार्थ होते है इसीलिए आपको इस बिजनेस को चलाने के लिए FSSAI से लाइसेंस लेना होगा। तभी आप यह बिजनेस कर पाएंगे। इसके अलावा अगर आपके राज्य या शहर में इस उद्योग से जुड़े और भी कोई नियम या कानून है तो कृपया उनकी भी जांच कर ले। )

आलू के चिप्स कहाँ बेचे?

आपके मन मे यह सवाल अवश्य उठ रहा होगा कि अपने बनाये हुए आलू के चिप्स कहाँ बेचे? तो शुरुआत में अपने चिप्स को आप बेकरी , किराना स्टोर वालो आदि को बेच सकते है। इसके अलावा आप अपने माल पर इनको थोड़ी बहुत कमीशन देंगे तो ये खुद आपके माल को बेचने में आपकी मदद करेंगे।

आलू चिप्स बिजनेस में लागत और मुनाफा

इस बिजनेस में आपको लगभग 2 से 3 लाख रुपये का निवेश करना होगा। इसमें आपकी मशीनों की कीमत चिप्स बनाने के लिए रॉ मटेरियल आदि चीज़ें शामिल है। अगर आपकी क्वालिटी अच्छी है तो आप हर महीने 30 से 40 हज़ार रुपये हर महीने बड़ी ही आसानी से कामा सकते हैं। जैसे जैसे आपके चिप्स लोकप्रिय होंगे वेसे वेसे यह कमाई बढ़ती ही जाएगी।

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चप्पल बनाने का Business कैसे शुरू करें in Hindi

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हवाई चप्पल बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें | Slipper Making Business Plan in Hindiकम पैसे में शुरू करे चप्पल बनाने का बिज़नेस | Slipper Making Business Ideas in Hindi हेलो दोस्तों आज मैं आपको चप्पल बनाने का बिजनेस के बारे में बताने जा रहा हूँ की आप कैसे यह बिजनेस शुरू कर के अच्छा मुनाफा कमा सकते है और अपनी रोज मर्राह की जिंदगी को खुशहाल कर सकते हैं चप्पल हर-तरह से पैरों को सुरक्षित रखते हैं जितना महत्वपूर्ण हम लोग के लिए कपड़े है ठीक वैसे ही महत्वपूर्ण है चप्पल। चप्पल का उपयोग गांव शहरों दोनों जगहों में किया जाता हैं। शहरों में जहां चप्पल का उपयोग फैशन के तौर पर किया जाता है वही गावों में चप्पल का उपयोग कंकड़ और पत्थर से बचने के लिए किया जाता है।

भारत में चप्पल की बिक्री अत्यधिक मात्रा में होती हैं। अधिकतर लोग चप्पल का प्रयोग घर के अन्दर किया करते हैं। चप्पल कई तरह के होते है कुछ तो ऐसे होते है जिन को पहन कर आप घर से बाहर भी जा सकते है। बाजार में कई तरह की छोटी-बड़ी रंगीन चप्पलें मिलती है। इन चप्पल को बेचकर कम्पनियां अत्यधिक मुनाफा कमाती हैं। अगर आप भी चप्पल बनाने का बिजनेस शुरू करना चाहते है तो आप इस बिजनेस के जरिये महीने के अच्छे खासे पैसे कमा सकते है

कैसे करें चप्पल का व्यापार शुरू :-

किसी भी बिज़नेस को शुरू करने से पहले हमे उसके बारे में प्लानिंग करनी होती है अर्थात कुछ चीजों का निर्धारण करना होता है जैसे . :-

बजट का निर्धारण
स्लिपर (हवाई चप्पल ) निर्माण के लिए रॉ मटेरियल
मशीन कहाँ से ख़रीदे
पैकेजिंग के लिए वस्तुए आदि.

जब आपका बिज़नेस प्लान बन जाये अर्थात चीजों का निर्धारण हो जाये अर्थात कौन – सी चीज कहाँ से और कैसे लानी है इसका निर्धारण कर लेने के पश्चात् आपको बिज़नेस के लिए अगला कदम बढ़ाना चाहिए

हवाई चप्पल बनाने के व्यापार के लिए जरूरी लाइसेंस

हम सभी जानते है की हमारे यहां कोई भी व्यापार या बिज़नेस करने के लिए उसका रजिस्ट्रेशन बहुत आवश्यक होता है इसके बिना आपके बिज़नेस में और उसके मैन्युफैक्चरिंग बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है इसलिए आपको अपने बिज़नेस का रजिस्ट्रेशन जरूर करवाना चाहिए रजिस्ट्रेशन करवाने से आप सरकार द्वारा दी गयी सुविधाओं का लाभ उठा सकते है

इस बिज़नेस के रजिस्ट्रेशन में लगने वाले डाक्यूमेंट्स की लिस्ट :-

*GST रजिस्ट्रेशन करवाना होगा
*उसके बाद आपको अपनी कंपनी का ROC में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा .
* अगर आप छोटे स्तर पर ये बिज़नेस करना चाहते है तो आपको (one Farm कंपनी ) या फिर आप LLP(लिमिटेड लिएबिलिटीज़ प्रोप्रिएटोरशिप ).
* यदि आप स्लीपर का बिजनेस गांव से करना चाहते है तो कर सकते है पर इसके लिए आपको अपने गाँव के ब्लॉक से परमिशन लेनी होगी .
* इसके बाद आपको ट्रेड लाइसेंस की आवश्यकता होगी जिसके लिए आपको लोकल म्युनिसिपेलिटी अथॉरिटी में अप्लाई करना होगा .
* इसके बाद आपको SSI रजिस्ट्रेशन करवाना DIC (डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेण्टर ).
* इसके बाद आपको प्रदुषण कण्ट्रोल विभाग से परमिशन लेनी होगी
* आप चाहा तो अपने बिज़नेस का रजिस्ट्रेशन उद्योग आधार की वेबसाइट पर जाके अपने बिज़नेस को ऑनलाइन रजिस्टर करवा सकते है .

हवाई चप्पल बनाने का बिज़नेस शुरू करने के लिए हमें कुछ मशीनो की अवसक्ता होती है हमें जिन मशीनो की जरुरत होगी वो है

1) हैण्ड ऑपरेट हवाई चप्पल सोल कटिंग मशीन ( Hawai Chappal Sole Cutting Machine) – 

यह मशीन के जरिये चप्पल बनाने के लिए जो रबर की शीट इस्तेमाल होती है उस रबर की शीट को यह मशीन die के मदद से बहुत ही आसानी के साथ हर साइज में काटने के लिए इस्तेमाल में लाई जाती है यह मशीन की मदद से आप किसी भी तरह का हवाई चप्पल बना सकते है

यह मशीन बिजली से चलती है और इन्हें चलने के लिए 3 फैज़ बिजली की जरूरत होती है यह मशीन आप बाजार से यह फिर ऑनलाइन इंडिया मार्ट से बहुत ही आसानी के साथ खरीद सकते है और यह मशीन लगभग 1 लाख तक आपको मिल जाएगी

2) हवाई चप्पल ग्राइंडिंग मशीन (Hawai Chappal Grinding Machine) – 

यह मशीन की मदद से चप्पल के सोल को घिस कर प्लेन किया जाता है ऐसा करने से चप्पल की ख़ूबसूरती थोड़ी बढ़ जाती है यह मशीन 1 यह 3 फैज़ बिजली से चला सकते है यह मशीन की कीमत 6 से 7 हज़ार तक होती है और यह आपको आसानी के साथ बाजार यह ऑनलाइन मिल जाएगी

3) हवाई चप्पल स्क्रीन प्रिंटिंग (Screen Printing) –

स्क्रीन प्रिंटिंग मशीन के मदद से आप चप्पल के उप्पर के हिस्से में डिज़ाइन बना सकते है इससे चप्पल में थोड़ी खूबसूरती बढ़ जाती है यह मशीन 2 से 3 हज़ार में मिल जाती है

4) हवाई चप्पल ड्रिल मशीन (Hawai Chappal Dril Machine) –

ड्रिल मशीन का इस्तेमाल चप्पल के शोल में होल करने के लिए किया जाता है फिर उसमे स्ट्रैप लगाया जाता है जब शुरू में चप्पल की शोल की कटाई करते है तभी उसमे 3 छोटे छोटे होल die के दुवारा हो जाता है उसी होल को यह ड्रिल मशीन के जरिये से बड़ा किया जाता है ताकि स्ट्रैप आसानी से घुस सके यह मशीन आपको बाजार यह ऑनलाइन 12 से 14 हज़ार में मिल जाएगी 

5) हवाई चप्पल स्ट्राप मशीन (Strap Machine) –

 यह मशीन के जरिये से चप्पल के सोल में स्ट्राप लगाया जाता है यह मशीन आपको 4 से 5 हज़ार तक मिल जाएगी 

6) चप्पल की 3 से 10 नंबर तक की Die – 

डाईस का इस्तेमाल अलग अलग साइज की स्लिपर बनाने के लिए किया जाता है यह die की मदद से चप्पल का सोल काटा जाता है इसी die से चप्पल का साइज बनाया जाता है और यह die अलग अलग साइज के होते है इसकी कीमत 400 से 600 तक प्रति die की होती है ऑनलाइन यह die आपको और भी सस्ते में मिल जाएंगे, डाईस तीन प्रकार की होती है , सिंगल डाई, चिल्ड्रन डाई , डबल डाई

हवाई चप्पल बनाने के लिए कच्चा माल (Raw Material)

सारे मशीन का सेटअप होने के बाद आपको कच्चा माल की भी आवश्यकता होगी। इन कच्चे माल  में जो सबसे प्रमुख है हवाई चप्पल बनाने के लिए 2 रॉ मटेरियल ही use किया जाता है

1) रबर की शीट –

इसका इस्तेमाल हवाई चप्पल की सोले बनाने के लिए किया जाता है इसके कारण ही हवाई चप्पलों में सोले होती है जिससे वह जल्दी घिसती नहीं है पर ये भी रबड़ की क्वालिटी पर निर्भर करता है अगर स्लीपर की सीट जो की रबड़ की बनी होती है यदि वह बेहतर क्वालिटी की है तो वह जल्दी नहीं घिसेगी ; लेकिन अगर रबड़ अच्छी क्वालिटी का नहीं है तो आपके स्लिपर के सोल के घिसने के चान्सेस बहुत ज्यादा है

यह चप्पल बनाने वाली रबर की शीट अलग अलग quality की बाजार में मिलती है पतले रबर शीट की कीमत थोड़ी काम होती है यह 200 से 250 में मिल जाता है और इससे सस्ते दामों वाला चप्पल तैयार किया जाता है और दूसरी मोटी शीट होती है यह थोड़ी अच्छी quality की होती है और इसका कीमत 400 से 450 तक होता है एक रबर की शीट से 20 चप्पल आसानी से बन जाता है

2) चप्पल की स्ट्राप –

स्ट्राप यानी चप्पल का फीता इसे चप्पल के उप्पेर तीनो होल में लगाया जाता है इसकी कीमत 4 से 5 रुपए प्रति स्ट्राप की होती है

स्लीपर स्ट्रैप बहुत तरह की होती है :-

चौड़ी स्लीपर स्ट्रैप men’s के लिए कीमत 2 रूपए से 10 रूपए तक
पाइप स्ट्रेप (ट्रांसपेरेंट स्ट्रेप ) Womens के लिए 4 रुपय से 12 रुपय तक
आप अपनी आवश्यकता अनुसार इससे कम या अधिक दाम वाली स्ट्रेप का इस्तेमाल कर सकते है

इस व्यापार में काम आने वाले कच्चा माल आपको स्थानीय बाजारों में आसानी से मिल जाता है। अगर आप चाहते है इसे ऑनलाइन मंगवा ना तो आप मंगवा सकते हैं

3) PVC पेंट :-

यह वह पेंट है जिसकी सहायता से आप हवाई चप्पल पर पेंट करने का कार्य करते है

हवाई चप्पल कैसे तैयार होते है (Hawai Chappal Making Process)

आइए जानते है कैसे होते है चप्पल तैयार ? सबसे पहले रबर शीट को सोल कटिंग मशीन में रखा जाता है इसके बाद आपको जिस नंबर की सोल बनानी होती है उसी नंबर की die रबर शीट के उप्पेर रख दिया जाता और सोल कटिंग मशीन से die को प्रेस किया जाता है और उसी आकर का सोल कटिंग हो जाता है कटिंग के दौरान ही चप्पल में छोटे छोटे सुराख़ हो जाते है मशीन अगर अच्छी quality की हो तो कटिंग अच्छी होती हैं।

कटिंग के बाद ग्राइंडिंग मशीन की सहायता से चप्पल के खुरदुरे हिस्से को प्लेन किया जाता है। इसे बहुत ही सावधानी के साथ किया जाता है चप्पल के चारो तरफ मशीन से प्लेन किया जाता है जिससे चप्पल में खूबसूरती थोड़ी बढ़ जाती है

 इसके बाद चप्पल को प्रिंट करने की भी आवशयकता होती है। इसमे काफी कम खर्च होता है। स्क्रीन प्रिंटिंग मशीन के मदद से हवाई चप्पल की उप्पेर वाले हिस्से में डिज़ाइन बनाया जाता है जिस से चप्पल और भी खुबसुरत देखने में लगता है चप्पल प्रिंट हो जाने के बाद इसे कुछ वक़्त सूखने के लिए छोड़ना जरूरी होता है

चप्पल सूख जाने के बाद अब ड्रिलिंग मशीन की आवश्यकता होती है यह मशीन की सहायता  से चप्पल की उप्परि स्थानों पर पहले से जो छोटो छेद हुवी रहती है उसे ड्रिलिंग मशीन की मदद से और बड़ा किया जाता है। 

इसके बाद स्ट्रैप डालने के मशीन की सहायता से चप्पलो में फीते डाले जाते हैं। इस तरह चप्पलें हो गई तैयार और इसे अब पैकिंग कर के बाजार में सप्लाई किया जा सकता है।

स्लिपर पैकिंग :-

स्लिपर पैकिंग के लिए आपके पास बहुत सारे ऑप्शन रहते है जिसमे से आप किसी एक ऑप्शन का चुनाव कर उसे स्लिपर पैकिंग के लिए कर सकते है जैसे पैकिंग बॉक्सेस जब आपका स्लिपर अर्थात हवाई चप्पल बनकर तैयार हो जाये तथा उसकी पैकिंग कार्य पूर्ण हो जाये फिर आप उसे सेल कर सकते है सेल करने लिए आप ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीका अपना सकते है

कैसे करें प्रचार-प्रसार ?

आप चप्पलों का प्रचार-प्रसार विभिन्न होर्डिंग,मैगज़ीन,अखबार में भी कर सकते है।

हवाई चप्पल बनाने में कितनी आएगी लगत ? कितनी हो पाएगी कमाई ?

यदि आप अपने हवाई चप्पल को ऑफलाइन बेचना चाहते है तो आप डिस्ट्रीब्यूटर और शॉप वाले को बेच सकते है आप ऑफलाइन के साथ साथ ऑनलाइन भी अपने स्लिपर अर्थात प्रोडक्ट को सेल करना चाहते है तो फ्लिपकार्ट ,मिंत्रा (Myntra ) पर बेच सकते हैं इससे आपको अच्छा प्रॉफिट होगा

यदि आप स्लिपर या हवाई चप्पल का बिज़नेस छोटे स्तर पर शुरू कर रहे है तो इसमें कम से कम 1 से 1.50 लाख तक की लागत लग सकती हैं। अगर आप इस बिज़नेस को बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते है तो आपको 5 से लेकर 6 लाख तक की लागत आ सकती है। क्यों की मार्किट में मशीन थोड़ी मेहेंगी मिलती है

मोटेतौर पर आपकी कुल लागत = रॉ मटेरियल + मशीनरी + लेबर सैलरी + भूमि + वाहन किराया
मान लीजिये 10,000 + 90,000 + 7000 + 50000 + 4000 = 161000

यदि भूमि आपकी अपनी हो खरीदी हुई या किराये की न हो तो आपकी लगत मानी गयी कुल लगत से कम आएगी

चप्पल बनाने में कुल लागत 20 से 25 रुपए तक आती है। यदि आप व्होलेसलेर्स को एक जोड़ी स्लिपर 50 तो 60 रूपए में बेचते है तो आपको 25 से 35 रूपए का प्रॉफिट होगा | मशीन डेली 100 स्लिपर का प्रोडक्शन करती है तो एक मशीन में 100*30= 3000, की डेली प्रॉफिट एक मशीन से मिल सकती है वही बड़े स्तर पर ऐसी 250 चप्पलें बनाई जा सकती है।

ये मानी गयी डेली स्लिपर मैन्युफैक्चरर / प्रोडक्शन तथा उत्पादन के हिसाब से आपकी एक महीने की कमाई इतनी होगी अगर आपका उत्पादन इससे ज्यादा होगा तो आपको एक माहिने इससे ज्यादा लाभ प्राप्त होगा इस तरह से आप कमाई का हिसाब लगा सकते है।

कैसे पहुंचाए चप्पल बाजार तक (Marketing)

सबसे पहले इन चप्पलों को बाजार तक पहुंचाने के लिए कुछ लोगों को इस काम में लगाना होगा ताकि ये लोग बाजार में जाकर आपकी बनाई हुवी चप्पल को होलसेलर और रिटेलर तक पंहुचा सके। जिससे आपको एक फ़ायदा यह होगा की आपकी बनी हुई चप्पल का मार्केटिंग भी हो जाए और बिक्री भी होने लगेगी।

बस एक बार चप्पल का order आना मार्केट से शुरू हो जाए फिर निकल पड़ा आपका बिज़नेस। आपको अपने व्यापार में चप्पल की quality का विशेष ध्यान रखना होगा। अगर आपकी मशीन अच्छी होगी तो आपकी quality बहुत अच्छी होगी और उतना ही अधिक मात्रा में आपके चप्पल की बिक्री होगी। कच्चे माल कहाँ से ले कहाँ से नहीं इसका भी विशेष रूप से ध्यान दे। 

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Free Blog कैसे बनाये और पैसे कमाए

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फ्री ब्लॉग कैसे बनाये और पैसे कमाए? ब्लॉग कैसे बनाये? अगर आप Internet से पैसे कमाने के बारे में सुना होगा या जानते होंगे, तो आपको जरुर पता होगा के आप एक blog या website के जरिये आसानी से घर बैठे पैसे कमा सकते हैं. आज की दुनिया का सबसे अनोखा अबिस्कार है Internet. Online world का सबसे बड़ा popular चीज़ है websites and blogs.आपको कोई भी चीज़ की जानकारी चाहिए होता है या फिर कोई problem का solution चाहिए होता है तो आप बिना सोचे Google में search कर लेते है. वहां आपको बहुत सारे solutions मिलता है. एक तरह से आप ये भी कह सकते है के Internet से बड़ा knowledge source और कुछ नहिं है.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पर आपने कभी ये सोचा है के हमे Google पे search करने से जो solutions या knowledge मिलता है, वो आखिर आता कहाँ से है. क्या Google आपके लिए ये solutions लिखता है? नहिं, ये सब जानकारी आपको अलग अलग websites और blogs देते हैं. Google का काम बस इतना है के वो उन website/blog के links को अपने database में store करता है और search results में दिखाता है. तो चलिए जानते है अपना अपना ब्लॉग कैसे शुरू करें.

ब्लॉग क्या होता है?

Blog का concept website से पूरा अलग होता है. Blog एक knowledge का जरिया होता है. मान लीजिये आपका एक company है जिसमे आप कुछ products बनाते हैं. आपने उसके लिए एक website भी बना लिया. पर आपके products के बारे में बाहरी दुनिया में promote करने में blog मदद करता है.

उन products के details आप blogs के जरिये share करते है, इसीलिए blogging इतना popular है. आप जब गूगल में किसी चीज़ के जानकारी केलिए search करते है, तो ज्यादातर results blog का ही आता है. तो आपने basic चीज़ समझ ही गया होगा के ब्लॉग क्या है.

2020 में ब्लॉग कैसे बनाये

Free blog वो होता है, जिसमे आपको एक भी पैसे खर्च करना नहिं पड़ता. आपको अगर blogging सीखना है, तो पहले आपको free से सुरु करना चाहिए. जब आप अछे से उसका concept समझ जाओ, के वो काम कैसे करता है, फिर आप उसमे invest कर सकते है.

Free blog बनाने केलिए 2 popular platforms है; Blogger और WordPress. मैंने आपको पिछले post में details में बता दिया था के Blogger vs WordPress में क्या अच्छा है और क्या बुरा. तो हम आज जानेंगे के free blog kaise banate hai.

ब्लॉगर पर फ्री ब्लॉग कैसे बनाये

मैंने आपको पिछले लेख में बता दिया थे के Blogger (Blogspot), Google का product है. तो उसमे account बनाने की कोई जरुरत नहिं है. अगर आपका एक gmail account है तो आप उसके जरिये उसे access कर सकते हैं. तो चलिए सुरु करते हैं.

1. अपनी computer में कोई सा भी web browser खोलिए और www.blogger.com या www.blogspot.com में जाइये.
2. यहाँ आप अपनी Gmail ID और Password देके login करें. अगर आप पहले से Google में login है, तो सायद ये आपको login केलिए न पूछे.
3. Login करने के बाद वहां आपको “Create a new blog” का window दिखाई देगा. या फिर left side में “New Blog” के नाम से एक button मिलेगा. यहाँ click करिए.

4. आपको आपका ब्लॉग का “Title” डालना होगा. ये आपके ब्लॉग का नाम होने वाला है. उसके बाद Next पे क्लिक करें.

5. अगले स्टेप में आपको “Address” देना होगा जो यूनिक होना चाहिए. अगर अपना name unique है तो ये आपको बता देगा की, “This blog address is available“. उसके बाद Next पे क्लिक करें.

6. अगले स्क्रीन में आपको आपका “Display name” देना है, जो की आपका प्रोफाइल नाम है. उसके बाद “Finish” पे क्लिक करें.

अब आपका blog रेडी हो गया है. Address field में अपने जो भी नाम दिया होगा, वो आपकी blog का address है, jaise hmjblog.blogspot.com. Free blog हमेसा एक sub-domain के साथ आता है और वो है .blogspot.com. देखे, blog बनाना बहुत ही आसान है.

वर्डप्रेस पर फ्री ब्लॉग कैसे बनाये

WordPress में blog बनाना Blogger के जितना ही आसान है. तो चलीये सुरु करते हैं.

1) अपनी computer में www.wordpress.com के website पर जाईये.
2) वहां आपको 2 options मिलेंगे, एक है Website केलिए और दुशर है Blog केलिए. दोनों में कुछ फरक नहिं है, बस आपको website और blog के हिसाब से अलग अलग theme select करने का मौका देता है. आप कोई सा भी option select करिए.

3) मैंने “Blog” select किया और next page में ये आपको आपकी blog का Category पूछता है. मैंने यहाँ “Writing & Books” select किया.

4) Next page में आपकी category का sub-category दिखायेगा. आप कोई सा भी select कर लीजिये.
5) फिर आपको एक theme select करना होगा, जो आपकी blog का design होगा.

6) Next page में, आपको आपके WordPress blog केलिए एक domain name select करना होगा, जो की unique हो. फिर आपको “Free” के option में click करना होगा.

7) Plans page में “Free” का option select करिए.

8) अब आपको अपनी account क्रिएट करना है. यहाँ बस आपको अपनी email id और password डालके “Create My Account” button पे click करना है.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अब आपकी WordPress blog तेयार है. बस आपको एक बार आपकी email account खोलके WordPress का email verify करना है. आपकी website/blog .wordpress extension के साथ आता है. आपको जब भी अपनी account में login करना हो तो आप wordpress.com के जरिये कर सकते हैं.
पर इसमें यह दिक्कत है के आप उसको अपने मन मुताबक कस्टमाइज नहीं कर सकते. उसके लिए आपको self-hosted वर्डप्रेस इस्तिमाल करना होगा. उसके लिए आपको एक डोमेन और होस्टिंग की जरीरत पड़ेगा. एक बार आप यह दोनों खरीद लें तो आप यहाँ क्लिक करके वर्डप्रेस इनस्टॉल करने की प्रक्रिया जान पाएंगे.
आप इन्टरनेट पे जितने सारे बड़े ब्लोग्स और न्यूज़ साइट्स देख रहे है, लगभग सारे इसी प्लेटफार्म पर बनाये गए है. अगर आप बस इसे चलाना सीखना चाहते है तो आपके लिए फ्री वाला ठीक है.

ब्लॉग कैसे लिखें

आपको ब्लॉगर ब्लॉग के निचे एक (+) का सिंबल दिखेगा और वर्डप्रेस में New → Post में जा कर आप ब्लॉग लिख सकते हो. यहाँ निचे एक वीडियो दिया गया है के आप ब्लॉगर और वर्डप्रेस में आर्टिकल कैसे लिख सकते हो जो गूगल में रैंक करेगा. इसे जरुर दखे और अपने ब्लॉग में अप्लाई करें.

Hostgator India 50% Discount Coupon 2020

अगर आपको Hosting की खरीदारी में 50% Discount Offer चाहिए तब आप ये coupon का इस्तमाल कर सकते हैं जिससे की आपको 50% Discount का फ़ायदा मिलेगा. अगर आप WordPress पे अपना blog सुरु करना चाहते है, तो ये आपके लिए एक अच्छा मौका है.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अपना ब्लॉग कैसे शुरू करें?

उम्मीद है के आपको ब्लॉग कैसे बनाये समझ आ गया होगा. यह बहुत ही आसान है. बस आपको कुछ सरल स्टेप्स को फॉलो करने होंगे. अगर आपको इसी संबधित कोई भी जानकारी चाहिए, आप मुझे पूछ सकते हो. जितना हो सके में हेल्प करने की कोसिस करूँगा. अगर आपको यह लेख अच्छा लगा तो उसे अपने दोस्तों के साथ ब्लॉग कैसे स्टार्ट करे  शेयर करे और उन्हें भी अपना ब्लॉग बनाने में मदद करे.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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Bhim App Se पैसे कैसे कमाए

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BHIM App से पैसे कैसे कमाए? क्या आप भी Bhim App से पैसे कैसे कमाए जानना चाहते हैं? यदि हाँ तब आज का यह article आपके लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकता है. Technology के विकाश ने भारत में एक क्रांति ला दी है. और Technology का ही देन है की यह धीरे धीरे पूर्ण रूप से digital होता जा रहा है जैसे-जैसे ऑनलाइन सेवाएं विभिन्न क्षेत्र अपना रहे हैं.उससे काम करना आसान हो गया है इस वजह से समय की काफी बचत हो जाती है आज ऐसी बहुत सारी Website तथा App बन चुके हैं जो online सेवा प्रदान करती हैं जिससे आप सामान खरीदना Movie booking, room booking, पैसे लेनदेन आदि कर सकते हैं. आज के इस पोस्ट में हम ऐसे ही सेवा के बारे में बताएंगे जो ऑनलाइन लेनदेन के कार्य करती है.

जैसा कि आपको पता ही है online money transfer करने के लिए बहुत सारे App तथा website है. यह Website तथा App आपके कामों को आसान बनाती है. आज हम ऐसे ही App के बारे में आपको बताएंगे जिसका नाम Bhim App है आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको Bhim app क्या है तथा इससे कैसे पैसे कमाए जाते हैं उसके बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देंगे.

BHIM App क्या है?

BHIM एक UPI (Unified Payment Interface) पर आधारित एक Payment App है. इसका पूरा नाम Bharat Interface For Money है. यह सरकार के द्वारा संचालित App है जिसको भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने launch किया था.

14 अप्रैल को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर इस app को शुरू किया गया था. जिसके माध्यम से लोग अपने smartphone में इसे install कर online transaction कर पाए. इस App का इस्तेमाल कोई भी व्यापारी या सब्जी विक्रेता भी आसानी से कर सकते हैं.

इसके लिए सबसे पहले किसी भी App Store से BHIM App Download करना होगा, उसके बाद Mobile Number का प्रयोग करके अपनी Bank Account Details डालना होता है. जब आपके बैंक अकाउंट Add हो जाते हैं तो उसके बाद आप आसानी से किसी भी प्रकार का Online Transaction जैसे Money transfer, Mobile recharge, online ticket booking, room booking आदि कर सकते हैं.

BHIM App में Signup करने के बाद आपको एक VPA (Virtual Payment Address) प्राप्त होता है. यह VPA आपके Mobile Number या आपके ईमेल आईडी पर आधारित हो सकता है. यदि आप किसी अन्य व्यक्ति से भुगतान प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए आपके बैंक डिटेल्स नहीं देना होगा.

वह व्यक्ति केवल आपके VPA के माध्यम से आपको भुगतान कर सकता है. इसके बजाय यदि आप किसी अन्य व्यक्ति को भुगतान करना चाहते हैं तो आप भी उस व्यक्ति के VPA या उसके Bank Details (Account Number, IFSC code) के माध्यम से पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं.

इस ऐप को ऐसा Design किया गया है कि लोग आसानी से इससे अपने पैसों का लेनदेन कर सकते हैं तथा इसमें किसी भी प्रकार के तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता भी नहीं होती है.

भीम एप्प से पैसे कैसे भेजे?

अब चलिए समझते हैं की कैसे आप BHIM App से पैसे भेज सकते हैं.

Step 1: BHIM App से पैसे भेजने के लिए सबसे पहले आपको Signup करना होगा. भीम ऐप में signup करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें.

1. सबसे पहले किसी भी App Store या नीचे दिए गए लिंक से BHIM App Download करें.

2. उसके बाद उसे अपने Mobile में Install करें और Open करें.

3. उसके बाद एक भाषा चुनें और Proceed बटन पर क्लिक करें.

4. उसके बाद आपको अपने फोन में मौजूद वह sim card चुनना होता जिसका नंबर आपके बैंक खाते के साथ Registered है. App आपको Verification करने के लिए एक SMS भेजेगा जिससे BHIM App verify होगा.

5. Verification होने के बाद, BHIM ऐप चार अंकों का पिन मांगता है, यहां एक चार अंकों का पिन दर्ज करें. यही पिन App में लोगिन करते वक्त आपसे पूछा जाएगा.

Step 2: Set BHIM UPI PIN

Signup करने के बाद इसमें आपको अपने बैंक से जुड़ी details डालने की आवश्यकता है. इसके बाद आपको एक पिन बनाने की आवश्यकता है. यह पिन आपसे Transaction करते वक्त पूछा जाएगा. इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें.

1. Add Bank Account पर क्लिक करें. वहां पर आपको बैंकों की एक सूची दिखेगा. उसमे से अपना बैंक चुने. उसके बाद यह App आपकी बैंक से आपके खाते की जानकारी कलेक्ट करेगा. उस बैंक में आपके मोबाइल नंबर से जुड़े जो भी खाते होंगे आपके सामने दिखाए जाएंगे. उसमें से एक खाता चुनें.

2. अब आपके सामने अपने Debit Card का Last 6 Digit तथा debit card का expiry date दर्ज करने को बोला जाएगा.

3. उसके बाद आपसे एक UPI PIN पूछा जाएगा. यहां एक UPI PIN दर्ज करें. यही पिन आपसे Transaction करते वक्त पूछा जाएगा.

कृपया अपना UPI- पिन किसी के साथ share न करें. BHIM आपके UPI-PIN को कहीं भी स्टोर नहीं करता है. Customer care भी इसके लिए कभी नहीं पूछेंगे.

Step 3: BHIM App का उपयोग करके पैसे भेजें

भीम ऐप से पैसे भेजने के लिए नीचे दिए हुए चरणों का पालन करें.

1. होम स्क्रीन पर, ऐप में तीन विकल्प हैं. Send Money, Request Money और Scan. पैसे भेजने के लिए SEND आइकन पर क्लिक करें.

2. जिसे आप पैसे भेजना चाहते हैं उसका मोबाइल नंबर या Virtual Payment Address (VPA) दर्ज करें. (दाएं शीर्ष कोने में तीन डॉट मेनू पर क्लिक करें, यदि आप IFSC कोड का उपयोग करके सीधे बैंक खाते में पैसा भेजना चाहते हैं)

3. Amount दर्ज करें और अंत में, UPI पिन दर्ज करें. आप सफलतापूर्वक भुगतान कर पाएंगे.

भीम एप्प से पैसे कैसे कमाए?

जैसा कि मैं पहले ही बता चुका हूं Bhim app एक तरह का Money Transaction App है. डिजिटल लेनदेन को अधिक आकर्षक बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने Bharat Interface For Money (BHIM) App का उपयोग करते हुए ग्राहकों और व्यापारियों के लिए कैशबैक योजना शुरू की है.

नई योजनाओं से ग्राहकों को हर महीने 750 रुपये तक कैशबैक मिलेगा, जबकि व्यापारियों को हर महीने 1000 रुपये तक का कैशबैक मिल सकता है. तो चलिए अब विभिन्न तरीके के बारे में पता करते हैं जिससे BHIM App का प्रयोग करके पैसे कमा सकते हैं.

1. BHIM App से पहले Transaction पर पाएं का ₹51 का Welcome Gift

हालांकि कैशबैक सेवा नए और मौजूदा दोनों प्रकार के Users के लिए मान्य है, लेकिन BHIM App का प्रयोग करने वाले Users को Welcome Gift के रूप में अपना पहला लेनदेन पूरा करने पर 51 रुपये का कैशबैक मिलेगा. इसके लिए User को अपने बैंक खाते को लिंक करना होगा और पहला लेनदेन पूरा करना होगा. कैशबैक राशि प्राप्त करने के लिए न्यूनतम ₹1 भेजकर भी Cashback प्राप्त किया जा सकता है.

2. Bhim App Referral Program से पैसे कमाए

प्रधानमंत्री जी ने यह सूचना देते हुए कहा कि यदि आप ऐप का इस्तेमाल करके cash back जीत सकते हैं इसमें आपको ₹10 प्राप्त होगा तथा जिसको आप refer करेंगे उसको प्रत्येक transaction करने पर ₹25 प्राप्त होंगे यह ₹25 तीन transaction के लिए ही है परंतु इसमें ₹50 से अधिक का balance होना चाहिए. किसी दोस्त को Bhim App रेफर करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें.

1. BHIM App open करें.

2. Homepage पर स्थित ऊपर Menu icon पर क्लिक करें.

3. Refer a friend पर क्लिक करें.

4. Invite पर क्लिक करें.

5. उसके बाद आप अपने refferal link को शेयर कर पाएंगे.

6. जैसे ही वह आपके link के माध्यम से Bhim app download करके install करते हैं तो आपको इसके ₹10 मिलेंगे यदि आप 20 लोगो को install करवाते हैं तो दिनभर में आपको ₹200 का फायदा होगा.

7. इस तरह से आप Bhim app के माध्यम से भी पैसा कमा सकते हैं.

3. BHIM App से 500 रुपए तक का Cashback प्राप्त करें

500 रुपये तक का कैशबैक BHIM ऐप VPA / UPI आईडी, खाता संख्या या मोबाइल नंबर के माध्यम से किए गए प्रत्येक Unique Transaction के लिए 25 रुपये कैशबैक देगा. न्यूनतम लेनदेन मूल्य 100 रुपये होना चाहिए. user प्रति माह 500 रुपये का अधिकतम कैशबैक कमा सकते हैं.

प्रति लेनदेन कैशबैक के अलावा, users द्वारा किए गए मासिक लेनदेन की मात्रा के आधार पर कैशबैक होगा. अगर BHIM App user 25 या अधिक लेनदेन करते हैं, लेकिन प्रति माह 50 से कम है, तो उन्हें 100 रुपये कैशबैक मिलेगा. 50 से अधिक और 100 से कम के लेन-देन के लिए, 200 रुपये कैशबैक के रूप में प्रदान किए जाएंगे. जो लोग मासिक 100 से अधिक लेनदेन करते हैं, उन्हें 250 रुपये कैशबैक मिलेगा.

आज आपने क्या सिखा?

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख BHIM App क्या है? जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को Bhim App से पैसे कैसे कमाएं के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

यदि आपको यह post कैसे कमाए Bhim app से पैसे in hindi पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter और दुसरे Social media sites share कीजिये.

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Free Online Screen Recorder वीडियो एडिटर के साथ अभी ट्राई करें!

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RecordCast – Free Online Screen Recorder वीडियो का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, लेकिन यह आम यूजर्स को इसमें एक्‍सपर्ट नहीं हैं, यह एक डराने वाला माध्यम भी हो सकता है। शुक्र है, screencasts वीडियो बनाने को अधिक स्वीकार्य बनाते हैं। यदि आप अपने प्रेजेंटेशन, ट्रैनिंग, या यहां तक ​​कि ईमेल में अधिक वीडियो का उपयोग करना चाहते हैं, तो शुरू करने के लिए यह बढ़िया ऑप्‍शन है।

 

RecordCast – Free Online Screen Recorder

What is Screencast in Hindi

वास्तव में एक Screencast क्या है?

एक स्क्रीनकास्ट आपके कंप्यूटर स्क्रीन की एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग है जिसमें आमतौर पर कुछ प्रकार के ऑडियो नोटेशन शामिल होते हैं। आप एक स्क्रीनशॉट के वीडियो समकक्ष के रूप में एक स्क्रीनकास्ट के बारे में सोच सकते हैं। आपने Screencast को स्क्रीन कैप्चर वीडियो या स्क्रीन रिकॉर्डिंग भी कहते हुए सुना होगा।

अपने आइडियाज या पढ़ाई को शेयर करने के लिए Screencasts ग्रेट टूल हैं और इसे घर या ऑफिस के कामों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि आप काम पर स्क्रीनकास्ट का उपयोग शुरू करना चाहते हैं, तो वेबिनार रिकॉर्ड करने का प्रयास करें, एक क्विक हाउ-टू वीडियो या वीडियो ट्यूटोरियल बनाएं, या एक सेल्‍स वीडियो भेजें।

सबसे अच्छी बात, इन वीडियो से रचनाकारों और दर्शकों दोनों को फायदा होता है। रचनाकार एक प्रक्रिया या निर्देश को एक ही बार में दोहराए बिना रिकॉर्ड कर सकता है।

दर्शक भी लाभान्वित होते हैं क्योंकि वे जब भी वीडियो देख सकते हैं, यह उनके लिए सबसे सुविधाजनक है। यह विशेष रूप से तब मददगार होता है जब आप निर्देशात्मक वीडियो बनाते हैं क्योंकि सीखना वास्तविक समय में हो सकता है — सही समय पर जब इसकी आवश्यकता हो।

तो अब आप यह जान गए हैं कि screencasts क्या हैं और वे क्या कर सकते हैं, तो आइये इसे आसानी से कैसे करें यह देखते हैं!

 

RecordCast – Free Online Screen Recorder

RecordCast एक वीडियो एडिटर के साथ एक मुफ्त ऑनलाइन स्क्रीन रिकॉर्डर है। बहुत सारे ऑनलाइन स्क्रीन रिकॉर्डर हैं जिन्हें आप बिना कुछ इंस्टॉल किए तुरंत उपयोग कर सकते हैं। आप स्क्रीन के साथ वेब कैमरा रिकॉर्ड करने की क्षमताओं के साथ स्क्रीन रिकॉर्डर पा सकते हैं लेकिन दिन के अंत में, आपको आउटपुट को ठीक करने के लिए एक पूरी तरह से वीडियो एडिटर की आवश्यकता हो सकती है।

RecordCast एक ऑनलाइन टूल प्रदान करके एक अतिरिक्त वीडियो एडिटर की आवश्यकता को समाप्त करता है। यह मूल रूप से एक वेब ऐप है जिसे आप अपनी स्क्रीन रिकॉर्ड करने के लिए किसी भी आधुनिक वेब ब्राउज़र में उपयोग कर सकते हैं। यह स्क्रीन, वेब कैमरा और ऑडियो के साथ और ऑडियो के बिना रिकॉर्ड कर सकता है।

स्क्रीन को रिकॉर्ड करने के बाद, आप रिकॉर्डिंग डाउनलोड कर सकते हैं या इसे ऑनलाइन एडिटर में ओपन कर सकते हैं, जहाँ आप मीडिया को मर्ज, क्रॉप, मास्किंग और बहुत कुछ कर सकते हैं।

तो चलिए, इसे विस्तार से देखें।

 

 

स्क्रीन को रिकॉर्ड करें WebCam के साथ और / या इसके बिना

RecordCast के साथ स्क्रीन रिकॉर्डिंग शुरू करना काफी सरल है। आपको बस अपने वेब ब्राउजर में वेबसाइट पर जाना है और वहां से Start Recording बटन पर क्लिक करना है। स्क्रीन रिकॉर्डिंग, एडिटिंग और डाउनलोडिंग के लिए किसी अकाउंट की आवश्यकता नहीं है। हालाँकि, यदि आप अपने रिकॉर्डिंग प्रोजेक्ट को एडिटर में सेव करना चाहते हैं तो आपको एक अकाउंट बनाना होगा।

 

Recoding Mode

RecordCast – Free Online Screen Recorder

रिकॉर्डिंग शुरू होने से पहले, आप रिकॉर्डिंग मोड चुन सकते हैं। RecordCast में इसके लिए तीन मोड दिए हैं-

Screen + Webcam

Screen Only

Webcam Only

 

ऑडियो रिकॉर्डिंग ऑप्‍शन

RecordCast – Free Online Screen Recorder

रिकॉर्डिंग मोड चुनने के बाद, आपको ऑडियो रिकॉर्डिंग मोड चुनने के लिए कहा जाता है। यह आपको निम्नलिखित विकल्प देता है

  1. Microphone + System Audio

  2. Microphone Audio Only

  3. System Audio

  4. No Audio

RecordCast – Free Online Screen Recorder

नोट: जब आप Start Recording पर क्लिक करते हैं, तो एक पॉपअप नाटिफिकेशन ओपन होगी जहां आप रिकॉर्ड करने के लिए ओपन विंडो में से किसी एक को सिलेक्‍ट कर सकते हैं या आप पूरी स्क्रिन को रिकॉर्ड करने के लिए चुन सकते हैं।

     

    रिकॉर्डिंग को Pause या Resume करें

    स्क्रीन और ऑडियो रिकॉर्डिंग मोड चुनने के बाद, रिकॉर्डिंग शुरू होती है। रिकॉर्डिंग के दौरान, आपको RecordCast वेबसाइट पर एक रिकॉर्डिंग इंटरफ़ेस मिलता है। आप रिकॉर्डिंग को बीच में रोक सकते हैं और अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इसे फिर से शुरू कर सकते हैं। ध्यान दें, आप 30 मिनट तक का वीडियो मुफ्त में रिकॉर्ड कर सकते हैं।

     

    रिकॉर्डेड वीडियो डाउनलोड करें

    RecordCast – Free Online Screen Recorder

    जब आप रिकॉर्डिंग समाप्त करते हैं, तो यह रिकॉर्डिंग वीडियो दिखाता है जिसे आप प्‍ले कर सकते हैं और डाउनलोड कर सकते हैं। वीडियो WEBM फॉर्मेट में डाउनलोड हो जाता है।

       

      रिकॉर्डेड वीडियो को ऑनलाइन एडिट करें

      Download बटन के साथ, आपको ऑनलाइन वीडियो एडिटर में वीडियो ओपन करने का ऑप्‍शन मिलता है। यह ऑप्‍शन आपको ReocrdCast के ऑनलाइन वीडियो एडिटर के पास ले जाता है और इसमें रीकोड किए गए वीडियो को लोड करता है। वहां से आप इसे स्प्लिट, क्रॉप, कॉपी, पेस्ट, टेक्स्ट, बैकग्राउंड और मास्किंग जैसे ऑपरेशन करते हैं। आप अपने स्‍टोरेज से मीडिया इंपोर्ट भी कर सकते हैं और इसे रिकॉर्ड किए गए वीडियो के साथ एडिट कर सकते हैं। अंत में, आप एडिट किए गए वीडियो को एक्‍सपोर्ट कर सकते हैं और इसे डाउनलोड कर सकते हैं। और आप RecordCast पर फ्री अकाउंट बनाकर अपने वीडियो एडिटिंग प्रोजेक्ट को ऑनलाइन भी सेव कर सकते हैं।
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      Top 10 Free Video Edit Karne Wala Applications

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      Video Edit Karne Wala Apps वीडियो का व्यापक रूप से वीडियो साइटों, सोशल नेटवर्क और न्‍युज प्लेटफार्मों पर शेयरींग, एंटरटेनमेंट, एजूकेशन और अन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है। जानकारी को वितरित करने के लिए वीडियो की बढ़ती आवश्यकता के साथ, वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मांग बढ़ रही हैं। उदाहरण के लिए, आपको शेयर करने के लिए एक इफेक्‍टशाली लघु फिल्म में वीडियो क्लिप बनाने की आवश्यकता हो सकती है, मनोरंजन के लिए एक मनोरंजक वीडियो, शिक्षा के लिए एक निर्देशात्मक वीडियो … इन सभी के लिए एक वीडियो एडिटर की आवश्यकता होती है।

      10 बेस्‍ट फ्री एंड्रॉइड ऐप पिक्‍चर और म्‍यूजि़क से वीडियो बनाने के लिए

      आपमें से कई यूजर्स मुफ्त वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर की तलाश करते हैं। हालांकि, फ्रीवेयर हमेशा सॉफ़्टवेयर के नाम या लोगो को आटोमेटिकली वीडियो में जोड़ता है, जो कि अवांछित है।

      इससे पहले मैंने आपके साथ पिक्‍चर और म्‍यूजि़क से वीडियो बनाने के लिए 10 बेस्‍ट फ्री एंड्रॉइड ऐप को शेयर किया था। और आज मैं विंडोज के लिए 7 मुफ्त वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर (कोई वॉटरमार्क नहीं) पेश करूँगा।

      Video Edit Karne Wala Apps

      Video Edit Karne Wala Apps

      Top 7 Free Video Editing Software (No Watermark) in 2020

      2020 में टॉप 8 फ्री वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर (कोई वॉटरमार्क नहीं)

      किस वीडियो एडिटर में वॉटरमार्क नहीं है? आपको नीचे लिस्ट से पता चल जाएगा। चाहे आप एक शुरुआती यूजर या प्रोफेशनल हों, विंडोज का उपयोग करके, आपको आवश्यकतानुसार मुफ्त वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर मिलेगा।

       

      1) VSDC Free Video Editor

      VSDC Free Video Editor- Video Edit Karne Wala Apps-

      डाउनलोड: VSDC Free Video Editor

      VSDC फ्री वीडियो एडिटर एक वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन है जो वीडियो को एडिट करने और किसी भी प्रकार के और किसी भी जटिलता के वीडियो बनाने में मदद करता है। इसमें कोई वॉटरमार्क, विज्ञापन या ट्रायल पिरियड नहीं है। और इस प्रकार यह शुरुआती और प्रोफेशनल्‍स दोनों के लिए एक अच्छा विकल्प है।

      प्रमुख विशेषताऐं

      • इमेज / ऑडियो / वीडियो फॉर्मेटस् की एक विस्तृत श्रृंखला को सपोर्ट करता है

      • इफेक्‍ट, ट्रांसिशन्स और फिल्टर का एक उत्कृष्ट चयन प्रदान करता है

      • एडवांस फीचर्स प्रदान करता है, जैसे video stabilization, picture-in-picture और color blending

      • चयनित क्षेत्र में कंटेंट को छिपाने, धुंधला करने या उजागर करने के लिए मास्क बनाने की अनुमति देता है

      • एक्‍सपोर्ट एडिट किए गए वीडियो को सामाजिक नेटवर्क पर शेयर करने के विकल्प प्रदान करता है

      • सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने और सीधे YouTube पर वीडियो अपलोड करने की अनुमति देता है

      वीडियो एडिटिंग फीचर्स के अलावा, VSDC Free Video Editor, डीवीडी बर्न, वीडियो कनवर्टर, वीडियो कैप्चर, और अधिक जैसे अतिरिक्त टास्‍क से सुसज्जित है। यदि आप बुनियादी कौशल के माध्यम से वीडियो को क्लिप में बदलना चाहते हैं, तो यह ऐप आपके लिए उचित है।

       

      2) iMyFone Filme

      iMyFone Filme- Video Edit Karne Wala Apps-

      डाउनलोड: iMyFone Filme

      क्या आप एक डिजिटल वीडियो एडिटिंग प्रोग्राम की तलाश कर रहे हैं जो आपके जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों के आश्चर्यजनक वीडियो बनाने में मदद करने के लिए वीडियो एडिटिंग फीचर्स प्रदान करता है? अपनी यादों को सबसे खूबसूरत तरीके से स्टोर करना चाहते हैं? तब iMyFone Filme आपको वीडियो एडिट करने और आपकी रचनात्मकता को पूरी तरह से एक्‍सप्‍लोर करने में मदद कर सकता है।

      इस एडिटिंग सॉफ़्टवेयर का उपयोग करने के लिए आपको तकनीकी सीखने की ज़रूरत नहीं है। इसका क्लिन यूजर फ्रेंडली इंटरफेस आपको इसकी सभी विशेषताओं को आसानी से समझने देता है। यह विंडोज 10, 8.1, 8, 7 के लिए उपलब्ध है।

      “IMyFone Filme” की मुख्य विशेषताएं

      • क्रॉपिंग, स्प्लिटिंग, रोटेटिंग, कटिंग, आदि जैसी सभी मूल वीडियो एडिटिंग फीचर्स प्रदान करता है

      • आकर्षक वीडियो बनाने के लिए, यह विभिन्न इफेक्‍ट और संसाधन प्रदान करता है

      • 1 क्लिक फास्ट वीडियो मोड आपको कुछ ही समय में अद्भुत वीडियो बनाने देता है।

      • आपके वीडियो में अधिक आकर्षण जोड़ने के लिए रॉयल्टी-फ्री म्‍युजिक प्रदान करता है

      • अपने यूजर्स की सुविधा के लिए, यह 1 महीने का निःशुल्क लाइसेंस प्रदान करता है

      6 बेस्‍ट फ्री वीडियो एडिटिंग ऐप्‍स – प्रोफेशनल वीडियो बनाने के लिए

       

      3) Shotcut

      Shotcut- Video Edit Karne Wala Apps

      डाउनलोड: Shotcut

      यदि आप Google में free video editing software with no watermark सर्च करेंगे, तो आपको Shotcut की कई सिफारिशें मिलेंगी। वास्तव में, जब यह वास्तव में मुफ्त वीडियो एडिटर्स की बात आती है, तो Shotcut को गिनना चाहिए। Shotcut वीडियो एडिटिंग के लिए एक ओपन-सोर्स और क्रॉस-प्लेटफॉर्म प्रोग्राम है। यह यूजर्स को अद्भुत वीडियो में वीडियो क्लिप चालू करने के लिए पर्याप्त फीचर्स प्रदान करता है।

      यदि आप इसे ओपन करते हैं, तो आपको इंटरफ़ेस पर इसकी कुछ विशेषताएं मिलेंगी लेकिन जब आप शीर्ष बार बटन पर क्लिक करेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि यह टूल कितना गहरा है।

      यह अपने यूजर्स को इंटरफ़ेस को समझने में मदद करने के लिए ट्यूटोरियल प्रदान नहीं कर सकता है, लेकिन आप उन्हें YouTube पर खोज सकते हैं और वहां से बहुत सारे ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। इसमें बहुत सारे वीडियो और ऑडियो फ़िल्टर उपलब्ध हैं।

      • आपको इन बेस्ट फ्री Slow Motion Video ऐप का एक्सपीरियंस एक बार तो करना चाहिए

       

      4) OpenShot

      OpenShot

      डाउनलोड: OpenShot

      OpenShot एक 100% फ्री और ओपन-सोर्स वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर है जिसमें कोई वॉटरमार्क नहीं है। अब तक, यह 5 प्रसिद्ध पुरस्कार जीत चुका है। यह एक क्रॉस-प्लेटफ़ॉर्म प्रोग्राम है जो विंडोज, मैक और लिनक्स के लिए उपलब्ध है। इसे उपयोग करने में आसान और सीखने में तेज बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसका अर्थ है कि आपको वीडियो एडिटिंग अनुभव या कौशल की आवश्यकता नहीं है। एक शक्तिशाली वीडियो एडिटर के रूप में, यह उन लोगों के लिए पर्याप्त है जो बुनियादी वीडियो एडिटिंग सुविधाओं की तलाश करते हैं।

      ध्यान देने योग्य विशेषताएं:

      • 100% नि: शुल्क और उपयोग करने में आसान

      • सहज, यूजर के अनुकूल इंटरफेस

      • असीमित ट्रैक्‍स / लेयर्स

      • कर्व-बेस्‍ड keyframe एनिमेशन

      • 3 डी एनिमेटेड टाइटल और इफेक्‍ट

       

      5) FlexClip

      FlexClipडाउनलोड: FlexClip

      FlexClip बिना वॉटरमार्क वाला एक मुफ्त ऑनलाइन वीडियो एडिटर है। इसका उपयोग करना इतना आसान है, जो इसे शुरुआती लोगों के लिए आदर्श बनाता है। यह टूल समृद्ध वीडियो एडिटिंग फीचर्स के साथ आता है और इसमें एक विशाल मीडिया लाइब्रेरी है जहां आप बहुत सारे रॉयल्टी-मुक्त वीडियो, ऑडियो और इमेज संसाधन पा सकते हैं।

      शक्तिशाली वीडियो एडिटर के साथ, आप सोशल मीडिया, जन्मदिन, शादियों और बहुत कुछ के बिना किसी परेशानी के वीडियो बना सकते हैं। बस Create a Video बटन पर क्लिक करें, अपने वीडियो क्लिप को वीडियो एडिटर पर अपलोड करें, और एक प्रोफेशनल की तरह एडिटिंग शुरू करें।

       

      6) VideoProc

      VideoProc

      डाउनलोड: VideoProc

      VideoProc एक शक्तिशाली अभी तक मुफ्त वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है जिसमें शुरुआती लोगों के लिए वॉटरमार्क नहीं है जिन्हें बुनियादी वीडियो एडिटिंग की आवश्यकता है। यह 4K वीडियो को सपोर्ट करता है और कई डिजिटल कैमरों और टूल्‍स के साथ कंपेटिबल है जिसमें वीडियो कोडेक लाइब्रेरी की बिल्‍ट-इन विस्तृत श्रृंखला है। और इस प्रकार उन यूजर्स के लिए भी उचित है जो वॉटरमार्क के बिना वीडियो बनाने का प्रयास करते हैं।

      ध्यान देने योग्य विशेषताएं:

      • इसमें आप क्लिप को क्रॉप / मर्ज / क्रॉप / रोटेट कर सकते हैं

      • दृश्य इफेक्‍ट और फिल्टर प्रदान करता है

      • सबटाइटल को एनेबल, डिसेबल, एड करने या एक्‍सपोर्ट करने की अनुमति देता है

      • वीडियो स्टेबिलाइजेशन, Fisheye फिक्सिंग, नॉइस रिमुवल, और GIF बनाने जैसे एडवांस फीचर्स प्रदान करता है

      • IPhone, GoPro, DJI और अन्य 4K कैमरों से 4K / HD वीडियो को सपोर्ट करता है

       

      7) Lightworks

      Lightworks

      डाउनलोड: Lightworks

      लाइटवर्क्स एक प्रोफेशनल, मुफ्त वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर है जिसमें कोई वॉटरमार्क नहीं है। यह पूरी तरह से फूल-फीचर्स है और लंबे इतिहास के लिए फिल्में बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

      आपने 4K तक के रिज्‍योल्‍युशन में रॉयल्टी-मुक्त वीडियो और ऑडियो कंटेंट और एक्‍सपोर्ट वीडियो के अपने बड़े स्टॉक का उपयोग करने की अनुमति दी है। इसके अलावा, लेटेस्‍ट वर्शन – Lightworks 2020 – एक पूर्ण वीडियो क्रिएशन पैकेज है जो आपको बहुत आसानी से आश्चर्यजनक वीडियो बनाने में सक्षम बनाता है।

      ध्यान देने योग्य विशेषताएं:

      • आसान टाइमलाइन एडिटिंग और ट्रिमिंग

      • रॉयल्टी मुक्त ऑडियो और वीडियो कंटेंट

      • 4K रिज़ॉल्यूशन तक

      • 32 बिट तक GPU precision और histogram टूल

       

      अंतिम शब्द

      ये सब बिना वॉटरमार्क वाले सात सर्वश्रेष्ठ मुफ्त वीडियो एडिटिंग सॉफ़्टवेयर है। आप किसे सबसे ज्यादा पसंद करते हैं, और पहले किसे आजमाना चाहते हैं? वैसे, अगर आप वॉटरमार्क-फ्री वीडियो ऑनलाइन बनाना चाहते हैं, तो FlexClip आपकी सही पसंद हो सकती है। कोई डिजाइन कौशल की आवश्यकता नहीं है। अभी ट्राई करें।

       

      बिना वॉटरमार्क वाले मुफ्त वीडियो एडिटर के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

      1. बिना वॉटरमार्क के सबसे अच्छा मुफ्त ऑनलाइन वीडियो एडिटर क्या है?

      FlexClip

       

      1. शुरुआती लोगों के लिए वॉटरमार्क के बिना सबसे अच्छा मुफ्त वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर कौन सा है?

      OpenShot

       

      1. विंडोज के लिए वॉटरमार्क के बिना सबसे अच्छा मुफ्त वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर क्या है?

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      Olx & Quikr Se Paisa कैसे कमाए Step by Step

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      Olx Quikr Se Paisa Kaise Kamaye दोस्तों हम सभी जानते हैं अपने पुराने सामान को बेचने के लिए इंडिया में दो पॉपुलर प्लेटफार्म है Olx और Quikr लेकिन क्या जानते हैं आप Olx और Quikr के जरिए घर बैठे पैसे भी कमा सकते हैं! जी हां इस पोस्ट में आपको इसकी पूरी जानकारी दी जा रही हैपिछले कई सालों से इंडिया में यह दोनों ही प्लेटफार्म घर के पुराने सामान जैसे फ्रीज, पंखा, इनवर्टर, मोबाइल इत्यादि used items को उचित दाम में बेचने के लिए काफी पॉपुलर हैं। शायद आपने भी कभी ना कभी इनकी services का इस्तेमाल किया होगा! या इनके बारे में जरूर सुना होगा!दोस्तों पिछले post में हम ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए तथा ऑफलाइन पैसे कैसे कमाए? इसकी बात हम पहले ही कर चुके हैं और आज के इस आर्टिकल में हम जानने वाले हैं olx & Quikr का सही इस्तेमाल कर आप इससे पैसे कमा सकते हैं! तो आइए विस्तार से समझते हैं कि Olx&Quikr से पैसा कैसे कमाए?

      Olx Quikr Se Paisa Kaise Kamaye

      Olx And Quikr Se Paisa Kaise Kamaye

      दोस्तों Olx & Quikr से पैसे कमाने का यह तरीका एक बिजनेस की तरह है! जिसमें आपको शुरुआत में कुछ इन्वेस्टमेंट की भी आवश्यकता होगी। यदि आप sales की कला में माहिर हैं और पहले भी selling कर चुके हैं तो Olx & Quikr से पैसा कमाना आपके लिए थोड़ा आसान हो जाएगा।

      दोस्तों जैसा कि हम जानते हैं Olx & Quikr में हमें used आइटम मिलते है तो हमें पैसा कमाने के लिए पहले से ही used items को अपने पास रखना होगा। हम अपने आस-पड़ोस या फिर Olx & Quikr इन दोनों वेबसाइट से पहले ही इन सामान को खरीद कर रख सकते हैं! और उसके बाद इन्हीं वेबसाइट के जरिए इन्हें अधिक दाम पर बेच कर Resell सकते हैं।

      मान लीजिए आपने use किया हुआ फ्रिज 5,000 में ख़रीदा तो अब आप फिर से Olx & Quikr पर इस फ्रिज को 7,000 में बेचने में सक्षम है। तो इस तरह आपको ₹2,000 का बेनिफिट हो जाएगा। आप Reselling बिजनेस के तौर पर यदि आप इसका इस्तेमाल करते हैं तो आप इन दोनों प्लेटफार्म से अच्छा पैसा कमा सकते हैं।

      लेकिन शुरुआत में इस बिजनेस को करने से पहले जब भी आप प्रोडक्ट्स को बेचें आपको कुछ बातों का विशेषध्यान रखना है।

      Price रीजनेबल होना चाहिए! आप जो भी प्रोडक्ट बेच रहे हैं उसका मार्जन अधिक नहीं होना चाहिए। इससे यूजर के लिए वह सामान खरीदना महंगा हो जाएगा

      आप मार्केट के हिसाब से केवल यूज़फुल प्रोडक्ट्स को ही इन प्लेटफार्म पर बेचें! गर्मियों का सीजन है तो आप फ्रिज को Olx & Quikr साइट पर लिस्ट कर सकते हैं और उन्हें sale कर सकते हैं।

      आप जब भी Olx & Quikr या फिर अपने आस पड़ोस में किसी व्यक्ति से used आइटम को बेचने के लिए खरीदते हैं तो प्रोडक्ट को कम से कम दाम में खरीदें! ताकि आप उस प्रोडक्ट को अधिक पैसों में बेचकर मुनाफा कमा सकें।

      Note:- इस काम के लिए आपको Bargaining में  Expert बनना होगा! आपको किसी भी तरीके से क्वालिटी प्रोडक्ट को सस्ते दाम पर खरीदने की कोशिश करनी होगी। ताकि आप उसे अधिक दाम में बेच कर मुनाफा कमा सके।

      तथा इस प्रकार यदि आप शुरुआत में कुछ प्रोडक्ट्स को बेच पाते हैं! तो आपके लिए बाकी के अन्य प्रोडक्ट्स को भी उचित दाम में बेचने आसान हो जाएगा। दोस्तों यह बिजनेस उन लोगों के लिए विशेषकर फायदेमंद है जिनकी खुद की दुकान है और वे प्रोडक्ट्स को बेचते हैं।

      Bonus Tip:- इस काम को करने के लिए आप अपने smart mind& skills का भी इस्तेमाल कर सकते हैं! मान लीजिए आपको मोबाइल रिपेयरिंग करना आता है तो आप Olx & Quikr  मोबाइल्स के साथ Deal कर सकते हैं ल! आप सस्ते दाम पर used मोबाइल्स को खरीद सकते हैं और उसके बाद क्योंकि आपको मोबाइल की जानकारी है तो यदि मोबाइल को देखने में थोड़ा कमी लग रही है तो उसमें मोबाइल में स्क्रीन गार्ड Add करके, मोबाइल कवर अच्छा लगा कर मोबाइल को अच्छा–सुंदर बनाने में थोड़ा खर्चा करलें और फिर आप उसे महंगे दाम पर Olx & Quikr में बेच सकते हैं।

      इसी प्रकार यदि आप बाइक रिपेयर करते हैं! तो आप bike साथ deal कर सकते हैं! और सस्ते दाम में बाइक को खरीदकर उनमें थोड़ा सा इंप्रूवमेंट कर अधिक दाम पर बेच सकते हैं। दोस्तों इस प्रकार से आप Olx & Quikr के जरिए  काफी अच्छा monthly earn कर सकते हैं

      और आज कई ऐसे लोग हैं जो Olx & Quikr से इस बिजनेस के माध्यम से हर महीने 20 से ₹30000 कमा रहे हैं। तो यदि आपको भी लगता है यह बिजनेस low इन्वेस्टमेंट में एक प्रॉफिटेबल बिजनेस हो सकता है तो आप जरूर इस बिजनेस को करके लाभ कमा सकते हैं।

      एक बात ध्यान रखें इस व्यापार से पैसा कमाने के लिए लोकेशन भी महत्व रखती है। यदि आप किसी गांव, छोटे कस्बे में रहते हैं तो शायद वहां पर Olx & Quikr के बारे में लोगों को इतनी जानकारी नहीं हो परंतु यदि आप मेट्रो सिटी जैसे कि दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में रहते हैं तो वहां पर लोग Olx & Quikr का इस्तेमाल प्रोडक्ट्स को खरीदने बेचने के लिए अधिक करते हैं! तो यहां पर आप न सिर्फ प्रोडक्ट बेचने में आसानी होगी बल्कि आप अच्छा प्रॉफिट कमा सकते हैं।

      तो दोस्तों अब आप भी Olx & Quikr से प्रोडक्ट का Ads लगा सकते हैं और जो भी यूजर आपके प्रोडक्ट्स को देख कर उसे Ad में इंटरेस्टेड होगा वह आपसे उस प्रोडक्ट को खरीदने के लिए जरूर कांटेक्ट करेगा।

      तो दोस्तों यह थे Olx और Quikr के जरिए घर बैठे पैसे कमाने के तरीक़े, अगर आप और तरीक़े जानना चाहते हो तो ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए – इंटरनेट से पैसे कमाने के 20+ तरीके की पूरी जानकारी यहाँ है।

      दोस्तों इस प्रकार आप Olx & Quikr दोनों में इस मेथड का इस्तेमाल कर पुराने सामान को Resale करके इस टेक्निक से काफी अच्छा मंथली कमा सकते हैं। उम्मीद करता हूं Olx & Quikr से पैसे कमाने का यह idea आपको पसंद आया होगा कोई और सवाल हो तो कमेंट सेक्शन में जरूर मुझे जानकारी पसंद आने पर इसे शेयर भी जरूर करें।

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      GIS Full Form : जीआईएस क्‍या है GIS Hindi में

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      GIS Full Form वस्तुतः हर क्षेत्र में सैकड़ों हज़ारों संगठन GIS का उपयोग ऐसे नक्शे बनाने के लिए कर रहे हैं जो दुनिया भर में कम्यूनिकेट, विश्लेषण, जानकारी साझा करते हैं और जटिल समस्याओं को हल करते हैं।यह दुनिया के काम करने के तरीके को बदल रहा है। GIS Full Form Geographic Information System Full Form of GIS Geographic Information System GIS Full Form in Hindi Geographic Information System – भौगोलिक सूचना सिस्टम Geographic Information System – GIS in Hindi GIS Full Form Geographic Information System हैं और यह पृथ्वी की सतह पर स्थित पोजिशना से संबंधित डेटा को कैप्चर करने, भंडारण, जाँच और प्रदर्शित करने के लिए एक कंप्यूटर सिस्टम है। GIS एक नक्शे पर कई अलग-अलग प्रकार के डेटा दिखा सकता है, जैसे कि सड़क, भवन और वनस्पति। यह लोगों को पैटर्न और संबंधों को अधिक आसानी से देखने, विश्लेषण और समझने में सक्षम बनाता है।

       

       

       

       

       

       

       

       

      GIS प्रौद्योगिकी स्थानिक डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे व्हाइट हाउस “प्रौद्योगिकी, नीतियों, मानकों, मानव संसाधन, और संबंधित गतिविधियों को प्राप्त करने, प्रक्रिया, वितरण, उपयोग, रखरखाव और स्थानिक डेटा को संरक्षित करने के लिए आवश्यक के रूप में परिभाषित करता है।”

      GIS किसी भी जानकारी का उपयोग कर सकता है जिसमें स्थान शामिल है। स्थान को कई अलग-अलग तरीकों से व्यक्त किया जा सकता है, जैसे अक्षांश और देशांतर, पता या ज़िप कोड।

      GIS का उपयोग करके कई अलग-अलग प्रकार की सूचनाओं की तुलना और इसके विपरीत किया जा सकता है। सिस्टम में लोगों के बारे में डेटा शामिल हो सकते हैं, जैसे जनसंख्या, आय या शिक्षा स्तर। इसमें परिदृश्य के बारे में जानकारी शामिल हो सकती है, जैसे कि धाराओं का स्थान, विभिन्न प्रकार की वनस्पति, और विभिन्न प्रकार की मिट्टी। इसमें कारखानों, खेतों और स्कूलों, या तूफान नालियों, सड़कों, और बिजली की लाइनों के बारे में जानकारी शामिल हो सकती है।

      GIS तकनीक के साथ, लोग विभिन्न चीजों के स्थानों की तुलना कर सकते हैं ताकि यह पता चल सके कि वे एक-दूसरे से कैसे संबंधित हैं। उदाहरण के लिए, GIS का उपयोग करते हुए, एक सिंगल मैप में ऐसी साइटें शामिल हो सकती हैं जो प्रदूषण उत्पन्न करती हैं, जैसे कारखाने, और वे साइटें जो प्रदूषण के प्रति संवेदनशील हैं, जैसे आर्द्रभूमि और नदियाँ। ऐसा नक्शा लोगों को यह निर्धारित करने में मदद करेगा कि पानी की आपूर्ति सबसे अधिक जोखिम में है या नहीं।

       

       

       

       

       

       

       

      GIS Full Form : जीआईएस क्‍या है GIS Hindi में

       

       

       

       

       

       

      Data Capture in GIS in Hindi

      GIS Full Form : जीआईएस क्‍या है GIS Hindi में

      डेटा कैप्चर

      Data Formats

      GIS ऐप्लिकेशन्स में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सिस्टम दोनों शामिल हैं। इन ऐप्लिकेशन्स में कार्टोग्राफिक डेटा, फोटोग्राफिक डेटा, डिजिटल डेटा या स्प्रैडशीट में डेटा शामिल हो सकते हैं।

       

       

       

       

       

       

       

      कार्टोग्राफिक डेटा पहले से ही मैप के रूप में हैं, और इसमें ऐसी जानकारी शामिल हो सकती है जैसे नदियों, सड़कों, पहाड़ियों और घाटियों का स्थान। कार्टोग्राफिक डेटा में सर्वेक्षण डेटा और मैपिंग जानकारी भी शामिल हो सकती है जिसे सीधे GIS में दर्ज किया जा सकता है।

      फोटोग्राफिक व्याख्या GIS का एक प्रमुख हिस्सा है। फोटो की व्याख्या में हवाई तस्वीरों का विश्लेषण करना और दिखाई देने वाली विशेषताओं का आकलन करना शामिल है।

      डिजिटल डेटा को GIS में भी दर्ज किया जा सकता है। इस तरह की जानकारी का एक उदाहरण उपग्रहों द्वारा एकत्र किया गया कंप्यूटर डेटा है जो भूमि उपयोग को दर्शाता है – खेतों, कस्बों और जंगलों का स्थान।

      रिमोट सेंसिंग एक और टूल प्रदान करता है जिसे GIS में एकीकृत किया जा सकता है। रिमोट सेंसिंग में उपग्रहों, गुब्बारों और ड्रोन से एकत्र की गई इमेजरी और अन्य डेटा शामिल हैं।

       

       

       

       

       

       

       

       

      अंत में, GIS टेबल या स्प्रैडशीट फॉर्म में जनसंख्या जनसांख्यिकी जैसे डेटा को भी शामिल कर सकता है। जनसांख्यिकी आयु, आय, और जातीयता से लेकर हाल की खरीदारी और इंटरनेट ब्राउज़िंग वरीयताओं तक हो सकती है।

      GIS तकनीक इन सभी विभिन्न प्रकार की सूचनाओं को, उनके स्रोत या मूल फॉर्मेट कि परवाह किए बिना, किसी एक मैप पर एक दूसरे के ऊपर मढ़ने के लिए अनुमति देता है। GIS इन असंबंधित डेटा से संबंधित करने के लिए प्रमुख सूचकांक वेरिएबल के रूप में स्थान का उपयोग करता है।

      GIS में जानकारी डालने को डेटा कैप्चर कहा जाता है। डेटा जो पहले से ही डिजिटल रूप में हैं, जैसे कि उपग्रहों द्वारा ली गई अधिकांश टेबल्‍स और इमेजेज, बस GIS में अपलोड की जा सकती हैं। हालाँकि, मैप्स को पहले स्कैन या डिजिटल फॉर्मेट में कन्‍वर्ट किया जाना चाहिए।

      दो प्रमुख प्रकार के GIS फ़ाइल फॉर्मेट raster और vector हैं। Raster फॉर्मेट सेल्‍स या पिक्सेल के ग्रिड हैं। Raster फॉर्मेट GIS डेटा को संग्रहीत करने के लिए उपयोगी होते हैं, जो अलग-अलग होते हैं, जैसे ऊंचाई या उपग्रह इमेजरी। वेक्टर फॉर्मेट बहुभुज हैं जो बिंदु (नोड्स) और लाइनों का उपयोग करते हैं। वेक्टर फॉर्मेट फर्म बॉर्डर जैसे स्कूल जिलों या सड़कों के साथ GIS डेटा संग्रहीत करने के लिए उपयोगी हैं।

       

       

       

       

       

       

       

       

      Concepts of GIS in Hindi

      GIS अवधारणाएं

      हम GIS के साथ क्या कर सकते हैं?

      GIS को समस्या को हल करने और निर्णय लेने की प्रक्रिया में टूल के रूप में और साथ ही स्थानिक वातावरण में डेटा के दृश्य के लिए उपयोग किया जा सकता है। भू-स्थानिक डेटा का विश्लेषण (1) सुविधाओं और संबंधों के स्थान को अन्य विशेषताओं के निर्धारण के लिए किया जा सकता है, (2) जहां किसी विशेषता का सबसे अधिक और / या कम से कम अस्तित्व है, (3) दिए गए स्थान में सुविधाओं का घनत्व, (4) Area Of Interest (AOI) के अंदर क्या हो रहा है, (5) कुछ सुविधा या घटना के पास क्या हो रहा है, और (6) और समय के साथ एक विशिष्ट क्षेत्र कैसे बदल गया है (और किस तरीके से)।

       

       

       

       

       

       

       

       

      1) मैपिंग जहां चीजें हैं

      GIS Full Form : जीआईएस क्‍या है GIS Hindi में

      हम वास्तविक दुनिया की विशेषताओं के स्थानिक स्थान को मैप कर सकते हैं और उनके बीच के स्थानिक रिश्तों की कल्पना कर सकते हैं। उदाहरण: नीचे हम विस्कॉन्सिन में फ्राक रेत खदान स्थानों और बलुआ पत्थर क्षेत्रों का नक्शा देखते हैं। हम डेटा में दृश्य पैटर्न देख सकते हैं यह निर्धारित करके कि एक विशिष्ट प्रकार के भूविज्ञान वाले क्षेत्र में फ़्रेक रेत खनन गतिविधि होती है।

       

       

       

       

       

       

       

       

      2) मात्राओं का मैपिंग

      GIS Full Form : जीआईएस क्‍या है GIS Hindi में

      लोग मात्राओं को मैप करते हैं, जैसे कि सबसे अधिक और सबसे कम जगह, उन स्थानों को खोजने के लिए जो उनके मानदंडों को पूरा करती हैं या स्थानों के बीच संबंधों को देखने के लिए।

      उदाहरण: नीचे विस्कॉन्सिन में कब्रिस्तान स्थानों का एक नक्शा है। नक्शा कब्रिस्तान स्थानों को डॉट्स (डॉट घनत्व) के रूप में दिखाता है और प्रत्येक काउंटी को यह दिखाने के लिए रंग कोडित किया जाता है कि सबसे अधिक और सबसे कम कहाँ हैं (हल्का नीला का मतलब कम कब्रिस्तान)।

       

       

       

       

       

       

       

      3) घनत्व का मैपिंग

      GIS Full Form : जीआईएस क्‍या है GIS Hindi में

      कभी-कभी सांद्रता, या क्षेत्र या कुल संख्या द्वारा सामान्य की गई मात्रा को मैप करना अधिक महत्वपूर्ण होता है। उदाहरण: नीचे हमने मैनहट्टन के जनसंख्या घनत्व का मैपिंग किया है (कुल जनसंख्या जनगणना क्षेत्रों के वर्ग मील में क्षेत्र द्वारा सामान्यीकृत है।)

       

      4) जो अंदर है उसे खोजना

      GIS Full Form : जीआईएस क्‍या है GIS Hindi में

      हम GIS का उपयोग यह निर्धारित करने के लिए कर सकते हैं कि क्या हो रहा है या किसी विशिष्ट क्षेत्र / क्षेत्र के अंदर क्या विशेषताएं स्थित हैं। हम रुचि के एक क्षेत्र को परिभाषित करने के लिए विशिष्ट मानदंड बनाकर “अंदर” की विशेषताओं को निर्धारित कर सकते हैं। उदाहरण: नीचे एक नक्शा है जो बाढ़ की घटना और बाढ़ में कर पार्सल और इमारतों को दर्शाता है। हम सीएलआईपी जैसे उपकरणों का उपयोग यह निर्धारित करने के लिए कर सकते हैं कि कौन से पार्सल बाढ़ की घटना के अंदर आते हैं। इसके अलावा, हम संपत्ति के नुकसान की संभावित लागतों को निर्धारित करने के लिए पार्सल की विशेषताओं का उपयोग कर सकते हैं।

       

       

       

       

       

       

       

       

      ५) जो आस-पास है उसे ढूंढना

      GIS Full Form : जीआईएस क्‍या है GIS Hindi में

      हम यह पता लगा सकते हैं कि फ़ीचर या ईवेंट के एक निश्चित दूरी के भीतर क्या हो रहा है, मैपिंग द्वारा क्या आस-पास है, जैसे कि जियोप्रोसेसिंग टूल का उपयोग करके। उदाहरण: नीचे हम सिटी ऑफ़ मैडिसन, WI में एक केंद्रीय स्थान से ड्राइव समय का नक्शा देखते हैं। हम सड़कों को एक नेटवर्क के रूप में उपयोग कर सकते हैं और यह निर्धारित करने के लिए गति सीमा और प्रतिच्छेदन नियंत्रण जैसे विशिष्ट मानदंड जोड़ सकते हैं कि ड्राइवर आमतौर पर 5, 10, या 15 मिनट में कितना दूर हो सकता है। (UW एक्सटेंशन के मैप सौजन्य से)

       

      6) परिवर्तन का मैपिंग

      GIS Full Form : जीआईएस क्‍या है GIS Hindi में

      हम भविष्य की परिस्थितियों का अनुमान लगाने, कार्रवाई के एक कोर्स पर निर्णय लेने या किसी कार्रवाई या नीति के परिणामों का मूल्यांकन करने के लिए एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में परिवर्तन का नक्शा बना सकते हैं। उदाहरण: नीचे हम 1951 से 1999 तक आवासीय विकास में परिवर्तन दिखाते हुए बार्नस्टेबल, एमए के भूमि उपयोग मानचित्रों को देखते हैं। गहरे हरे रंग का जंगल दिखाता है, जबकि चमकदार पीले आवासीय विकास को दर्शाता है। इस तरह के एप्लिकेशन समुदाय नियोजन प्रक्रियाओं और नीतियों को सूचित करने में मदद कर सकते हैं।

       

       

       

       

       

       

       

       

      Spatial Relationships of GIS in Hindi

      स्थानिक रिश्ते

      GIS प्रौद्योगिकी का उपयोग स्थानिक संबंधों और रैखिक नेटवर्क को प्रदर्शित करने के लिए किया जा सकता है। स्थानिक संबंध कृषि क्षेत्र और धाराओं जैसे स्थलाकृति प्रदर्शित कर सकते हैं। वे भूमि-उपयोग पैटर्न भी प्रदर्शित कर सकते हैं, जैसे कि पार्क और आवास परिसरों का स्थान।

      लीनियर नेटवर्क, जिसे कभी-कभी ज्यामितीय नेटवर्क कहा जाता है, को अक्सर GIS में सड़कों, नदियों और सार्वजनिक उपयोगिता ग्रिड द्वारा दर्शाया जाता है। मैप पर एक पंक्ति सड़क या राजमार्ग का संकेत दे सकती है। GIS परतों के साथ, हालांकि, यह सड़क स्कूल जिले, सार्वजनिक पार्क, या अन्य जनसांख्यिकीय या भूमि-उपयोग क्षेत्र की सीमा का संकेत दे सकती है। विविध डेटा कैप्चर का उपयोग करके, विभिन्न सहायक नदियों के प्रवाह प्रवाह को इंगित करने के लिए एक नदी के लीनियर नेटवर्क को GIS पर मैप किया जा सकता है।

      GIS को सभी विभिन्न मानचित्रों और स्रोतों से जानकारी को संरेखित करना चाहिए, इसलिए वे एक ही पैमाने पर एक साथ फिट होते हैं। एक पैमाना एक मैप पर दूरी और पृथ्वी पर वास्तविक दूरी के बीच का संबंध है।

      अक्सर, GIS को डेटा में हेरफेर करना होगा क्योंकि विभिन्न मैप्‍स में अलग-अलग अनुमान हैं। एक प्रक्षेपण पृथ्वी की घुमावदार सतह से कागज या कंप्यूटर स्क्रीन के एक फ्लैट टुकड़े में जानकारी स्थानांतरित करने की मेथड है।

      विभिन्न प्रकार के अनुमान अलग-अलग तरीकों से इस कार्य को पूरा करते हैं, लेकिन सभी में कुछ विकृति होती है। एक घुमावदार सतह को स्थानांतरित करने के लिए, समतल सतह पर तीन आयामी आकार अनिवार्य रूप से कुछ हिस्सों को खींचने और दूसरों को निचोड़ने की आवश्यकता होती है।

      एक विश्व मैप या तो देशों के सही साइज या उनके सही शेप को दिखा सकता है, लेकिन यह दोनों नहीं कर सकता। GIS उन मैप्‍स से डेटा लेता है जो अलग-अलग अनुमानों का उपयोग करके बनाए गए थे और उन्हें जोड़ती है इसलिए सभी सूचनाओं को एक सामान्य प्रक्षेपण का उपयोग करके प्रदर्शित किया जा सकता है।

       

       

       

       

       

       

       

       

       

      GIS Maps

      एक बार सभी वांछित डेटा को GIS सिस्टम में दर्ज कर लिया गया, तो उन्हें विभिन्न प्रकार के व्यक्तिगत नक्शे बनाने के लिए जोड़ा जा सकता है, जिसके आधार पर डेटा लेयर शामिल हैं। GIS प्रौद्योगिकी के सबसे आम उपयोगों में से एक मानव गतिविधि के साथ प्राकृतिक विशेषताओं की तुलना करना शामिल है।

      उदाहरण के लिए, GIS नक्शे प्रदर्शित कर सकते हैं कि मानव निर्मित विशेषताएं कुछ प्राकृतिक विशेषताओं के पास हैं, जैसे कि घरों और व्यवसायों में बाढ़ का खतरा होता है।

      GIS तकनीक उपयोगकर्ताओं को कई प्रकार की जानकारी के साथ एक विशिष्ट क्षेत्र में “गहरी खुदाई” करने की अनुमति देती है। किसी एक शहर या पड़ोस के मैप औसत आय, पुस्तक बिक्री या मतदान पैटर्न जैसी जानकारी से संबंधित हो सकते हैं। किसी भी GIS डेटा लेयर को उसी नक्शे में जोड़ा या घटाया जा सकता है।

      GIS नक्शे का उपयोग संख्या और घनत्व के बारे में जानकारी दिखाने के लिए किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, GIS दिखा सकता है कि क्षेत्र की आबादी की तुलना में पड़ोस में कितने डॉक्टर हैं।

      GIS तकनीक के साथ, शोधकर्ता समय के साथ बदलाव को भी देख सकते हैं। वे ध्रुवीय क्षेत्रों में बर्फ के आवरण की अग्रिम और वापसी जैसे विषयों का अध्ययन करने के लिए उपग्रह डेटा का उपयोग कर सकते हैं, और यह कि समय के साथ कवरेज कैसे बदल गया है। अधिकारियों को असाइन करने के लिए यह निर्धारित करने में मदद करने के लिए एक पुलिस उपसर्ग अपराध डेटा में परिवर्तन का अध्ययन कर सकता है।

      टाइम-बेस GIS प्रौद्योगिकी का एक महत्वपूर्ण उपयोग टाइम- लैप्स फोटोग्राफी बनाना शामिल है जो बड़े क्षेत्रों और लंबे समय तक होने वाली प्रक्रियाओं को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, समुद्र या वायु धाराओं में द्रव की गति को दर्शाने वाले डेटा से वैज्ञानिकों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलती है कि दुनिया भर में नमी और गर्मी ऊर्जा कैसे चलती है।

      GIS तकनीक कभी-कभी उपयोगकर्ताओं को मैप पर विशिष्ट क्षेत्रों के बारे में अधिक जानकारी तक पहुंचने की अनुमति देती है। एक व्यक्ति उस स्थान के बारे में GIS में संग्रहीत अन्य जानकारी खोजने के लिए एक डिजिटल मैप पर एक स्पॉट को इंगित कर सकता है। उदाहरण के लिए, एक उपयोगकर्ता एक स्कूल पर क्लिक करके यह पता लगा सकता है कि कितने छात्र नामांकित हैं, कितने छात्र प्रति शिक्षक हैं, या स्कूल में कौन सी खेल सुविधाएँ हैं।

      GIS सिस्टम का उपयोग अक्सर तीन आयामी इमेजेज का उत्पादन करने के लिए किया जाता है। यह उपयोगी है, उदाहरण के लिए, भूकंप दोषों का अध्ययन करने वाले भूवैज्ञानिकों के लिए।

      GIS तकनीक मैन्युअल रूप से बनाए गए नक्शे को अपडेट करने की तुलना में मैप्‍स को अपडेट करना बहुत आसान बनाती है। अपडेट किए गए डेटा को केवल मौजूदा GIS प्रोग्राम में जोड़ा जा सकता है। फिर एक नया नक्शा स्क्रीन पर प्रिंट या डिस्‍प्‍ले किया जा सकता है। यह नक्शा खींचने की पारंपरिक प्रक्रिया को छोड़ देता है, जो समय लेने वाली और महंगी हो सकती है।

       

      GIS Jobs

      कई अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोग GIS तकनीक का उपयोग करते हैं। GIS प्रौद्योगिकी का उपयोग वैज्ञानिक जांच, संसाधन प्रबंधन और विकास योजना के लिए किया जा सकता है।

      कई खुदरा व्यवसाय एक नए स्टोर का पता लगाने में उन्हें निर्धारित करने में मदद करने के लिए GIS का उपयोग करते हैं। मार्केटिंग कंपनियां GIS का उपयोग यह तय करने के लिए करती हैं कि बाजार के स्टोर और रेस्तरां को किसके पास जाना चाहिए और यह मार्केटिंग कहां होनी चाहिए।

      पीने के पानी जैसे संसाधनों के लिए जनसंख्या के आंकड़ों की तुलना करने के लिए वैज्ञानिक GIS का उपयोग करते हैं। जीवविज्ञानी पशु-प्रवास पैटर्न को ट्रैक करने के लिए GIS का उपयोग करते हैं।

      शहर, राज्य या संघीय अधिकारी भूकंप या तूफान जैसी प्राकृतिक आपदा के मामले में अपनी प्रतिक्रिया की योजना बनाने में मदद करने के लिए GIS का उपयोग करते हैं। GIS नक्शे इन अधिकारियों को दिखा सकते हैं कि पड़ोस क्या खतरे में हैं, जहां आपातकालीन आश्रयों का पता लगाना है, और लोगों को सुरक्षा तक पहुंचने के लिए कौन से मार्ग अपनाने चाहिए।

      इंजीनियर GIS प्रौद्योगिकी का उपयोग हमारे द्वारा उपयोग किए जाने वाले फोन के लिए संचार नेटवर्क के डिजाइन, कार्यान्वयन और प्रबंधन का समर्थन करने के लिए करते हैं, साथ ही साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचा भी। अन्य इंजीनियर सड़क नेटवर्क और परिवहन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए GIS का उपयोग कर सकते हैं।

      GIS तकनीक का उपयोग करके जिस तरह की जानकारी का विश्लेषण किया जा सकता है, उसकी कोई सीमा नहीं है।

       

       

       

       

       

       

       

       

      GIS software

      कई GIS सॉफ्टवेयर एप्‍लीकेशन उपलब्ध हैं – दोनों वाणिज्यिक और खुले स्रोत। दो लोकप्रिय एप्लिकेशन ArcGIS और QGIS हैं।

      1) ArcGIS

      एक लोकप्रिय कमर्शियल GIS सॉफ्टवेयर ESRI (ESRI, उच्चारण ईज़-री) द्वारा विकसित आर्किस है, एक बार एक छोटा-भू-उपयोग परामर्श फर्म था, जिसने 1970 के दशक के मध्य तक GIS सॉफ्टवेयर विकसित करना शुरू नहीं किया था। ArcGIS डेस्कटॉप वातावरण में ऐप्लिकेशन्स का एक सूट शामिल है, जिसमें ArcMap, ArcCatalog, ArcScene और ArcGlobe शामिल हैं। ArcGIS तीन अलग-अलग लाइसेंस स्तरों (basic, standard और advanced) में आता है और इसे अतिरिक्त ऐड-ऑन पैकेज के साथ खरीदा जा सकता है।

      जैसे, एक सिंगल लाइसेंस कुछ हजार डॉलर से लेकर दस हजार डॉलर तक हो सकता है। सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग लागत के अलावा, आर्कगिस केवल विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए उपलब्ध है; इसलिए यदि आपका कार्यस्थल केवल मैक का वातावरण है, तो विंडोज पीसी की खरीद खर्च में इजाफा करेगी।

       

       

       

       

       

       

       

       

      2) QGIS

      एक बहुत ही सक्षम ओपन सोर्स (मुक्त) GIS सॉफ्टवेयर QGIS है। यह ArcGIS में शामिल अधिकांश कार्यक्षमता को समाहित करता है। यदि आप अपने मैक या लिनक्स वातावरण के लिए एक GIS एप्‍लीकेशन की तलाश कर रहे हैं, तो QGIS एक शानदार विकल्प है जो इसके मल्‍टी-प्‍लैटफॉर्म सपोर्ट को देखते हुए है। QGIS के वर्तमान संस्करणों में निर्मित एक अन्य ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर से कार्य हैं: GRASS। GRASS 1980 के दशक के बाद से है और इसमें कई उन्नत GIS डेटा हेरफेर कार्य हैं, हालांकि, इसका उपयोग QGIS या ArcGIS (इसलिए पसंदीदा QGIS विकल्प) की तरह सहज नहीं है।

       

       

       

       

       

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      फ़ायरवॉल क्या है Firewall in Hindi में

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      What is Firewall in Hindi? फ़ायरवॉल क्या है?कम्प्यूटिंग में, फ़ायरवॉल एक नेटवर्क सिक्युरिटी सिस्‍टम है जो पूर्वनिर्धारित सिक्युरिटी नियमों के आधार पर इनकमिंग और आउटगोइंग नेटवर्क ट्रैफ़िक को मॉनिटर करता है और कंट्रोल करता है।फ़ायरवॉल आमतौर पर एक विश्वसनीय इंटरनल नेटवर्क और अविश्वसनीय एक्‍सटर्नल नेटवर्क के बीच एक बैरियर एस्टैब्लिश करता है, जैसे कि इंटरनेट।फ़ायरवॉल का मुख्य उद्देश्य कम सुरक्षित एरिया से एक सुरक्षित एरिया को अलग करना और दोनो के बीच कम्‍यूनिकेशन को कंट्रोल करना है।

       

       

       

       

       

       

       

       

       

       

       

       

      फ़ायरवॉल एक मशीन से पूरे नेटवर्क तक किसी भी चीज़ के इनबाउंड और आउटबाउंड कम्‍यूनिकेशन को कंट्राल भी करता है।

      फ़ायरवॉल हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर या दोनों का कॉम्बिनेशन हो सकता है।

      फ़ायरवॉल का उपयोग अक्सर अनधिकृत इंटरनेट यूजर्स को इंटरनेट से कनेक्‍ट प्राइवेट नेटवर्क के एक्‍सेस को रोकने के लिए किया जाता है। सभी डेटा जो फ़ायरवॉल के माध्यम से इंट्रानेट पास में एंट्री करते हैं या बाहर जाते हैं, उसके प्रत्येक पैकेट को चेक किया जाता है और जो सिक्‍युरिटी क्राइटेरिया को पूरा नहीं करते उन्‍हे ब्‍लॉक किया जाता हैं।

      आम तौर पर, फ़ायरवॉल को बाहर की दुनिया से अनधिकृत इंटरैक्टिव लॉगिन से बचाने के लिए कॉन्फ़िगर किया जाता है। यह आपके नेटवर्क के मशीनों में प्रवेश करने से हैकर्स को रोकने में मदद करता है। अधिक सोफिस्टिकेटेड फ़ायरवॉल, बाहर से अंदर आने वाली ट्रैफिक को ब्‍लॉक कर देते हैं, लेकिन अंदर के यूजर को बाहर की तरफ से और अधिक आसानी से कम्‍युनिकेशन करने की अनुमति देता है।

       

       

       

      फ़ायरवॉल क्या है Firewall in Hindi में

       

       

       

       

      Advantages of Firewalls in Hindi:

      फ़ायरवॉल के फायदे:

      1) ट्रैफिक को मॉनिटर करता हैं:

      फ़ायरवॉल आपके कंप्यूटर नेटवर्क में प्रवेश कर रहे सभी ट्रैफ़िक पर नज़र रखता है। एक दो-तरफा फ़ायरवॉल डबल ड्यूटी करता है और नेटवर्क से बाहर जाने वाली ट्रैफ़िक पर भी नज़र रखता है।

      नेटवर्क पर इनफॉर्मेशन पैकेट में भेजी जाती है। इन पैकेट को फ़ायरवॉल चेक करता हैं और यह तय करता हैं, कि कहीं इसमें संभावित खतरनाक कुछ तो नहीं है।

       

      2) ट्रोजन्स को ब्लॉक करता हैं:

      फ़ायरवॉल ट्रोजन हॉर्स को ब्लॉक करने में सहायता करता है। इन प्रकार के घुसपैठिए आपके कंप्यूटर कि फ़ाइलों के साथ चिपक जाते हैं, और फिर जब आप वह फाइल भेजते हैं, तो वे डेस्टिनेशन पर और अधिक नुकसान करते हैं।

      ट्रोजन विशेष रूप से खतरनाक होते हैं क्योंकि वे चुपचाप ट्रांसमिट होते हैं। जब तक अजीब बातें आपके कंप्यूटर पर नहीं हो जाती हैं तब तक आप उनकी उपस्थिति से अनजान होते हैं।

      फ़ायरवॉल उन्हें रोक सकता है, इससे पहले कि वे आपके कंप्यूटर को इन्फेक्ट करें।

       

      3) हैकर्स रोकता है:

      फ़ायरवॉल होने से हैकर्स आपके नेटवर्क से बाहर रहते है। फ़ायरवॉल सिक्‍युरिटी के बिना, हैकर आपके कंप्यूटर को आसानी से हैक कर सकता है या वायरस फैला सकता हैं।

       

       

       

       

       

       

       

       

       

       

      4) अनधिकृत रिमोट एक्सेस से सुरक्षा करता है

      आपके कंप्यूटर पर होने वाली सबसे खराब चीजों में से एक है अनधिकृत हैकर्स द्वारा आपके नेटवर्क या पीसी का रिमोट एक्‍सेस। फ़ायरवॉल इन सभी अनधिकृत रिमोट एक्सेस को रोकता हैं।

       

      History of Firewalls in Hindi:

      फ़ायरवॉल का इतिहास:

      फायरफाइटिंग और फायर की रोकथाम लिए किए जाने वाला शब्‍द फ़ायरवॉल को कंप्यूटर सिक्‍युरिटी ने उधार लिया हैं।

       

      पहली पीढ़ी: पैकेट फिल्टर

      नेटवर्क फायरवॉल के पहले रिपोर्ट किए गए प्रकार को पैकेट फिल्टर कहा जाता है। पैकेट फिल्टर नेटवर्क एड्रेस और पैकेट के पोर्ट को यह निर्धारित करने के लिए चेक किया जाता हैं कि उन्हें अनुमति दि जानी चाहिए, या ड्रॉप या रिजेक्‍ट कीया जाना चाहिए।

      फ़ायरवॉल टेक्नोलॉजी पर पहला पेपर 1988 में प्रकाशित हुआ था, जब Digital Equipment Corporation (DEC) के इंजीनियरों ने फिल्टर सिस्‍टम को डेवलप किया जिसे पैकेट फिल्टर फ़ायरवॉल के रूप में जाना गया।

       

       

       

       

       

       

       

      यह काफी बेसिक सिस्‍टम थी जिसमें बाद में टेक्निकल इंटरनेट सिक्‍युरिटी के फीचर्स को एड किए गए।

      पैकेट फिल्टर, इंटरनेट पर कंप्यूटर के बीच ट्रांसफर हो रहे पैकेट को इन्स्पेक्ट करके कार्य करते हैं। जब कोई पैकेट, पैकेट फिल्टर के नियमों के सेट से मेल नहीं खाता, तो उस पैकेट फ़िल्टर को या तो ड्रॉप किया जाता है या पैकेट को रिजेक्‍ट किया जाता है।

      इसके विपरीत, जब कोई पैकेट एक या अधिक प्रोग्राम फ़िल्टर नियमों से मेल खाता है, तो इसे पास करने की अनुमति देता है।

      पैकेट फ़िल्टर को डिफाइन किए गए एलिमेंट्स में पैकेट सोर्स और डेस्टिनेशन एड्रेस, प्रोटोकॉल और सोर्स और डेस्टिनेशन के पोर्ट शामिल होते हैं।

       

       

       

       

       

       

       

       

       

      दूसरी पीढ़ी: “स्टेटफुल” फिल्टर

      सन 1989–1990 में एटी एंड टी बेल लेबोरेटरीज के तीन सहयोगियों, डेव प्रेस्तो, जनार्दन शर्मा और क्षितिज निगम ने फायरवॉल की दूसरी पीढ़ी डेवलप की, जिसे सर्किट-लेयर गेटवे कहा जाता हैं।

      दूसरी -पीढ़ी के फायरवॉल अपनी पहली पीढ़ी के पूर्वजों कि तरह काम करते हैं लेकिन OSI Model की लेयर 4 (ट्रांसपोर्ट लेयर) तक काम करते हैं।

      इसमें पैकेट को तब तक रिटेन किया जाता है, जब तक इसकी स्थिति के बारे में फैसला करने के लिए पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं हो जाती।

      स्टेटफेट पैकेट इन्स्पेक्शन के रूप में जाना जाता है, यह उसके माध्यम से गुजरने वाले सभी कनेक्शनों को रिकॉर्ड करता है और निर्धारित करता है कि क्या कोई पैकेट किसी नए कनेक्शन की शुरुआत है, किसी मौजूदा कनेक्शन का एक हिस्सा है या किसी भी कनेक्शन का हिस्सा नहीं है।

      हालांकि स्‍टैटिक नियम अभी भी उपयोग किए जाते हैं, इन नियमों में अब कनेक्‍शन टेस्‍ट शामिल किया गया हैं।

       

       

       

       

       

       

       

       

       

      तीसरी पीढ़ी: एप्लीकेशन लेयर

      मार्कस रानम, वी जू, और पीटर चर्चियर्ड ने एप्लीकेशन फ़ायरवॉल को डेवलप किया, जिसे Firewall Toolkit (FWTK) के रूप में जाना गया।

      जून 1994 में, वी जू ने IP फ़िल्टर और सॉकेट में वृद्धि कर FWTK को एक्‍सटेंड दिया। इसे पहले ट्रांसपेरेंट ऐप्‍लीकेशन फ़ायरवॉल के Gauntlet firewall के कमर्शियल प्रॉडक्‍ट के रूप में रिलिज किया गया। 1995-1998 के दौरान Gauntlet firewall सबसे टॉप के फ़ायरवॉल में से था।

      ऐप्‍लीकेशन फ़ायरवॉल के फ़िल्टरिंग का प्रमुख लाभ यह था कि यह कुछ ऐप्‍लीकेशन और प्रोटोकॉल (जैसे कि फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल (एफ़टीपी), डोमेन नेम सिस्टम (डीएनएस), या हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल (एचटीटीपी)) को “समझ” सकता था।

      यह बहुत उपयोगी है क्योंकि यह पता लगा सकता है कि अगर कोई अनचाहा ऐप्‍लीकेशन या सर्विस किसी अनुमति वाले पोर्ट पर प्रोटोकॉल का उपयोग करके फ़ायरवॉल को बायपास करने का प्रयास कर रही है, या यह पता लगा सकता है कि किसी भी हानिकारक तरीके से प्रोटोकॉल का दुरुपयोग किया जा रहा है या नहीं।

       

       

       

       

       

       

       

       

      Types of Firewalls in Hindi:

      फायरवॉल के प्रकार:

      1) Proxy firewall:

      प्रॉक्सी फ़ायरवॉल:

      Proxy Server या फ़ायरवॉल क्‍या हैं इसके बारें में अधिक जानकारी के लिए पिछला पोस्‍ट देखें।

      2) Stateful Inspection Firewall:

      अब एक “पारंपरिक” फ़ायरवॉल के रूप में सोचा गया है, Stateful Inspection Firewall स्‍टेट, पोर्ट, और प्रोटोकॉल पर आधारित ट्रैफिक को ब्‍लॉक या अनुमति देता है।

      यह कनेक्शन ओपन होने के बाद बंद होने तक सभी एक्टिविटी पर नज़र रखता है। फ़िल्टरिंग निर्णय दोनों एडमिनिस्‍ट्रेटर डिफाइन रुल्‍स और संदर्भ के आधार पर किए जाते हैं, जो पिछले कनेक्शन और उसी कनेक्शन से संबंधित पैकेट से जानकारी का उपयोग करने के लिए रेफर करता है।

       

       

       

       

       

       

       

       

      3) Unified Threat Management (UTM) Firewall:

      एक UTM डिवाइस में आम तौर पर Stateful Inspection Firewall को इन्ट्रूश़न प्रिवेंशन और एंटिवायरस से जोड़ता हैं। इसमें अतिरिक्त सर्विसेस और क्‍लाउड मैनेजमेंट भी शामिल हो सकता हैं। UTM का मुख्‍य फोकस सरलता और उपयोग के लिए आसानी पर होता है।

       

      4) Next-generation Firewall (NGFW):

      यह फायरवॉल सरल पैकेट फिल्टरिंग और स्टेटफुल इंस्पेक्शन से परे डेवलप हुआ है। अधिकांश कंपनियां अगली पीढ़ी के फायरवॉल को इंस्‍टॉल कर रही हैं, ताकि आधुनिक मैलवेयर और एप्लिकेशन-लेयर हमलों को रोका जा सके।

       

       

       

       

       

       

       

      What is Firewall Hindi में!

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      Ping क्या है क्यों महत्वपूर्ण है Hindi में

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      What is Ping in Hindi पिंग क्या है:पिंग एक यूटिलिटी है यह वेरिफाइ करने के लिए कि नेटवर्क डेटा पैकेट एरर के बिना एक एड्रेस पर डिस्ट्रिब्यूट करने में सक्षम है या नहीं। पिंग यूटिलिटी सामान्यतः नेटवर्क एरर को चेक करने के लिए उपयोग की जाती है।Ping Meaning In Hindi:Ping Meaning In Hindi – Ping का मतलब ध्‍वनी का स्‍पंदन।कंप्यूटर नेटवर्किंग में, ping एक इको-रिक्‍वेस्‍ट पैकेट (IP एड्रेस या होस्‍टनेम को) भेजने के लिए एक विशिष्ट मेथड है, जो यह निर्धारित करती हैं कि क्या नेटवर्क पर कोई अन्य कंप्यूटर ऑपरेशनल हैं और इसके लिए यह एको रिप्‍लाइ का उपयोग करता है। इसके साथ ही ट्रांसफर हो रहे डेटा का स्‍पीड काउंट करने के लिए भी इसका इस्‍तेमाल किया जाता हैं।

       

       

       

       

       

       

       

       

      पिंग एक स्‍टैंडर्ड सॉफ़्टवेयर यूटिलिटी का नाम है जो नेटवर्क कनेक्शन को टेस्‍ट करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग यह निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है कि कोई कंप्‍यूटर या नोड या रिमोट डिवाइस- जैसे कि कोई वेबसाइट या गेम सर्वर नेटवर्क पर एक्‍सेस है और यदि ऐसा है, तो कनेक्शन कि विलंबता कितनी हैं।

      एक पिंग यूटिलिटी लोकल क्लाइंट से TCP/IP नेटवर्क कनेक्शन पर एक रिमोट टार्गेट तक टेस्‍ट मैसेज भेजती है। टार्गेट एक वेब साइट, एक कंप्यूटर या कोई भी नोड हो सकता हैं जिसका एक IP address हो सकता है।

      Ping टेस्ट यह निर्धारित करती है कि आपका क्लाइंट (कंप्यूटर, Server या अन्‍य डिवाइस) किसी नेटवर्क पर किसी अन्य डिवाइस के साथ कम्‍यूनिकेशन कर सकता है या नहीं।

      यह तय करने के अलावा कि रिमोट कंप्यूटर अभी ऑनलाइन है, ping जनरल स्‍पीड या नेटवर्क कनेक्शन की विश्वसनीयता के संकेतक प्रदान करता है।

      नोट: पिंग टेस्ट इंटरनेट स्पीड टेस्ट जैसा नहीं हैं, जो यह तय करता है कि आपका इंटरनेट कनेक्शन एक विशिष्ट वेबसाइट के लिए कितना फास्‍ट है।

       

       

       

       

       

       

       

      Ping क्या है क्यों महत्वपूर्ण है Hindi में

       

       

       

       

       

       

      Ping यह टेस्‍ट करने के लिए अधिक उपयुक्त है कि कनेक्शन बनाया जा सकता है या नहीं, कनेक्शन कितना फास्‍ट है।

       

      How Ping Tests Work

      पिंग टेस्ट कैसे काम करता है:

      Ping, रिक्‍वेस्‍ट करने और रिस्‍पॉंस हैंडल करने के लिए Internet Control Message Protocol (ICMP) का इस्‍तेमाल करता करता है।

      Ping test स्‍टार्ट करने पर लोकल डिवाइस से ICMP मैसेज रिमोट को भेज जाता है। रिसिवर डिवाइस ICMP पिंग इनकमिंग मैसेज को पहचानता है और ICMP पिंग रिक्‍वेस्‍ट को रिप्‍लाई देता हैं।

      रिक्‍वेस्‍ट भेजने और लोकल डिवाइस से रिप्‍लाई प्राप्त करने के दौरान बीत गए समय को पिंग टाइम कलेक्‍ट करता है।

       

       

       

       

       

       

       

       

      How to Ping Networked Devices

      नेटवर्किंग डिवाइस कैसे पिंग करें

      विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में, पिंग कमांड का उपयोग पिंग टेस्ट रन करने के लिए किया जाता है। यह सिस्टम में इन-बिल्‍ट है और कमांड प्रॉम्प्ट के माध्यम से इसे एक्सिक्‍यूट किया जाता है। हालांकि, अन्‍य वैकल्पिक यूटिलिटीज डाउनलोड के लिए फ्री में भी उपलब्ध हैं।

      जिस डिवाइस को पिंग करना हैं, उसका IP एड्रेस या होस्‍टनेम पता होना चाहिए। सामान्यत: IP एड्रेस का इस्तेमाल DNS के साथ इश्यूज से बचने के लिए किया जाता है (यदि DNS होस्‍ट से सही IP एड्रेस को नहीं खोजता, तो यह समस्या DNS सर्वर के साथ हो सकती है और जरूरी नहीं कि डिवाइस के साथ हो)

       

       

       

       

       

       

       

       

       

      Ping Command in Hindi

      To Ping A Computer By IP Address

      आईपी ​​एड्रेस द्वारा कंप्यूटर को पिंग करने के लिए-

      कमांड प्रॉम्प्ट ओपन करें और ping के आगे IP एड्रेस टाइप करें।

      Enter किज प्रेस करें।

      उदाहरण –

      192.168.0.1 आईपी एड्रेस वाले राउटर के लिए पिंग टेस्ट रन करने के लिए विंडोज कमांड इस प्रकार होगी :

      ping 192.168.0.1

       

       

       

       

       

       

       

       

      एक वेबसाइट को पिंग करने के लिए सिन्‍टेक्‍स इस प्रकार का होगा:

      ping itkhoj.com

       

      How to Read a Ping Test

      ऊपर से उदाहरण का रिजल्‍ट इस तरह का होगा-

      उदाहरण के लिए, मैं यहां 192.168.0.1 आईपी एड्रेस को पिंग करने जा रहा हूं, जिसका रिजल्‍ट इस प्रकार का होगा –

       

       

       

       

       

       

       

      Ping Hindi

       

       

       

       

       

       

      Ping रिजल्‍ट के परिणामों की व्याख्या:

      इस रिजल्‍ट में विशिष्ट पिंग सेशन का रिप्‍लाई हैं, जिसमें नेटवर्क का कोई भी एरर नहीं हैं।

      Reply from:

      डिफ़ॉल्ट रूप से, माइक्रोसॉफ्ट विंडोज में एड्रेस पर पिंग कमांड चार मैसेज की एक सिरिज भेजता हैं।

      प्रोग्राम का आउटपूट हर एक प्राप्‍त मैसेज का रिस्‍पॉंस होता हैं, जो टार्गेट कंप्‍यूटर से आता हैं।

       

      Bytes:

      प्रत्येक पिंग रिक्‍वेस्‍ट डिफ़ॉल्ट रूप से 32 बाइट साइज का होता है।

       

      Time:

      रिक्‍वेस्‍ट भेजने और रिस्‍पॉंस प्राप्‍त करने के बीच के समय (मिलीसेकंड में) का Ping रिपोर्ट।

       

       

       

       

       

       

       

       

      TTL (Time-to-Live):

      1 और 128 कि वैल्‍यू, TTL टार्गेट तक पहुंचने से पहले पिंग मैसेज कितने अलग-अलग नेटवर्कों से गुजरता हैं इसका काउंट।

      128 नंबर इंडिकेट करता है कि डिवाइस लोकल नेटवर्क पर है, जिसमें से 0 अन्य नेटवर्क हैं।

       

      Ping Command Syntax in Hindi

      पिंग कमांड सिंटैक्स:

      पिंग कमांड में आप अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कई सिंटैक्स का उपयोग कर सकते हैं। चलो देखते हैं-

      -t

      यह टार्गेट को तब तक पिंग करता रहेगा जब तक आप इसे Ctrl-C से स्‍टॉप नहीं करते।

       

       

       

       

       

       

       

       

      -a

      यह पिंग कमांड ऑप्‍शन यदि संभव हो तो टार्गेट आईपी एड्रेस के होस्टनेम को रिजोल्‍व करेगा।

       

      -n

      यह ऑप्‍शन ICMP भेजने के लिए इको रिक्‍वेस्‍ट को 1 से 4294967295 तक सेट करता हैं। यदि आप –n का इस्‍तेमाल नहीं करते, तो डिफ़ॉल्ट रूप से 4 रिक्‍वेस्‍ट भेजे जाते हैं।

       

      -l

      यह ऑप्‍शन इको रिक्‍वेस्‍ट कि साइज जो बाइट्स में होती हैं, वह 32 से 65,527 बाइट सेट करने के लिए हैं।

      यदि आप -l ऑप्‍शन का उपयोग नहीं करते, तो पिंग कमांड डिफ़ॉल्ट रूप से 32-बाइट इको रिक्‍वेस्‍ट भेज देगा।

       

       

       

       

       

       

      Ping HindiPing In Hindi Ping Means In Hindi.What is Ping Command in Hindi. ping use kare ping kya hai ping use kare ping kya hai ping use kare ping kya hai  ping use kare 

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